बहुत संघर्ष कर लिया आपने,अब बदलाव का समय आ गया है,बदलाव लाओ : प्रियंका गांधी
० आनंद चौधरी ०
चंपारण : कांग्रेस नेता और सांसद प्रियंका गांधी ने विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा हाल बदलने का समय आ गया है। अब बहुत संघर्ष कर लिया है, आपने, अब बदलाव का समय आ गया है, बदलाव लाओ। ये जो आपकी धरती है, ये हर भारतीय के लिए सबसे पवित्र धरती है। इसका शायद आपको अहसास न हो, लेकिन बाकी पूरे भारत को अहसास है। सब जानते हैं कि चंपारण क्या है।
आप यहां रहते हैं, आपका अपना स्वाभिमान होना चाहिए, एक आत्मविश्वास होना चाहिए कि यही धरती है, जहां से महात्मा गांधी ने इस देश की स्वतंत्रता का संग्राम शुरू किया। इस धरती को पूरा भारत नमन करता है और आज यहां खड़े हुए, मैं भी नमन करती हूँ। जिनके पूर्वजों ने एक ऐसा आंदोलन खड़ा किया कि महात्मा गांधी के कानों तक ये बात पहुंची कि चंपारण के किसान आंदोलन कर रहे हैं, ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ, अंग्रेजी साम्राज्य के खिलाफ। आप झुके नहीं, आपके पूर्वज झुके नहीं, पीछे हटे नहीं, खड़े रहे।
तो समझिए काम करने वाला, विकास करने वाला कौन है और बड़ी-बड़ी बातें करने वाला कौन है? 70 हजार करोड़ आपके गायब हुए हैं बिहार में। सीएजी की रिपोर्ट आई, क्या था? कहां से आए वो पैसे? क्या थे? वो आपकी स्कीमों के पैसे थे। दलितों, पिछड़ों, अति अति पिछड़ों, शिक्षण के लिए, स्वास्थ्य, शिक्षा की स्कीमें थीं, जो उन 70,000 करोड़ रुपए से की जानी थीं। वो पैसे आप तक पहुंचे ही नहीं। 10 सालों में इन्होंने कुछ नहीं किया है, सिर्फ खोखली बातें की हैं और आज आप इस परिस्थिति में हैं कि आपको यहां रोजगार नहीं मिलता।
यह समझो इन्होंने कितने वादे किए हैं, कितने खोखले वादे किए... यहां की चीनी मिल से लेकर, किसानों से लेकर, महिलाओं से लेकर कितने झूठे वादे किए हैं। तो आप इनको सबक सिखाओ ना। आपको पहचान होनी चाहिए, पहचान होनी चाहिए कि किसकी नीयत क्या है।
चंपारण : कांग्रेस नेता और सांसद प्रियंका गांधी ने विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा हाल बदलने का समय आ गया है। अब बहुत संघर्ष कर लिया है, आपने, अब बदलाव का समय आ गया है, बदलाव लाओ। ये जो आपकी धरती है, ये हर भारतीय के लिए सबसे पवित्र धरती है। इसका शायद आपको अहसास न हो, लेकिन बाकी पूरे भारत को अहसास है। सब जानते हैं कि चंपारण क्या है।
आप यहां रहते हैं, आपका अपना स्वाभिमान होना चाहिए, एक आत्मविश्वास होना चाहिए कि यही धरती है, जहां से महात्मा गांधी ने इस देश की स्वतंत्रता का संग्राम शुरू किया। इस धरती को पूरा भारत नमन करता है और आज यहां खड़े हुए, मैं भी नमन करती हूँ। जिनके पूर्वजों ने एक ऐसा आंदोलन खड़ा किया कि महात्मा गांधी के कानों तक ये बात पहुंची कि चंपारण के किसान आंदोलन कर रहे हैं, ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ, अंग्रेजी साम्राज्य के खिलाफ। आप झुके नहीं, आपके पूर्वज झुके नहीं, पीछे हटे नहीं, खड़े रहे।
महात्मा गांधी जी यहां आए और उनके साथ-साथ उनसे सीखकर, उनकी बातों को समझकर एक ऐसा आंदोलन खड़ा किया महात्मा गांधी जी ने जो विश्वभर में मशहूर हुआ। वो पहला ऐसा स्वतंत्रता आंदोलन था, जिसने किसी का खून नहीं बहाया। जो हिंसा के द्वारा नहीं किया गया, लेकिन अहिंसा, सत्य और प्रेम द्वारा ये हमने स्वतंत्रता जीती और ये महान देश बनाया, जिसको पूरा विश्व देखकर कहता है कि ये देश महान है और ये देश महान क्यों है, इसके लिए बहुत सारी अलग-अलग वजह हैं,
लेकिन मुख्य वजह ये है कि इस देश की स्वतंत्रता से लेकर अब तक इस देश के एक-एक वासी को चाहे वो दलित हो, चाहे वो अति पिछड़ा हो, चाहे वो महिला हो, चाहे वो गरीब हो, चाहे वो अमीर हो, चाहे वो प्रधानमंत्री हो, चाहे वो सड़क पर कुछ बेचता हो, चाहे वो मोची हो, चाहे वो माली हो, सबको एक अधिकार मिला और वो अधिकार था, अपनी सरकार को चुनने का अधिकार, अपने वोट का अधिकार।
