एडवांस एग्रोलाइफ लि का इनिशियल पब्लिक ऑफर 30 सितंबर को खुलेगा,प्राइस बैंड 95 से 100 रु तय
जयपुर | एडवांस एग्रोलाइफ लि ने अपने पहले इनिशियल पब्लिक ऑफर के लिए प्राइस बैंड 95 से 100 रु प्रति शेयर तय किया है। इसकी फेस वैल्यू 10 रुपये है। कंपनी का यह इनिशियल पब्लिक ऑफर (आईपीओ ) 30 सितंबर 2025 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 3 अक्टूबर 2025 को बंद होगा। इनवेस्टर्स कम से कम 150 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, उसके बाद 150 के मल्टीपल में बोली लगाई जा सकती है।
उन्होंने बताया कि कंपनी अपने प्रोडक्ट्स को कॉर्पोरेट कस्टमर्स को सप्लाई करती है, जो उन्हें अपने ब्रांड नेम से मार्केट करते हैं और अपनी सेल्स स्ट्रैटजी यूज करते हैं। ये कस्टमर्स अपनी डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और मार्केट प्रेजेंस से इन एग्रोकेमिकल सॉल्यूशन्स को हर जगह पहुंचाते हैं। इसके जरिए कंपनी के प्रोडक्ट्स डाइवर्स रीजन के फार्मर्स और एग्रीकल्चरल बिजनेस को अच्छे से सर्व करते हैं, क्रॉप प्रोटेक्शन और ग्रोथ को बड़े स्केल पर सपोर्ट देते हैं। इसके कुछ बड़े कॉर्पोरेट कस्टमर्स में DCM श्रीराम लि, IFFCO MC क्रॉप साइंस प्रा लि,
उन्होंने बताया कि चॉइस कैपिटल एडवाइजर्स बुक-रनिंग लीड मैनेजर्स हैं, और कफिनटेक टेक्नोलॉजीज ऑफर का रजिस्ट्रार है। ऑफर बुक-बिल्डिंग प्रोसेस से हो रहा है, जिसमें नेट ऑफर का अधिकतम 50% क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स को, कम से कम 15% नॉन-इंस्टीट्यूशनल बिडर्स को और कम से कम 35% रिटेल इंडिविजुअल बिडर्स को अलॉट होगा।
आईपीओ में फ्रेश इश्यू के तहत 1 करोड़ 92 लाख 85 हजार 720 शेयर जारी होंगे। फ्रेश इश्यू से मिलने वाले 135 करोड़ रुपये का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए और जनरल कॉर्पोरेट कामों के लिए होगा। एडवांस एग्रोलाइफ लि के एम डी ओम प्रकाश चौधरी ने बताया कि 2002 में बनी ये कंपनी एक एग्रोकेमिकल कंपनी है, जो जयपुर के नजदीक बगरू indastrial एरिया में फसलों के पूरे लाइफ साइकिल को सपोर्ट करने वाले ढेर सारे एग्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स बनाती है।
इसके प्रोडक्ट्स मुख्य फसलों, सब्जियों और हॉर्टिकल्चरल क्रॉप्स की खेती के लिए डिजाइन किए गए हैं, जो भारत में दोनों एग्री-सीजन्स (खरीफ और रबी) में यूज होते हैं। 31 मार्च 2025 तक, कंपनी को अपने एग्रोकेमिकल्स के लिए 410 जेनेरिक रजिस्ट्रेशन मिल चुके हैं, जिनमें 380 फॉर्मूलेशन ग्रेड और 30 टेक्निकल ग्रेड के हैं। इसके मेन प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में इंसेक्टिसाइड्स, हर्बिसाइड्स, फंगिसाइड्स और प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर्स शामिल हैं। कंपनी माइक्रो-न्यूट्रिएंट फर्टिलाइजर्स और बायो फर्टिलाइजर्स जैसे दूसरे एग्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स भी बनाती है।
अभी तक कंपनी अपने इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज से टेक्निकल ग्रेड और फॉर्मूलेशन ग्रेड के एग्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स बनाती है। टेक्निकल ग्रेड का मतलब है एक्टिव इंग्रीडिएंट्स के रॉ, अनप्रोसेस्ड फॉर्म्स, जो पेस्टीसाइड्स, हर्बिसाइड्स, फंगिसाइड्स और फर्टिलाइजर्स बनाने में यूज होते हैं। फॉर्मूलेशन्स ग्रेड तो फिनिश्ड प्रोडक्ट्स हैं, जहां एक्टिव इंग्रीडिएंट्स को पेस्ट्स, वीड्स या प्लांट डिसीज को टारगेट करने के लिए एडिटिव्स के साथ मिलाया जाता है, ताकि परफॉर्मेंस, स्टेबिलिटी और यूजेबिलिटी बेहतर हो । इनको सटीक प्रोपोर्शन में ब्लेंड किया जाता है,
