ब्लू डार्ट ने अपने नेटवर्क को सशक्त बनाने के लिए पटौदी में ग्रीन इंटीग्रेटेड ग्राउंड हब का उद्घाटन किया

० नूरुद्दीन अंसारी ० 
मुंबई : ब्लू डार्ट ने आयोजित एक समारोह में हरियाणा के पटौदी में अपने सबसे बड़े ग्रीन इंटीग्रेटेड हब का उद्घाटन किया। यह अत्याधुनिक सुविधा कई संचालन प्रक्रियाओं को एक ही छत के नीचे लाकर ब्लू डार्ट के देशव्यापी एक्सप्रेस नेटवर्क में कनेक्टिविटी, स्केलेबिलिटी और दक्षता को बढ़ावा देती है, साथ ही इसके सतत विकास के एजेंडे को भी आगे बढ़ाती है।

 नई दिल्ली हवाई अड्डे से 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित, पटौदी हब दिल्ली-एनसीआर और प्रमुख राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे के साथ मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी प्रदान करता है। इसका स्थान "सेंटर ऑफ ग्रेविटी" अनुकूलन को सक्षम बनाता है, जिससे वाहन आवागमन में 30% की कमी आती है और प्रवाह गति में 10% की वृद्धि होती है, जो इसे उत्तर भारत के लिए एक महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक्स हब बनाता है।

50,558 वर्ग मीटर में फैली यह सुविधा ई-कॉमर्स, घरेलू एक्सप्रेस और ग्राउंड शिपमेंट्स को एकीकृत संचालन के तहत समाहित करती है। इसमें प्रतिदिन 2,00,000 शिपमेंट्स की ऑटो सॉर्टर क्षमता और 2,283 टन दैनिक हैंडलिंग क्षमता है। अत्याधुनिक ऑटोमेशन, मोटर चालित कन्वेयर और सुव्यवस्थित लोड हस्तांतरण प्रणाली के साथ निर्मित यह पटौदी हब 2033 तक भविष्य के लिए तैयार है, जो ड्वेल टाइम को कम करता है और प्रवाह गति में 10–15% की वृद्धि लाता है।

ब्लू डार्ट के मैनेजिंग डायरेक्टर, बॅलफर मैनुअल ने कहा : “नॉर्थ इंटीग्रेटेड ग्राउंड हब स्थिरता ( सस्टेनेबिलिटी ) , ऑटोमेशन और स्केलेबिलिटी का प्रतीक है। हम अपने ग्राहकों के लिए तेज़ और अधिक विश्वसनीय डिलीवरी सुनिश्चित कर रहे हैं, साथ ही भारत के आर्थिक और पर्यावरणीय लक्ष्यों का समर्थन भी कर रहे हैं। जैसे-जैसे हम अपने नेटवर्क को ऐसी अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ विस्तार रहे हैं, वैसे ब्लू डार्ट देशभर के व्यवसायों और समुदायों के लिए पसंदीदा सेवा प्रदाता बने रहने के लिए प्रतिबद्ध है। यह उपलब्धि हमें एक व्यापार सुगमता प्रदाता (trade facilitator) के रूप में और अधिक सशक्त बनाती है, तथा हमारी गति, दृढ़ता और सतत विकास के वादे को आगे बढ़ाती है।”

यह हब अपने केंद्र में “गो ग्रीन” पहलों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जिसमें 600 KVA की रूफटॉप सोलर प्लांट, ऑन-साइट ईवी चार्जिंग सुविधा, और प्राकृतिक स्कायलाइट्स शामिल हैं, जो ऊर्जा खपत को कम करने में मदद करते हैं। संचालनों को एकीकृत करने और वाहनों की आवाजाही को घटाने से यह सुविधा ईंधन की खपत और उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी लाती है, जिससे ब्लू डार्ट के 2050 नेट-ज़ीरो लक्ष्य के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और मजबूत होती है।

250 से अधिक ग्राउंड नेटवर्क मार्गों, आठ समर्पित मालवाहक विमानों (freighters) और देशभर में 19,000 से अधिक पिन कोड्स तक पहुंच के साथ, ब्लू डार्ट भारत की बढ़ती लॉजिस्टिक्स मांग को पूरा करने के लिए अपने बुनियादी ढांचे का लगातार विस्तार कर रहा है। पटौदी सुविधा के लॉन्च से यह सिद्ध होता है कि ब्लू डार्ट देश के लिए सतत, तकनीक-सक्षम और विश्वसनीय एक्सप्रेस लॉजिस्टिक्स समाधान प्रदान करने में अग्रणी बना हुआ है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

स्पेशल ओलंपिक्स यूनिफाइड बास्केटबॉल 3x3 वर्ल्ड कप भारत ने जीता ब्रॉन्ज मेडल

राजस्थान के सरकारी विश्वविद्यालयों के पेंशनर्स हुए लामबंद

सांगानेर में सरकार की संवेदनहीनता से 87 कॉलोनियों पर संकट

इंडिया इंटरनेशनल हॉस्पिटैलिटी एक्सपो में ईपीसीएच पवेलियन ने भारतीय शिल्प कौशल का किया प्रदर्शन

IFWJ के पत्रकारों का सिस्टम के विरुद्ध अनिश्चितकालीन धरना

पेंशनर सोसाइटी ने पेंशनर्स समस्या हल करने हेतु राज्यपाल से लगाई गुहार

श्री राम राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था अयोध्या धाम पटल पर गूंजी पर्यावरण चेतना,महिला कवित्रियों ने रचा हरित इतिहास