यहां चंपारण के महापुरुष राजकुमार शुक्ल , हरिवंश सहाय , शेख गुलाब , पीर मोहम्मद , संत भगत राउत , डोमराज सिंह , राधुमल मारवाड़ी और बतख मियां किसलिए लड़े थे? सत्ता में आने के लिए लड़े थे ? मोदी जी और अमित शाह जैसे गद्दी पर बैठने के लिए लड़े थे ? आपकी स्वतंत्रता के लिए लड़े थे, आपकी इस धरती के लिए लड़े थे, आपके उस महान संविधान को बनाने के लिए लड़े थे, जिससे आपको वोट मिला, जिससे आपको अधिकार मिले, शिक्षा के जो अधिकार मिलते हैं आपको,
यहां चंपारण के महापुरुष राजकुमार शुक्ल , हरिवंश सहाय , शेख गुलाब , पीर मोहम्मद , संत भगत राउत , डोमराज सिंह , राधुमल मारवाड़ी और बतख मियां किसलिए लड़े थे? सत्ता में आने के लिए लड़े थे ? मोदी जी और अमित शाह जैसे गद्दी पर बैठने के लिए लड़े थे ? आपकी स्वतंत्रता के लिए लड़े थे, आपकी इस धरती के लिए लड़े थे, आपके उस महान संविधान को बनाने के लिए लड़े थे, जिससे आपको वोट मिला, जिससे आपको अधिकार मिले, शिक्षा के जो अधिकार मिलते हैं आपको,
जो रोजगार के अधिकार मिलते हैं, विकास का जो अधिकार है, वो सब आपको ये संविधान देता है औऱ इस संविधान के लिए ये लोग लड़े, मरे, शहीद हुए, इनका खून इस जमीन में मिला। इसलिए आज जब हम इस मंच पर खड़े होते हैं और जब आप यहां आते हैं, हमारी बातों को सुनने के लिए आपको पूरा अहसास होना चाहिए कि चंपारण ने इस देश को क्या दिया है। कि इस देश की स्वतंत्रता कितनी महत्वपूर्ण है, इस देश का संविधान कितनी बड़ी चीज है, जिसे हमें हिफाजत से रखना पड़ेगा। जिसकी सुरक्षा हम सबके हाथों में है।
इतनी बड़ी लड़ाई लड़ी गई, ये आपके अधिकारों की लड़ाई थी और उसके बाद ये लोग कहते हैं न भाजपा के नेता कि 70 सालों में क्या हुआ? कहते हैं न कि कांग्रेस ने 70 सालों में क्या किया, इन अधिकारों को मजबूत बनाया? मैं जवाब देती हूँ कि कांग्रेस ने इन अधिकारों को मजबूत बनाया, आपके वोट को मजबूत किया, आपकी शक्ति को मजबूत किया, बड़े-बड़े उद्योग बनाए, शिक्षा के संस्थान बनाए, जब कांग्रेस का राज था बिहार में तो कितने बड़े-बड़े संस्थान बने, कितने बड़े बांध बने, कितनी सड़कें बनीं, ये समाज एक शिक्षित समाज था, आईएएस, आईएफएस में यहां से लोग जाते थे।
आज परिस्थितियां ये हैं कि यहां रोजगार नहीं मिलता। मैं देशभर में घूमती हूं, हिमाचल प्रदेश में मेरा घर बन रहा था, मजदूर कहां के थे? बिहार के। दिल्ली में जितनी भी इमारतें बनती हैं, मजदूर कहां के हैं बिहार। साउथ में मैं केरल से आई हूँ, केरल में मैं सड़क पर चल रही थी, मैं रुकी, एक मजदूर खोद रहा था, सड़क को, मैंने कहा- भाई कहां के हो बिहार का। सारी की सारी जनता पलायन करके बाहर जा रही है यहां एक रोजगार नहीं छोड़ा आपके लिए।
अभी मैं महिलाओं से मिलकर आई हूँ, बताती हैं कि सब तो पलायन करके चले गए, हम यहां अकेले संभाल रहे हैं, अपने घरों को। हम कमाते भी नहीं हैं। आशा वाली महिलाएं थी, आंगनबाड़ी की महिलाएं थीं, जीविका की महिलाएं थी, कहती हैं हम कमा ही नहीं सकते। हम 8-10 घंटे काम करती हैं। कोई रात को फोन आया कि डिलीवरी है, हमें जाना पड़ता है। कोरोना के समय हमने सारा काम किया, अपनी जान को हथेली पर रखकर काम किया, लेकिन हमारी कोई सुनवाई नहीं है, हमारा कोई सम्मान नहीं है, हमारा कोई अधिकार नहीं है आज के बिहार में।
आज का बिहार यहां पर किसका राज है 10 सालों से बताइए, किसका राज है मैं तो कहने वाली थी- भाजपा-नीतीश जी का है। आप कह रहे हैं- वोट चोरों का है। आपने मामला पकड़ लिया। मामले का निचोड़ समझ गए हैं अब आप समझिए, इसमें आपका दोष क्या है। आपसे भी शिकायत है। ऐसे 20 सालों से राज नहीं किया है इन्होंने। शुरू-शुरू में जब चुनाव लड़ने के लिए आते थे, भाजपा के नेता, ये सब, तो क्या कहते थे- धर्म की बात करते थे। धर्म के आधार पर इन लोगों को बांटो, धर्म के आधार पर हमें वोट मिल जाएगा।
