इस साल नहीं मिलेगा खादी पर 50 फीसदी रिबेट संस्थाओं का राज्य सरकार पर 100 करोड़ बकाया
० आशा पटेल ०
जयपुर | देश भर में 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंति मनायी जाती है और तभी से खादी की वस्तुओं पर रिबेट शुरू हो जाता है | जबकि राजस्थान सरकार महात्मा गांधी की खादी को प्रमोट करने के लिए 50 प्रतिशत डिस्काउंट के विज्ञापन छपवा कर वाह-वाही लूट रही है, लेकिन यह डिस्काउंट सरकारी झूठ साबित हो रहा है। क्योंकि खादी ग्रामोद्योग केन्द्र पर खरीददारी करने जा रहे खादी प्रेमी लोगों को 50% का कोई डिस्काउंट नहीं मिल रहा है, ऐसे में खादी पहनना पसंद करने वाले हजारों लोग खादी ग्रामोद्योग केन्द्रों से निराश हो कर लौट रहे हैं।दरअसल बीते तीन वर्षों से खादी ग्रामोद्योग संस्थाओं का 100 करोड़ रूपए की रिबेट राशि का राज्य सरकार द्वारा भुगतान नहीं किया गया है । प्रदेश की सभी खादी संस्थाओं ने एक जुटता दिखाई और संस्था संघ में बैठक कर खादी ग्रामोद्योग संस्थाओं ने मिलकर एक निर्णय लिया कि वे इस वर्ष राज्य सरकार द्वारा 2 अक्टूबर से 30 जनवरी तक के लिए घोषित किया गया 35 प्रतिशत डिस्काउंट खादी उत्पादों पर नहीं देंगी।
खादी ग्रामोद्योग संस्था संघ के मंत्री अनिल कुमार शर्मा के अनुसार खादी को प्रमोट करने के लिए राजस्थान सरकार 2 अक्टूबर से 30 जनवरी तक 35 प्रतिशत डिस्काउंट ऑफर करती है। केन्द्र सरकार की तरफ से 5 प्रतिशत, संस्थाओं की ओर से 10 प्रतिशत और राजस्थान सरकार की तरफ से 35 प्रतिशत, इस तरह कुल 50 प्रतिशत छूट प्रदेश में निर्मित खादी उत्पाद की खरीद पर ग्राहकों को दी जाती है।
संस्था संघ के मंत्री अनिल कुमार शर्मा ने अफ़सोस जताते हुए कहा कि पिछले 2022 - 2023 , 2023 - 2024 और 2024 - 2025 तक के इन तीन वर्षों से सरकार ने संस्थाओं का 35 प्रतिशत रिबेट राशि का भुगतान नहीं किया है। शर्मा ने बताया कि प्रदेश की सभी खादी संस्थाओं ने सरकार के कहने पर बीते तीन वर्षों में ग्राहकों को स्टेट खादी पर 50 प्रतिशत डिस्काउंट देकर उत्पाद बेचे, लेकिन राज्य सरकार ने अब तक संस्थाओं को उनका 35 प्रतिशत डिस्काउंट की बकाया करीब 100 करोड़ रूपए राशि का भुगतान नहीं किया है। राज्य सरकार से बार-बार भुगतान संबंधी मांग करने के बावजूद कोई सुनवायी नहीं हो रही है।
खादी पसंद करने वाले प्रदेश के लाखों ग्राहक हर वर्ष 2 अक्टूबर से 30 जनवरी तक मिलने वाले 50 प्रतिशत डिस्काउंट ऑफर का इंतजार करते हैं। लेकिन इस बार जब लोग खादी ग्रामोद्योग केन्द्रों पर खरीददारी करने पहुंचे तो उन्हें 50 प्रतिशत डिस्काउंट नहीं मिलने की बुरी खबर मिली । जिससे ग्राहकों को काफी निराशा महसूस हुई और कई ग्राहक बिना खरीददारी ही लौट गए। हालांकि खादी ग्रामोद्योग संस्थाएं फिलहाल अपने स्तर पर ग्राहकों को 25 प्रतिशत डिस्काउंट दे रही हैं।
