नव विधान-न्याय की पहचान' प्रदर्शनी : नवाचारों को सोशल मीडिया पर मिले 1 करोड़ 67 लाख व्यूज

० आशा पटेल ० 
जयपुर। जेईसीसी, सीतापुरा में आयोजित 'नव विधान -न्याय की पहचान' प्रदर्शनी देश में लागू हुए तीन नए आपराधिक कानूनों की समझ को आधुनिक पुलिस नवाचारों के माध्यम से जनता तक पहुंचाने का एक सफल मंच बनी। जिसमें भौतिक और ऑनलाइन माध्यम से 1.67 करोड़ से अधिक लोगों की रिकॉर्ड-तोड़ भागीदारी दर्ज की गई।
प्रदर्शनी का उद्घाटन केंद्रीय गृह एव सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा जेईसीसी में किया गया। उद्घाटन समारोह में 15 हजार और ऑनलाइन माध्यम से 1.25 लाख लोगों ने भाग लिया। आठ दिनों तक चली प्रदर्शनी में करीब 58 हजार लोगों ने भौतिक रूप से अवलोकन किया। इसमें 14,000 शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि, 13,200 व्यावसायिक-सोशल समूह एवं सरकारी कर्मचारी, 2,700 सीएलजी/सुरक्षा सखी सदस्य और 11800 पुलिसकर्मी शामिल थे। 
प्रदर्शनी की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उच्च न्यायालय के 22 न्यायाधीशों, 140 एपीपी/वकीलों और 170 डॉक्टरों सहित 550 विशेष अतिथियों ने इसे देखा। प्रदर्शनी की पहुँच केवल भौतिक परिसर तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी इसने धूम मचाई। विभिन्न हैंडल्स से कुल 200 पोस्ट किए गए, जिन्होंने 16.7 मिलियन (1.67 करोड़) से अधिक व्यूज प्राप्त किए। इनमें इंस्टाग्राम पर 7 मिलियन, फेसबुक पर 5.2 मिलियन, ट्विटर पर 2.8 मिलियन और यूट्यूब पर 1.7 मिलियन व्यूज शामिल हैं, जो इसकी व्यापक सफलता को दर्शाते हैं।
प्रदर्शनी का एक प्रमुख आकर्षण आधुनिक पुलिस तकनीक और सिमुलेटर रहे, जिन्होंने आगंतुकों को पुलिस प्रशिक्षण का सीधा अनुभव दिया। पुलिसकर्मी और आमजन दोनों ही इन उपकरणों के उपयोग को लेकर काफी उत्साहित थे। फायरिंग सिमुलेटर पर लगभग 16,000 लोगों ने अभ्यास किया, जबकि वाहन सिमुलेटर का अनुभव लगभग 8,000 लोगों ने लिया। इसके अलावा पुलिस कार्यप्रणाली से संबंधित क्विज प्रतियोगिताओं में 18,000 लोगों ने भाग लिया।

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