आज परिस्थितियां ये हैं कि यहां रोजगार नहीं मिलता। मैं देशभर में घूमती हूं, हिमाचल प्रदेश में मेरा घर बन रहा था, मजदूर कहां के थे? बिहार के। दिल्ली में जितनी भी इमारतें बनती हैं, मजदूर कहां के हैं बिहार। साउथ में मैं केरल से आई हूँ, केरल में मैं सड़क पर चल रही थी, मैं रुकी, एक मजदूर खोद रहा था, सड़क को, मैंने कहा- भाई कहां के हो बिहार का। सारी की सारी जनता पलायन करके बाहर जा रही है यहां एक रोजगार नहीं छोड़ा आपके लिए।
अभी मैं महिलाओं से मिलकर आई हूँ, बताती हैं कि सब तो पलायन करके चले गए, हम यहां अकेले संभाल रहे हैं, अपने घरों को। हम कमाते भी नहीं हैं। आशा वाली महिलाएं थी, आंगनबाड़ी की महिलाएं थीं, जीविका की महिलाएं थी, कहती हैं हम कमा ही नहीं सकते। हम 8-10 घंटे काम करती हैं। कोई रात को फोन आया कि डिलीवरी है, हमें जाना पड़ता है। कोरोना के समय हमने सारा काम किया, अपनी जान को हथेली पर रखकर काम किया, लेकिन हमारी कोई सुनवाई नहीं है, हमारा कोई सम्मान नहीं है, हमारा कोई अधिकार नहीं है आज के बिहार में।
आज का बिहार यहां पर किसका राज है 10 सालों से बताइए, किसका राज है मैं तो कहने वाली थी- भाजपा-नीतीश जी का है। आप कह रहे हैं- वोट चोरों का है। आपने मामला पकड़ लिया। मामले का निचोड़ समझ गए हैं अब आप समझिए, इसमें आपका दोष क्या है। आपसे भी शिकायत है। ऐसे 20 सालों से राज नहीं किया है इन्होंने। शुरू-शुरू में जब चुनाव लड़ने के लिए आते थे, भाजपा के नेता, ये सब, तो क्या कहते थे- धर्म की बात करते थे। धर्म के आधार पर इन लोगों को बांटो, धर्म के आधार पर हमें वोट मिल जाएगा।
गांव में, लोग बताते थे कि दीदी देखो, धर्म के नाम पर तो हम वोट डाल देंगे, अब हमारे पास नलका नहीं है, पानी नहीं है, बिजली नहीं है, सड़क नहीं है, कोई बात नहीं, हम धर्म के नाम पर वोट डालेंगे, क्योंकि भाजपा वाले आए हमारे घर, हमसे शपथ खिलवा लिया, भगवान के नाम से। ये स्थिति थी। अब ये स्थिति चली एकाध चुनाव के लिए। पिछले चुनाव में इनको पता चला कि ये अब चल नहीं रहा है कि हम जब धर्म की बातों पर लोगों को बांटने की कोशिश कर रहे हैं, वोट खींचने की कोशिश कर रहे हैं, तो लोग जवाब दे रहे हैं कि भई, हमारे नलके लगवाओ, हमें रोजगार दो, हमें शिक्षा दो, संस्थान बनाओ शिक्षा के,
उद्योग लगाओ यहां, तब वोट मिलेगा। तो पहले जो धर्म की बात चलती थी, वह नहीं चली। उसके बाद और नई-नई बातें निकाली उन्होंने... कभी घुसपैठियों की बात करते हैं, कभी आतंकवाद की बात करते हैं, कभी कोई और बात, कभी जाति की बात करते हैं, कुछ ना कुछ उठा लेते हैं चुनाव के समय। अब जब सब चलना बंद हो गया... क्योंकि काम तो कुछ किया नहीं, बड़े-बड़े भाषण दिए। मोदी जी आए बताया कि उन्होंने कहा था कि मोतिहारी का चीनी का मिल खुलेगा, मैं चाय पियूंगा। अरे 11 साल बीत गए, एक कप चाय पी भी नहीं और पिलाने भी नहीं दी किसी को।
है कि नहीं? तो अब वो सब नहीं चल रहा है, खोखले भाषण नहीं चल रहे हैं, धर्म की बातें नहीं चल रही हैं, लोगों में फूट फैलाना नहीं चल रहा है... अब क्या करें? वोट चोरी करते हैं और उसके लिए इतना बड़ा इंतजाम बना रखा है.. राहुल जब भी मंच पर चढ़ते हैं, वो बताते हैं कि कितना बड़ा इंतजाम किया... एसआईआर, वोट चोरी, सबकुछ, ताकि यह सत्ता में रहें। एक ही मकसद है हमें किसी ना किसी तरह सत्ता में रहना है, बस और कोई मकसद है ही नहीं और शिकायत आपसे यह है कि जब-जब ये पूरा सिलसिला चल रहा था और आप धर्म के आधार पर, इस आधार पर, उस आधार पर अपना वोट दे रहे थे तो आपने आदत बिगाड़ दी, नेता की आदत एकदम बिगाड़ दी..
