एकता,अमन और भाईचारे” के संदेश के साथ “जश्न-ए-तिरंगा”
नई दिल्ली, उर्दू अकादमी दिल्ली व तिरंगा फाउंडेशन ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित
मुशायरा “जश्न-ए-तिरंगा” का आयोजन किया गया। चेयरमैन भूपिंदर सिघं तिरंगा ने कहा कि ये मुशायरा उर्दू ज़बान ओ अदब के फरोग ओ तहफ़्फ़ुज़ और क़ौमी यकजहती,अम्न ओ अमान, हुब्बुल वतनी के लिहाज़ से एक यादगार अदबी महफ़िल के हवाले से पहचाना जाएगा। मुशायरे का मक़सद “एकता, अमन और भाईचारे” के संदेश को शायरी के ज़रिए समाज तक पहुँचाना था।
इस अवसर पर जाने-माने शायरों ने अपने कलाम से महफ़िल को चार चाँद लगा दिए डॉ. अना देहलवी, सरदार सुरेंद्र सिंह शजर, डॉ. हबीब सैफ़ी, डॉ. आदेश त्यागी, ममता किरण, दानिश अय्यूबी, डॉ. यास्मीन मुमल, सरिता जैन, क़ासिम शम्सी, सरफ़राज़ अहमद फ़राज़, इशाक़ अली सुंदर, इरफ़ान राही महजबीन,फ़िरोज़ ख़ान सैफी, जावेद नियाज़ी ने अपने अशआर से देशभक्ति और इंसानियत का पैग़ाम दिया।
कार्यक्रम में साहित्य, पत्रकारिता और समाजसेवा से जुड़े अनेक विशिष्ट अतिथि भी मौजूद रहे। जिनमें आर एन वत्स, राम बचन चौधरी, मास्टर अली शेर सैफी, हरदीप सिंह अरोड़ा, दर्शन सिंह, गुलज़ार सिंह, बलविंदर सिंघ बाईसन,ज़रीफ़ अहमद, जसमीत सिंह, सलीम क़ुरैशी, सलीम सैफी सलीम मलिक, अदित्य राजपूत, मेहफूज आलम, सीमा वर्मा, शमशेर, गुलशन सैफी, मोहम्मद तकी, राकेश पत्रकार, रण सिंह चौधरी, असगर सैफी, आसिफ़ अली, वसीम अकरम, डॉक्टर मनीष, मौलाना ग़ुलाम रसूल, शफीक़, भूरा कुरैशी , मजहर सैफी, अज़ीज़ सैफी पत्रकार आदि उपस्थित दर्शकों ने उत्साह बढ़ाया।
मुशायरा “जश्न-ए-तिरंगा” का आयोजन किया गया। चेयरमैन भूपिंदर सिघं तिरंगा ने कहा कि ये मुशायरा उर्दू ज़बान ओ अदब के फरोग ओ तहफ़्फ़ुज़ और क़ौमी यकजहती,अम्न ओ अमान, हुब्बुल वतनी के लिहाज़ से एक यादगार अदबी महफ़िल के हवाले से पहचाना जाएगा। मुशायरे का मक़सद “एकता, अमन और भाईचारे” के संदेश को शायरी के ज़रिए समाज तक पहुँचाना था।
इस समारोह के अध्यक्ष लक्ष्मी शंकर वाजपेई ने कहा कि “ जश्न-ए-तिरंगा” सिर्फ़ एक मुशायरा नहीं बल्कि एक राष्ट्रीय भावना का उत्सव है, जो लोगों को एक सूत्र में पिरोता है। मुशायरे के कन्वीनर इरफ़ान राही ने कहा कि “यह मुशायरा हमारे मुल्क की गंगा-जमुनी तहज़ीब का प्रतीक है, जहाँ हर जुबान और हर दिल में सिर्फ़ हिंदुस्तान बसता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार लक्ष्मी शंकर बाजपेयी ने की, जबकि संचालन शायर दानिश अय्यूबी ने किया।
इस अवसर पर जाने-माने शायरों ने अपने कलाम से महफ़िल को चार चाँद लगा दिए डॉ. अना देहलवी, सरदार सुरेंद्र सिंह शजर, डॉ. हबीब सैफ़ी, डॉ. आदेश त्यागी, ममता किरण, दानिश अय्यूबी, डॉ. यास्मीन मुमल, सरिता जैन, क़ासिम शम्सी, सरफ़राज़ अहमद फ़राज़, इशाक़ अली सुंदर, इरफ़ान राही महजबीन,फ़िरोज़ ख़ान सैफी, जावेद नियाज़ी ने अपने अशआर से देशभक्ति और इंसानियत का पैग़ाम दिया।
कार्यक्रम में साहित्य, पत्रकारिता और समाजसेवा से जुड़े अनेक विशिष्ट अतिथि भी मौजूद रहे। जिनमें आर एन वत्स, राम बचन चौधरी, मास्टर अली शेर सैफी, हरदीप सिंह अरोड़ा, दर्शन सिंह, गुलज़ार सिंह, बलविंदर सिंघ बाईसन,ज़रीफ़ अहमद, जसमीत सिंह, सलीम क़ुरैशी, सलीम सैफी सलीम मलिक, अदित्य राजपूत, मेहफूज आलम, सीमा वर्मा, शमशेर, गुलशन सैफी, मोहम्मद तकी, राकेश पत्रकार, रण सिंह चौधरी, असगर सैफी, आसिफ़ अली, वसीम अकरम, डॉक्टर मनीष, मौलाना ग़ुलाम रसूल, शफीक़, भूरा कुरैशी , मजहर सैफी, अज़ीज़ सैफी पत्रकार आदि उपस्थित दर्शकों ने उत्साह बढ़ाया।

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