हरिजन सेवक संघ के गांधी शांति मिशन की GOI पीस फाउंडेशन यात्रा
जापान : गांधी शांति प्रतिनिधिमंडल जापान के माउंट फ़ूजी के समीप स्थित शिनफ़ूजी रेलवे स्टेशन पहुँचा। वहाँ प्रतिनिधिमंडल का स्वागत सुश्री युका सायोनजी द्वारा किया गया। वे जापान के पूर्व प्रधानमंत्री प्रिंस सायोनजी किनमोची की परनातिन तथा GOI पीस फाउंडेशन एवं उसकी सहयोगी संस्था मे May Peace Prevail on Earth इंटरनेशनल की पूर्व बोर्ड सदस्य हैं। सुश्री सायोनजी के अपने वाहन से प्रतिनिधिमंडल एक घंटे की यात्रा के बाद GOI पीस फाउंडेशन के शांति पार्क पहुँचा।
ब्याक्को शिन्को काई एक अंतरराष्ट्रीय जनआंदोलन है, जिसकी स्थापना 1950 के दशक में जापानी दार्शनिक एवं आध्यात्मिक नेता मसाहिसा गोई ने की थी। इसका उद्देश्य प्रार्थना के माध्यम से विश्वशांति की परिकल्पना को आगे बढ़ाना है। सुश्री युका सायोनजी शांति शिक्षा और सतत वैश्विक समाज के निर्माण हेतु अनेक अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सक्रिय भूमिका निभाती हैं। वे वर्ल्ड पीस लाइब्रेरी और ब्याक्को शिन्को काई के साथ मिलकर विश्वभर में शांति संस्कृति को प्रोत्साहित कर रही हैं।
प्रिंस सायोनजी किनमोची, जापान के विख्यात राजनेता, राजनयिक और दो बार प्रधानमंत्री रहे। वे जेनरो (Genrō) नामक उस विशेष समूह के अंतिम सदस्य थे जिन्होंने जापान को मेइजी और ताइशो काल में मार्गदर्शन दिया। आज इस ऐतिहासिक अवसर पर भारत के गांधीवादी शांति कर्मियों और जापान के GOI पीस फाउंडेशन के बीच सहयोग एवं मैत्री के नए अध्याय का आरंभ हुआ। दोनों देशों के बीच यह साझा संकल्प और भी सुदृढ़ हुआ कि हिंसा और युद्ध से मुक्त होकर विश्व को शांति और करुणा की राह पर अग्रसर किया जाए।
जहां 194 देशों के राष्ट्रीय ध्वज फहराए गए हैं। जापान सरकार ने इस पार्क को शांति केंद्र (Peace Centre) के रूप में आधिकारिक मान्यता दी है। हरिजन सेवक संघ के अध्यक्ष डॉ शंकर कुमार सान्याल के नेतृत्व में गांधी शांति मिशन कोरिया और जापान की यात्रा पर हैं। इस चार सदस्यीय दल में श्रीमती शिखा सान्याल पी मारुती और संजय राय शामिल हैं। गांधी शांति मिशन दल ने विश्व शांति पार्क में पहुंच कर विश्वशांति के लिए सामूहिक सर्व धर्म प्रार्थना की।
इस अवसर पर संत विनोबा भावे की 93वी जयंती दिवस को मनाया गया। इस दौरान महात्मा गांधी और विनोबाजी के जीवन एवं विचारों पर चर्चा और नमन किया गया। प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष डॉ शंकर कुमार सान्याल ने बाबा विनोबा के अहिंसा, शांति और सत्य के संदेश को आज के वैश्विक परिप्रेक्ष्य में प्रासंगिक बताया ।
GOI पीस फाउंडेशन का मुख्यालय टोक्यो में है। यह वैश्विक स्तर पर सार्वजनिक एवं निजी संगठनों के साथ मिलकर कार्य करता है। यह फाउंडेशन समुदाय, राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर शांति निर्माण के विभिन्न मॉडल विकसित कर, नैतिक और सशक्त समाज निर्माण की दिशा में योगदान देता है। प्रतिनिधिमंडल का स्वागत फाउंडेशन के मुख्य कार्यालय में किया गया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से तोमोहीको नाया, अध्यक्ष, नोरियो युजावा, निदेशक, युज़ुरु किक्कावा, निदेशक, ब्याक्को शिन्को काई, हितोआना, फुजिनोमिया-शी, शिज़ुओका-केन, जापान उपस्थित रहे।
ब्याक्को शिन्को काई एक अंतरराष्ट्रीय जनआंदोलन है, जिसकी स्थापना 1950 के दशक में जापानी दार्शनिक एवं आध्यात्मिक नेता मसाहिसा गोई ने की थी। इसका उद्देश्य प्रार्थना के माध्यम से विश्वशांति की परिकल्पना को आगे बढ़ाना है। सुश्री युका सायोनजी शांति शिक्षा और सतत वैश्विक समाज के निर्माण हेतु अनेक अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सक्रिय भूमिका निभाती हैं। वे वर्ल्ड पीस लाइब्रेरी और ब्याक्को शिन्को काई के साथ मिलकर विश्वभर में शांति संस्कृति को प्रोत्साहित कर रही हैं।
प्रिंस सायोनजी किनमोची, जापान के विख्यात राजनेता, राजनयिक और दो बार प्रधानमंत्री रहे। वे जेनरो (Genrō) नामक उस विशेष समूह के अंतिम सदस्य थे जिन्होंने जापान को मेइजी और ताइशो काल में मार्गदर्शन दिया। आज इस ऐतिहासिक अवसर पर भारत के गांधीवादी शांति कर्मियों और जापान के GOI पीस फाउंडेशन के बीच सहयोग एवं मैत्री के नए अध्याय का आरंभ हुआ। दोनों देशों के बीच यह साझा संकल्प और भी सुदृढ़ हुआ कि हिंसा और युद्ध से मुक्त होकर विश्व को शांति और करुणा की राह पर अग्रसर किया जाए।
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