अब आज मैं नेता हूं, अगर मुझे मालूम होता कि भाई मुझे काम करने की जरूरत नहीं है, मुझे कोई उद्योग नहीं लगाना, मुझे कोई नौकरी नहीं दिलवानी, कोई रोजगार नहीं दिलवाना, कुछ करने की जरूरत नहीं है। मैं चुनाव के समय धर्म का नाम लूंगी, मुझे वोट मिल जाएंगे... तो क्या मैं काम करती? अरे बच्चा नहीं करता है। घर में बच्चा होता है, उसको कहते हो बेटा ये कर कर लो। अगर उसको पता चल गया कि बगैर कुछ किए कुछ इनाम मिलने वाला है तो नहीं करेगा।
अब आज मैं नेता हूं, अगर मुझे मालूम होता कि भाई मुझे काम करने की जरूरत नहीं है, मुझे कोई उद्योग नहीं लगाना, मुझे कोई नौकरी नहीं दिलवानी, कोई रोजगार नहीं दिलवाना, कुछ करने की जरूरत नहीं है। मैं चुनाव के समय धर्म का नाम लूंगी, मुझे वोट मिल जाएंगे... तो क्या मैं काम करती? अरे बच्चा नहीं करता है। घर में बच्चा होता है, उसको कहते हो बेटा ये कर कर लो। अगर उसको पता चल गया कि बगैर कुछ किए कुछ इनाम मिलने वाला है तो नहीं करेगा।
अगर आप अपने बच्चों को, बेटों को घर पर बिठाओगे, खाना खिलाओगे, उनकी देखभाल करोगे और उनको कभी बड़े हो गए, उनको रोजगार नहीं करना तो नहीं करेगा, वो बैठा रहेगा घर पर। उसके मन में यह बात थोड़ी आएगी कि मुझे भी अपने माता-पिता के लिए कुछ करना है, उसकी तो ऐशो आराम और यही आपने नेताओं के साथ कर दिया, भाजपा के नेताओं के साथ। चुनाव आया, धर्म की बात, आपने वोट डाला, चलो 5 साल आराम। अडानी को सारी जमीन दे देते हैं 1 रुपए के नाम पर, चलो अंबानी को सारे जितने भी वो तेल निकालने के वो जो खदान-वदान होते हैं वो दे देते हैं।
आप आंखें मूंदकर बैठ गए, आपने धर्म के आधार पर अपना वोट दे दिया और इन्होंने क्या किया - इस देश को बेच डाला। इस देश को अपने बड़े-बड़े दोस्तों को दे दिया। वो संपत्ति आपकी थी, वो महात्मा गांधी जी की शहादत, आपकी स्वतंत्रता, आपकी संपत्ति को बनाने के लिए थी और सारी संपत्ति अपने दोस्तों को दे दी.. अडानी और अंबानी को। देश के खदान, देश के हवाई अड्डे, देश के बड़े-बड़े उद्योग... आप नाम लीजिए या तो अडानी का है या अंबानी का है। किसके दोस्त हैं? मोदी जी के दोस्त हैं ना?
आप आंखें मूंदकर बैठ गए, आपने धर्म के आधार पर अपना वोट दे दिया और इन्होंने क्या किया - इस देश को बेच डाला। इस देश को अपने बड़े-बड़े दोस्तों को दे दिया। वो संपत्ति आपकी थी, वो महात्मा गांधी जी की शहादत, आपकी स्वतंत्रता, आपकी संपत्ति को बनाने के लिए थी और सारी संपत्ति अपने दोस्तों को दे दी.. अडानी और अंबानी को। देश के खदान, देश के हवाई अड्डे, देश के बड़े-बड़े उद्योग... आप नाम लीजिए या तो अडानी का है या अंबानी का है। किसके दोस्त हैं? मोदी जी के दोस्त हैं ना?
