राजस्थान के गांधी गोकुल भाई को 40वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि
० आशा पटेल ०
जयपुर। राजस्थान के गांधी के नाम से प्रसिद्ध, संविधान सभा के सदस्य तथा समाज सुधारक गोकुल भाई भट्ट की 40वीं पुण्यतिथि के अवसर पर राजस्थान समग्र सेवा संघ परिसर, जयपुर स्थित उनके समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सभा की अध्यक्षता समग्र सेवा संघ के अध्यक्ष सवाई सिंह ने की। इस अवसर पर राजस्थान लोक सेवा संघ के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर बी. एम. शर्मा ने भट्ट के व्यक्तित्व, विचारधारा और जनसेवा के विविध आयामों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
सभा में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया गया कि राज्य सरकार गोकुल भाई भट्ट के आदर्शों को मूर्त रूप देते हुए राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू करे। यह भी निर्णय लिया गया कि यदि सरकार इस दिशा में शीघ्र कदम नहीं उठाती, तो प्रदेशभर में व्यापक आन्दोलन प्रारम्भ किया जाएगा। श्रद्धांजलि सभा के प्रारंभ में एस.एम.एस. अस्पताल के आई.सी.यू. में हुई आगजनी दुर्घटना में मारे गए लोगों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर उमेश शर्मा ने सर्वधर्म प्रार्थना और वैष्णव जन तो तेने कहिए गीत से सभा का शुभाप्रारंभ किया।
सभा में पूर्व प्रशासनिक अधिकारी एन के खींचा, प्रो गोपाल मोदानी, मदनलाल नामा, सनाढ्य साहब, मंगल, पत्रकार आशा पटेल, अनिल यादव,सुरेश पारीक, जयदेव शर्मा,कलाकार दधीचि पटेल, जयंत, एडवोकेट उमेश शर्मा आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन राजस्थान समग्र सेवा संघ के सचिव गोपाल शरण पारीक ने किया।
जयपुर। राजस्थान के गांधी के नाम से प्रसिद्ध, संविधान सभा के सदस्य तथा समाज सुधारक गोकुल भाई भट्ट की 40वीं पुण्यतिथि के अवसर पर राजस्थान समग्र सेवा संघ परिसर, जयपुर स्थित उनके समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सभा की अध्यक्षता समग्र सेवा संघ के अध्यक्ष सवाई सिंह ने की। इस अवसर पर राजस्थान लोक सेवा संघ के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर बी. एम. शर्मा ने भट्ट के व्यक्तित्व, विचारधारा और जनसेवा के विविध आयामों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
सवाई सिंह ने गोकुलभाई के आजादी के आंदोलन और बाद में राजस्थान के गठन के दौरान योगदान की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गोकुल भाई ने ही माउंटआबू को गुजरात में जाने से रोका। वे कांग्रेस के पहले अध्यक्ष रहे। नशाबंदी को लेकर उन्होंने लंबा संघर्ष किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वे वरिष्ठजन उपस्थित रहे जिन्होंने गोकुल भट्ट के साथ शराबबंदी आंदोलन एवं अन्य रचनात्मक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई थी। जिनमें सवाई सिंह,गोपाल शरण, आशा पटेल, राजेंद्र कुम्भज, आदि गोकुलभाई के साथ आंदोलनों में सदैव सिपाही की भूमिका में रहे।
सभा में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया गया कि राज्य सरकार गोकुल भाई भट्ट के आदर्शों को मूर्त रूप देते हुए राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू करे। यह भी निर्णय लिया गया कि यदि सरकार इस दिशा में शीघ्र कदम नहीं उठाती, तो प्रदेशभर में व्यापक आन्दोलन प्रारम्भ किया जाएगा। श्रद्धांजलि सभा के प्रारंभ में एस.एम.एस. अस्पताल के आई.सी.यू. में हुई आगजनी दुर्घटना में मारे गए लोगों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर उमेश शर्मा ने सर्वधर्म प्रार्थना और वैष्णव जन तो तेने कहिए गीत से सभा का शुभाप्रारंभ किया।
सभा में पूर्व प्रशासनिक अधिकारी एन के खींचा, प्रो गोपाल मोदानी, मदनलाल नामा, सनाढ्य साहब, मंगल, पत्रकार आशा पटेल, अनिल यादव,सुरेश पारीक, जयदेव शर्मा,कलाकार दधीचि पटेल, जयंत, एडवोकेट उमेश शर्मा आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन राजस्थान समग्र सेवा संघ के सचिव गोपाल शरण पारीक ने किया।
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