देवी क्रॉपसाइंस ने लॉन्च किए वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नए कृषि उत्पाद
कोलकाता : देवी क्रॉपसाइंस प्राइवेट लिमिटेड ने अपने नवीनतम CIB-पंजीकृत एवं वैज्ञानिक रूप से मान्य कृषि उत्पादों की श्रृंखला को लॉन्च किया। यह पहल टिकाऊ कृषि, अवशेष-मुक्त उत्पादन और किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। एस.पी. देशमुख, वाइस प्रेसिडेंट (मार्केटिंग), देवी क्रॉपसाइंस, ने कंपनी के प्रमुख उत्पाद बूम फ्लॉवर (नाइट्रोबेंजीन 20% EW) की उल्लेखनीय यात्रा पर प्रकाश डाला।
डा० मानस रंजन पंडा, डिप्टी जनरल मैनेजर ईस्ट ज़ोन, ने एग्री-रिटेलर्स और फील्ड स्टाफ़ की ज़िम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा:“किसी भी उत्पाद की सिफारिश करने से पहले उसके गुण, फायदे और प्रतिस्पर्धी लाभ को पूरी तरह समझना जरूरी है। “अनधिकृत और अपंजीकृत उत्पादों से बचना चाहिए,क्योंकि ये मिट्टी की उर्वरता, फसल की आयु, जड़ों की मजबूती, पत्तियों की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता को नुकसान पहुँचाते हैं।”
उन्होंने सभी भागीदारों से किसान शिक्षा और जिम्मेदार उत्पाद उपयोग पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की, ताकि कृषि और पर्यावरण दोनों की रक्षा हो सके। इस अवसर पर देबब्रत पाल, अतिरिक्त कृषि निदेशक (पी), उत्तर 24 परगना, ने कहा: “बूम फ्लॉवर जैसे CIB-पंजीकृत और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित उत्पाद किसानों में विश्वास जगाते हैं। ऐसे प्रयास न केवल उपज बढ़ाते हैं बल्कि जैविक व अवशेष-मुक्त खाद्य उत्पादन में भी मददगार होते हैं और मिट्टी व पर्यावरण का दीर्घकालिक स्वास्थ्य सुनिश्चित करते हैं।”
अमित राय, एरिया मैनेजर दक्षिण बंगाल, ने किसानों के लिए उचित व पारदर्शी मूल्य निर्धारण की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा : “सिर्फ सस्ती कीमत काफी नहीं है, बल्कि कीमत में पारदर्शिता भी ज़रूरी है। यही किसानों का भरोसा बनाती है और दीर्घकालिक संबंध मजबूत करती है।
कार्यक्रम का समापन देवी क्रॉपसाइंस के नवीनतम बायो-स्टिमुलेंट्स, बायो-फ़र्टिलाइज़र, मिट्टी सुधारक और पौध संरक्षण उत्पादों की प्रदर्शनी के साथ हुआ। इसने कंपनी के मिशन को रेखांकित किया प्रौद्योगिकी-आधारित, किसान-प्रथम समाधान उपलब्ध कराना, पर्यावरण की रक्षा करना और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देना। मुख्य संदेश : देवी क्रॉपसाइंस के नए उत्पाद केवल कृषि इनपुट नहीं हैं यह एक वचन है: सुरक्षित भोजन, उपजाऊ मिट्टी और किसानों की समृद्धि।
उन्होंने कंपनी की आगामी योजनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि अब उत्पाद सूची में और भी सुरक्षित, पर्यावरण अनुकूल और अवशेष-मुक्त बायो उत्पाद शामिल किए जाएंगे। उन्होंने यह भी दोहराया कि कंपनी भारत के जैविक व टिकाऊ कृषि अभियान के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। डॉ. एस. लोगनाथन, डायरेक्टर – इंटरनेशनल बिज़नेस, ने बताया कि देवी क्रॉपसाइंस वर्तमान में 27 देशों में कार्यरत है। “बूम फ्लॉवर ने हर देश में मिट्टी की सेहत सुधारी, फसल को अधिक मजबूत बनाया और उपज बढ़ाई है। भारतीय कृषि नवाचार अब वैश्विक स्तर पर किसानों का विश्वास जीत रहा है।”
डा० मानस रंजन पंडा, डिप्टी जनरल मैनेजर ईस्ट ज़ोन, ने एग्री-रिटेलर्स और फील्ड स्टाफ़ की ज़िम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा:“किसी भी उत्पाद की सिफारिश करने से पहले उसके गुण, फायदे और प्रतिस्पर्धी लाभ को पूरी तरह समझना जरूरी है। “अनधिकृत और अपंजीकृत उत्पादों से बचना चाहिए,क्योंकि ये मिट्टी की उर्वरता, फसल की आयु, जड़ों की मजबूती, पत्तियों की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता को नुकसान पहुँचाते हैं।”
उन्होंने सभी भागीदारों से किसान शिक्षा और जिम्मेदार उत्पाद उपयोग पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की, ताकि कृषि और पर्यावरण दोनों की रक्षा हो सके। इस अवसर पर देबब्रत पाल, अतिरिक्त कृषि निदेशक (पी), उत्तर 24 परगना, ने कहा: “बूम फ्लॉवर जैसे CIB-पंजीकृत और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित उत्पाद किसानों में विश्वास जगाते हैं। ऐसे प्रयास न केवल उपज बढ़ाते हैं बल्कि जैविक व अवशेष-मुक्त खाद्य उत्पादन में भी मददगार होते हैं और मिट्टी व पर्यावरण का दीर्घकालिक स्वास्थ्य सुनिश्चित करते हैं।”
अमित राय, एरिया मैनेजर दक्षिण बंगाल, ने किसानों के लिए उचित व पारदर्शी मूल्य निर्धारण की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा : “सिर्फ सस्ती कीमत काफी नहीं है, बल्कि कीमत में पारदर्शिता भी ज़रूरी है। यही किसानों का भरोसा बनाती है और दीर्घकालिक संबंध मजबूत करती है।
कार्यक्रम का समापन देवी क्रॉपसाइंस के नवीनतम बायो-स्टिमुलेंट्स, बायो-फ़र्टिलाइज़र, मिट्टी सुधारक और पौध संरक्षण उत्पादों की प्रदर्शनी के साथ हुआ। इसने कंपनी के मिशन को रेखांकित किया प्रौद्योगिकी-आधारित, किसान-प्रथम समाधान उपलब्ध कराना, पर्यावरण की रक्षा करना और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देना। मुख्य संदेश : देवी क्रॉपसाइंस के नए उत्पाद केवल कृषि इनपुट नहीं हैं यह एक वचन है: सुरक्षित भोजन, उपजाऊ मिट्टी और किसानों की समृद्धि।


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