अच्छा मोदी जी का एक और दोस्त है, कौन है? जिसने आपके मकानों पर टैक्स लगाई है वो, मोदी जी के दूसरे दोस्त ट्रंप जी हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति, मोदी जी हाथ पकड़कर चलते हैं उनके साथ... चलते हैं ना, देखी हैं फोटो। आपके साथ कभी हाथ पकड़कर चले है कभी इस देश के किसान के साथ हाथ पकड़कर चले हैं? नहीं कभी यहां आकर देखा है कि किसानों की क्या हालत है? नहीं खाद नहीं मिल रही है कोई समर्थन नहीं है। जहां देखो जीएसटी-जीएसटी, हर चीज में ट्रैक्टर, पेट्रोल, ये-वो... अब चुनाव आ रहा है कम कर दिया।
आज यहां का किसान मैं कह सकती हूं उसी परिस्थिति में है जिस परिस्थिति में महात्मा गांधी यहां पर आंदोलन करने आए थे। कोई सुनवाई नहीं है आपकी इस सरकार में और अब देखना, बहनों देखना अब चुनाव के लिए एक महीना तकरीबन बचा है ना, थोड़ा कम उससे, एक-दो हफ्ते बचे हैं। अब देखना कैसे ऐलान होंगे। एक तो हो गया, कहते हैं - सब महिलाओं को 10,000 रुपए देंगे। क्या हर महीने देंगे? आज क्यों जागे हैं? 20 सालों से इनकी सत्ता थी, इनकी सरकार थी,
आज यहां का किसान मैं कह सकती हूं उसी परिस्थिति में है जिस परिस्थिति में महात्मा गांधी यहां पर आंदोलन करने आए थे। कोई सुनवाई नहीं है आपकी इस सरकार में और अब देखना, बहनों देखना अब चुनाव के लिए एक महीना तकरीबन बचा है ना, थोड़ा कम उससे, एक-दो हफ्ते बचे हैं। अब देखना कैसे ऐलान होंगे। एक तो हो गया, कहते हैं - सब महिलाओं को 10,000 रुपए देंगे। क्या हर महीने देंगे? आज क्यों जागे हैं? 20 सालों से इनकी सत्ता थी, इनकी सरकार थी,
तब तो नहीं बोला कि 10,000 रुपए देंगे महिलाओं को, आज क्यों दे रहे हैं? आपके वोट के लिए, आपके वोट के लिए दे रहे हैं। चुनाव को खत्म होने दीजिए, ये भी बंद हो जाएगा। मेरी बहने हंस रही हैं. हम महिलाओं से समझदार कोई नहीं होता, मैं बता देती हूं। इसीलिए एक काम करो, एक काम करो ले लो 10,000 रुपए दे रहे हैं ले लो, ले-लो, लेकिन वोट तुम अपने देश के लिए डालो, वोट तुम इस धरती के लिए डालो, वोट तुम अपने भविष्य के लिए डालो,
अपने बच्चों के भविष्य के लिए डालो... इनकी बातों में मत पड़ो। बहुत हो गया है, बहुत हो गया है बहनो, बहुत हो गया है। आप संघर्ष कर रही हो, आपको कुछ नहीं दिया जाता। समझदारी से सारी पार्टियों को पहचानो। मैं आपको बता रही हूं कि कांग्रेस पार्टी ने, गठबंधन ने यह तय किया है कि हम 2500 रुपए हर महीने आपको देंगे... ठीक है? अब कल को मैं भूल गई और यह काम नहीं हुआ, तो मुझे दंड देना पड़ेगा, आपको देना पड़ेगा। तो यह समझो इन्होंने कितने वादे किए हैं,
कितने खोखले वादे किए... यहां की चीनी मिल से लेकर, किसानों से लेकर, महिलाओं से लेकर कितने झूठे वादे किए हैं। तो आप इनको सबक सिखाओ ना। आपको पहचान होनी चाहिए, पहचान होनी चाहिए कि किसकी नीयत क्या है राहुल गांधी एक असली देशभक्त है। एक असली देशभक्त ही इस देश को एक करने के लिए, जोड़ने के लिए 4,000 कि.मी. चल सकता है। एक असली देशभक्त ही आपके पास आकर आपकी समस्याओं को समझना चाहता है। चाहे वो किसी बढ़ई के दुकान में हो, चाहे किसी मोची के पास हो, चाहे किसानों के साथ खेती में हो,
क्यों जाता है - समझने के लिए कि मैं कैसे मदद कर सकता हूं। सरकार कौन सी स्कीम ला सकती है जब हमारी सरकार होगी, जिससे आपका उत्थान हो सके, उसको असली देशभक्त कहते हैं, जो इस देश के लिए मरने के लिए तैयार हो। असली देशभक्त चोरी से सत्ता में नहीं आते। असली देशभक्त आपको झूठे वादे नहीं बोलते। असली देशभक्त सिर्फ वोटों के लिए जनता से संपर्क नहीं रखते... लगातार जनता से संपर्क रखते हैं। तो नीयत समझिए। राहुल जी सामाजिक न्याय के लिए लड़ रहे हैं। जो अति पिछड़ा वर्ग है उसके लिए लड़ रहे हैं, पिछड़े वर्ग के लिए लड़ रहे हैं, दलितों के लिए लड़ रहे हैं,