ताकि क्रॉप प्रोटेक्शन के लिए इफेक्टिव सॉल्यूशन्स मिलें। कम्पनी के सीनियर फाइनेंस मेनेजर सी ए राहुल शर्मा ने बताया कि कंपनी फॉर्मूलेशन ग्रेड एग्रोकेमिकल्स को वॉटर डिस्पर्सिबल ग्रैन्यूल्स , सस्पेंशन कॉन्सन्ट्रेट , इमल्सिफायबल कॉन्सन्ट्रेट , कैप्सूल सस्पेंशन, वेटेबल पाउडर जैसे विभिन्न फॉर्म्स में बनाती है। इसके प्रोडक्ट्स मुख्य रूप से देश में ही B2B बेस पर कॉर्पोरेट कस्टमर्स को डायरेक्ट सेल्स से बिकते हैं, खासकर 19 स्टेट्स और 2 यूनियन टेरिटरीज में। घरेलू मार्केट के अलावा, इसके प्रोडक्ट्स फिस्कल 2025, 2024 और 2023 में UAE, बांग्लादेश, चीन (हॉन्गकॉन्ग सहित), तुर्की, मिस्र, केन्या और नेपाल जैसे 7 देशों में एक्सपोर्ट होते हैं ।
उन्होंने बताया कि कंपनी अपने प्रोडक्ट्स को कॉर्पोरेट कस्टमर्स को सप्लाई करती है, जो उन्हें अपने ब्रांड नेम से मार्केट करते हैं और अपनी सेल्स स्ट्रैटजी यूज करते हैं। ये कस्टमर्स अपनी डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और मार्केट प्रेजेंस से इन एग्रोकेमिकल सॉल्यूशन्स को हर जगह पहुंचाते हैं। इसके जरिए कंपनी के प्रोडक्ट्स डाइवर्स रीजन के फार्मर्स और एग्रीकल्चरल बिजनेस को अच्छे से सर्व करते हैं, क्रॉप प्रोटेक्शन और ग्रोथ को बड़े स्केल पर सपोर्ट देते हैं। इसके कुछ बड़े कॉर्पोरेट कस्टमर्स में DCM श्रीराम लि, IFFCO MC क्रॉप साइंस प्रा लि,
इंडोगल्फ क्रॉपसाइंसेज लिमिटेड, मैनकाइंड एग्रीटेक प्राइवेट लिमिटेड, HPM केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड, ULink एग्रीटेक प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। फिस्कल 2025, 2024 और 2023 में कंपनी ने क्रमशः 849, 1,194 और 1,135 कॉर्पोरेट कस्टमर्स को सर्व किया। फिस्कल 2025 में कुल 849 कस्टमर्स में से 94 तो तीन साल से ज्यादा से जुड़े हुए हैं। कंपनी की लॉन्ग-टर्म पार्टनरशिप्स बनाए रखने की क्षमता उसके कंसिस्टेंट प्रोडक्ट क्वालिटी, कस्टमर-सेंट्रिक अप्रोच और एग्रोकेमिकल इंडस्ट्री में इनोवेशन के कमिटमेंट को दिखाती है। 2008 से अब तक कंपनी ने 2,33,197.06 टन एग्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स बनाए हैं।
शर्मा ने बताया कि अप्रैल 2024 में कंपनी ने अपनी सारी B2C मार्केटिंग एक्टिविटीज को HOK एग्रीकेम प्राइवेट लिमिटेड को शिफ्ट कर दीं, ओर अप्रैल 2024 के बाद वो सिर्फ B2B सेगमेंट में ऑपरेट कर रही है। बिजनेस ऑपरेशन्स को कंसॉलिडेट करने, कंट्रोल और मॉनिटरिंग बढ़ाने और प्रोसेस को स्ट्रिमलाइन करने के लिए कंपनी HOK एग्रीकेम प्राइवेट लिमिटेड को खरीदने की प्लानिंग कर रही है। इसका नेट प्रॉफिट FY25 में 25.6 करोड़ रहा, जबकि FY23 में 14.8 करोड़ था। इस अवसर पर कम्पनी के डायरेक्टर केदार चौधरी , चॉइस कैपिटल एडवाइजर्स बुक-रनिंग लीड मैनेजर्स के सी ए योगेश मोदी ,कं की सीए श्रेया पोद्दार ने भी मीडिया के सवालों के जवाब दिए |
शर्मा ने बताया कि अप्रैल 2024 में कंपनी ने अपनी सारी B2C मार्केटिंग एक्टिविटीज को HOK एग्रीकेम प्राइवेट लिमिटेड को शिफ्ट कर दीं, ओर अप्रैल 2024 के बाद वो सिर्फ B2B सेगमेंट में ऑपरेट कर रही है। बिजनेस ऑपरेशन्स को कंसॉलिडेट करने, कंट्रोल और मॉनिटरिंग बढ़ाने और प्रोसेस को स्ट्रिमलाइन करने के लिए कंपनी HOK एग्रीकेम प्राइवेट लिमिटेड को खरीदने की प्लानिंग कर रही है। इसका नेट प्रॉफिट FY25 में 25.6 करोड़ रहा, जबकि FY23 में 14.8 करोड़ था। इस अवसर पर कम्पनी के डायरेक्टर केदार चौधरी , चॉइस कैपिटल एडवाइजर्स बुक-रनिंग लीड मैनेजर्स के सी ए योगेश मोदी ,कं की सीए श्रेया पोद्दार ने भी मीडिया के सवालों के जवाब दिए |
उन्होंने बताया कि चॉइस कैपिटल एडवाइजर्स बुक-रनिंग लीड मैनेजर्स हैं, और कफिनटेक टेक्नोलॉजीज ऑफर का रजिस्ट्रार है। ऑफर बुक-बिल्डिंग प्रोसेस से हो रहा है, जिसमें नेट ऑफर का अधिकतम 50% क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स को, कम से कम 15% नॉन-इंस्टीट्यूशनल बिडर्स को और कम से कम 35% रिटेल इंडिविजुअल बिडर्स को अलॉट होगा।

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