जयपुर | देश भर में 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंति मनायी जाती है और तभी से खादी की वस्तुओं पर रिबेट शुरू हो जाता है | जबकि राजस्थान सरकार महात्मा गांधी की खादी को प्रमोट करने के लिए 50 प्रतिशत डिस्काउंट के विज्ञापन छपवा कर वाह-वाही लूट रही है, लेकिन यह डिस्काउंट सरकारी झूठ साबित हो रहा है। क्योंकि खादी ग्रामोद्योग केन्द्र पर खरीददारी करने जा रहे खादी प्रेमी लोगों को 50% का कोई डिस्काउंट नहीं मिल रहा है, ऐसे में खादी पहनना पसंद करने वाले हजारों लोग खादी ग्रामोद्योग केन्द्रों से निराश हो कर लौट रहे हैं।दरअसल बीते तीन वर्षों से खादी ग्रामोद्योग संस्थाओं का 100 करोड़ रूपए की रिबेट राशि का राज्य सरकार द्वारा भुगतान नहीं किया गया है । प्रदेश की सभी खादी संस्थाओं ने एक जुटता दिखाई और संस्था संघ में बैठक कर खादी ग्रामोद्योग संस्थाओं ने मिलकर एक निर्णय लिया कि वे इस वर्ष राज्य सरकार द्वारा 2 अक्टूबर से 30 जनवरी तक के लिए घोषित किया गया 35 प्रतिशत डिस्काउंट खादी उत्पादों पर नहीं देंगी।
खादी ग्रामोद्योग संस्था संघ के मंत्री अनिल कुमार शर्मा के अनुसार खादी को प्रमोट करने के लिए राजस्थान सरकार 2 अक्टूबर से 30 जनवरी तक 35 प्रतिशत डिस्काउंट ऑफर करती है। केन्द्र सरकार की तरफ से 5 प्रतिशत, संस्थाओं की ओर से 10 प्रतिशत और राजस्थान सरकार की तरफ से 35 प्रतिशत, इस तरह कुल 50 प्रतिशत छूट प्रदेश में निर्मित खादी उत्पाद की खरीद पर ग्राहकों को दी जाती है।
संस्था संघ के मंत्री अनिल कुमार शर्मा ने अफ़सोस जताते हुए कहा कि पिछले 2022 - 2023 , 2023 - 2024 और 2024 - 2025 तक के इन तीन वर्षों से सरकार ने संस्थाओं का 35 प्रतिशत रिबेट राशि का भुगतान नहीं किया है। शर्मा ने बताया कि प्रदेश की सभी खादी संस्थाओं ने सरकार के कहने पर बीते तीन वर्षों में ग्राहकों को स्टेट खादी पर 50 प्रतिशत डिस्काउंट देकर उत्पाद बेचे, लेकिन राज्य सरकार ने अब तक संस्थाओं को उनका 35 प्रतिशत डिस्काउंट की बकाया करीब 100 करोड़ रूपए राशि का भुगतान नहीं किया है। राज्य सरकार से बार-बार भुगतान संबंधी मांग करने के बावजूद कोई सुनवायी नहीं हो रही है।
खादी पसंद करने वाले प्रदेश के लाखों ग्राहक हर वर्ष 2 अक्टूबर से 30 जनवरी तक मिलने वाले 50 प्रतिशत डिस्काउंट ऑफर का इंतजार करते हैं। लेकिन इस बार जब लोग खादी ग्रामोद्योग केन्द्रों पर खरीददारी करने पहुंचे तो उन्हें 50 प्रतिशत डिस्काउंट नहीं मिलने की बुरी खबर मिली । जिससे ग्राहकों को काफी निराशा महसूस हुई और कई ग्राहक बिना खरीददारी ही लौट गए। हालांकि खादी ग्रामोद्योग संस्थाएं फिलहाल अपने स्तर पर ग्राहकों को 25 प्रतिशत डिस्काउंट दे रही हैं।
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