महिलाओं के लिए लड़ रहे हैं... क्यों लड़ रहे हैं - क्योंकि वह समझते हैं कि जितने भी बलिदान दिए गए, चाहे महात्मा गांधी जी का हो, चाहे हमारे परिवार के पूर्वजों के हों, चाहे आपके पूर्वजों के हों, वो सब इसीलिए ही दिए गए थे, इस न्याय के लिए कि सबको न्याय मिलना चाहिए। इसीलिए जो कांग्रेस पार्टी आपके लिए इस चुनाव में काम करना चाहती है, चुनाव के बाद अगर सरकार में आती है, उनको समझना बहुत जरूरी है। बड़ी-बड़ी बातें करना आसान है भाइयो और बहनो, लेकिन असली काम करना आसान नहीं है और कांग्रेस पार्टी ने आपको यह काम करके दिखाया है।
आपको मालूम है कितने बांध, कितने पुल बने थे यहां कांग्रेस के जमाने में और पिछले तीन सालों में आप बता सकते हैं कि बिहार में कितने पुल ढह गए? 27 पुल ढह गए हैं तीन सालों में। मोदी जी आते हैं आपके सामने और बड़ा सा विकास का पैकेज खोलते हैं। अरे भाई तुमसे एक पुल नहीं बन रहा है, विकास पुरुष नाम कैसे हो गया आपका? एक पुल नहीं बन रहा है, एक पुल खड़ा नहीं कर पा रहे हैं आप, अनावरण से पहले ही ढह जाते हैं।
तो समझिए काम करने वाला, विकास करने वाला कौन है और बड़ी-बड़ी बातें करने वाला कौन है? 70 हजार करोड़ आपके गायब हुए हैं बिहार में। सीएजी की रिपोर्ट आई, क्या था? कहां से आए वो पैसे? क्या थे? वो आपकी स्कीमों के पैसे थे। दलितों, पिछड़ों, अति अति पिछड़ों, शिक्षण के लिए, स्वास्थ्य, शिक्षा की स्कीमें थीं, जो उन 70,000 करोड़ रुपए से की जानी थीं। वो पैसे आप तक पहुंचे ही नहीं। 10 सालों में इन्होंने कुछ नहीं किया है, सिर्फ खोखली बातें की हैं और आज आप इस परिस्थिति में हैं कि आपको यहां रोजगार नहीं मिलता।
आपके शिक्षा के संस्थान नहीं हैं, आपके लिए मौके नहीं हैं, यहां की महिलाएं दिन-रात काम कर रही हैं, लेकिन फिर भी कमा नहीं पा रही हैं। कांग्रेस खाद्य सुरक्षा का कानून लाई, शिक्षा का अधिकार लाई, रोजगार का अधिकार लाई, जिससे आपको मनरेगा मिला। देश के कोने-कोने में गरीब लोग मनरेगा से कमा सकते हैं। मनरेगा में इन्होंने कम पैसे डाले, यह सारी स्कीमें इन्होंने कम कर डालीं और फिर भी यहां आकर आपके सामने एहसान लादते हैं जैसे आपके लिए बहुत बड़े-बड़े काम कर लिए इन्होंने... कुछ नहीं किया और काम करना नेता का फर्ज होता है। नेता से काम निकालना आपका अधिकार होता है... समझे आप? मुफ्त में मत बनाओ नेता।
आज जितनी बेरोजगारी बिहार में है, कभी नहीं हुई इतनी... सबसे ज्यादा बेरोजगारी यहां है। सबसे नौजवान जनता यहीं की है और फिर भी आप अपने बच्चों का भविष्य यहां बिहार में नहीं बना सकते। जितनी नौकरियां थीं, सब ठेके पर हो गई हैं, जितने बड़े-बड़े सरकारी उद्योग थे, अब वह भी ठेके पर नौकरियां करवा रहे हैं, रोजगार दिलवा रहे हैं। कोई पक्का रोजगार नहीं मिलता। आपकी शिक्षा का सिस्टम बर्बाद हो गया है, पेपर लीक पर पेपर लीक हो रहा है और कोई समाधान ही नहीं है।
आज जितनी बेरोजगारी बिहार में है, कभी नहीं हुई इतनी... सबसे ज्यादा बेरोजगारी यहां है। सबसे नौजवान जनता यहीं की है और फिर भी आप अपने बच्चों का भविष्य यहां बिहार में नहीं बना सकते। जितनी नौकरियां थीं, सब ठेके पर हो गई हैं, जितने बड़े-बड़े सरकारी उद्योग थे, अब वह भी ठेके पर नौकरियां करवा रहे हैं, रोजगार दिलवा रहे हैं। कोई पक्का रोजगार नहीं मिलता। आपकी शिक्षा का सिस्टम बर्बाद हो गया है, पेपर लीक पर पेपर लीक हो रहा है और कोई समाधान ही नहीं है।
हमारा गठबंधन कह रहा है कि हम जॉब कैलेंडर लाएंगे, उस पर पहले से पता चलेगा कि इम्तिहान कब होगा, रिजल्ट कब आएगा और नियुक्तियां कब होंगी और उससे कोई इधर-उधर हुआ तो उस पर सख्त दंड डाला जाएगा। आपको पेपर लीक से मुक्ति देना चाहते हैं हम। जितने भी खाली रोजगार हैं, खाली पद हैं सरकार में, जो अभी इतने सालों से खाली पड़े हुए हैं, उनको भरना चाहते हैं हम। आपके भविष्य को यहीं पर बिहार में उज्जवल बनाना चाहते हैं हम।
मैं यह नहीं कहती कि सिर्फ क्योंकि हम कह रहे हैं इस मंच पर खड़े होकर इसलिए यह बातें मान लो। अपने आसपास देखो, अलग-अलग प्रदेशों में देखो कांग्रेस ने यह चीजें लागू की हैं और देखो कि किस तरह से कांग्रेस की सरकारें काम कर रही हैं और समझो कि बिहार में भी यही हो सकता था अगर आप सही सरकार चुनते। महागठबंधन के वादे हर एक अधिकार को मजबूत करना चाहते हैं। कमाई का अधिकार, गरीब परिवारों को उद्योग के लिए 2 लाख तक की सहायता देना चाहते हैं हम, हमारे हाथ मजबूत करो।
मैं यह नहीं कहती कि सिर्फ क्योंकि हम कह रहे हैं इस मंच पर खड़े होकर इसलिए यह बातें मान लो। अपने आसपास देखो, अलग-अलग प्रदेशों में देखो कांग्रेस ने यह चीजें लागू की हैं और देखो कि किस तरह से कांग्रेस की सरकारें काम कर रही हैं और समझो कि बिहार में भी यही हो सकता था अगर आप सही सरकार चुनते। महागठबंधन के वादे हर एक अधिकार को मजबूत करना चाहते हैं। कमाई का अधिकार, गरीब परिवारों को उद्योग के लिए 2 लाख तक की सहायता देना चाहते हैं हम, हमारे हाथ मजबूत करो।
विधवा, दिव्यांगजन, वृद्ध पेंशन 1,500 रुपए प्रतिमाह और हर वर्ष 200 रुपए की बढ़ोतरी इसमें। भूमिहीन परिवारों के लिए मकान हेतु तीन से पांच डिसमिल जमीन देना चाहते हैं और उस जमीन का मालिकाना हक अपनी बहनो को देना चाहते हैं। हम हर विधानसभा में स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के लिए 10 करोड़ का बिहार बनाओ स्टाइपेंट फंड देंगे। हम न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी देते हैं और एपीएमसी के तहत मंडियों की व्यवस्था लागू करेंगे। लाखों सरकारी पदों पर नियुक्तियां हैं, उनमें बिहारवासियों के लिए हम विशेष आरक्षण रखेंगे।
मनरेगा में 300 रुपए प्रतिदिन मजदूरी और काम के दिन दो गुने। 200 यूनिट बिजली हम मुफ्त में देना चाहते हैं, फ्री बिजली मिलेगी आपको। माई बहिन योजना में जैसे मैंने कहा 2,500 रुपए प्रतिमाह सीधे आपके खाते में जाएंगे। आपको मालूम होगा कि कांग्रेस ने राजस्थान में एक स्कीम लागू की थी, जब हमारी सरकार थी, 25 लाख रुपए तक आपकी जितनी भी स्वास्थ्य की सुविधाएं हैं मुफ्त में मिल रहीं थी। तो जब मैं राजस्थान गई, वहां पर मुझे हार्ट ऑपरेशन के पेशेंट मिले, लिवर ट्रांस्प्लांट के पेशेंट मिले, सारा इलाज मुफ्त में किया गया था, वही स्कीम हम बिहार में लागू करना चाहते हैं।
खोखली बात नहीं है, करके दिखाया है, हमने। 25 लाख तक आपका सारा इलाज, दवाईयां, सर्जरी, ऑपरेशन, सबकुछ आपको मुफ्त मिलेगा, निःशुल्क मिलेगा। मैंने पेपर लीक की बात की, इसके बजाए, जो आवासीय अंग्रेजी मॉडल के विद्यालय हैं, वो हम लगाना चाहते हैं, आपके बच्चों के लिए। 3 साल की जो डिग्री है, हम चाहते हैं कि उस डिग्री को आप 3 साल में खत्म करो। ये नहीं कि 5-6 साल आप कर रहे हो और खत्म नहीं हो रही है।
आपको मालूम है, यूपी में भी इनकी सरकार है। यूपी में मैं ऐसे बच्चों से मिली, शादी नहीं हो पा रही थी, उनकी। 26-27 साल के हो गए हैं। एग्जाम दे दिया है, पेपर दे दिया है, नाम भी निकल गया लिस्ट में, नियुक्ति नहीं हुई। बेचारे ठहरे हैं कि नियुक्ति कब होगी, कब होगी, चलो 6 महीने में हो जाएगी, एक साल में हो जाएगी, तो फिर दूसरा रोजगार नहीं ले रहे हैं, तो मतलब एकदम जीवन बर्बाद करने की बात कर रखी है, इन्होंने। तो आप समझिए कि अब अपने जीवन को बनाने का काम करना है।
सामाजिक न्याय के अधिकार की बात की मैंने। इसमें पंचायती राज और नगर निगमों में अति पिछड़े वर्ग के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण और दलित वर्ग के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण रखा जाएगा। अति पिछड़ा वर्ग अत्याचार निवारण अधिनियम बनाया जाएगा। जिससे कोई आप पर अत्याचार करे, उस पर सख्त दंड लगेगा। निजी शिक्षा के संस्थानों में, मतलब प्राईवेट शिक्षा के संस्थानों में, आपके लिए और अति पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण लागू होगा और जो 25 करोड़ तक जो सरकारी ठेके हैं, उनमें 50 प्रतिशत आरक्षण अति पिछड़े वर्ग के लिए होंगे।
आप अपनी परिस्थितियों को समझो और सोच-समझकर अपना वोट डालो। आप जो 20 साल से संघर्ष कर रहे हैं, उस संघर्ष को खत्म करने का समय आ गया है, बदलाव का समय आ गया है। ये जो निकम्मी सरकार है, इनकी भाजपा की और नीतीश जी की इसको निकालो, हटाओ इसको और एक नई सरकार लाओ, जो आपके लिए दिन-रात काम करे, जो आपका भविष्य बनाए और आप गर्व से कह पाओ कि मैं बिहारी हूं, मुझे बिहार में रोजगार मिलता है और मेरे बच्चे बिहार में ही शिक्षित होंगे।
आपको मालूम है, यूपी में भी इनकी सरकार है। यूपी में मैं ऐसे बच्चों से मिली, शादी नहीं हो पा रही थी, उनकी। 26-27 साल के हो गए हैं। एग्जाम दे दिया है, पेपर दे दिया है, नाम भी निकल गया लिस्ट में, नियुक्ति नहीं हुई। बेचारे ठहरे हैं कि नियुक्ति कब होगी, कब होगी, चलो 6 महीने में हो जाएगी, एक साल में हो जाएगी, तो फिर दूसरा रोजगार नहीं ले रहे हैं, तो मतलब एकदम जीवन बर्बाद करने की बात कर रखी है, इन्होंने। तो आप समझिए कि अब अपने जीवन को बनाने का काम करना है।
सामाजिक न्याय के अधिकार की बात की मैंने। इसमें पंचायती राज और नगर निगमों में अति पिछड़े वर्ग के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण और दलित वर्ग के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण रखा जाएगा। अति पिछड़ा वर्ग अत्याचार निवारण अधिनियम बनाया जाएगा। जिससे कोई आप पर अत्याचार करे, उस पर सख्त दंड लगेगा। निजी शिक्षा के संस्थानों में, मतलब प्राईवेट शिक्षा के संस्थानों में, आपके लिए और अति पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण लागू होगा और जो 25 करोड़ तक जो सरकारी ठेके हैं, उनमें 50 प्रतिशत आरक्षण अति पिछड़े वर्ग के लिए होंगे।
आप अपनी परिस्थितियों को समझो और सोच-समझकर अपना वोट डालो। आप जो 20 साल से संघर्ष कर रहे हैं, उस संघर्ष को खत्म करने का समय आ गया है, बदलाव का समय आ गया है। ये जो निकम्मी सरकार है, इनकी भाजपा की और नीतीश जी की इसको निकालो, हटाओ इसको और एक नई सरकार लाओ, जो आपके लिए दिन-रात काम करे, जो आपका भविष्य बनाए और आप गर्व से कह पाओ कि मैं बिहारी हूं, मुझे बिहार में रोजगार मिलता है और मेरे बच्चे बिहार में ही शिक्षित होंगे।
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