हज़ारों प्रदर्शनकारियों ने धर्म परिवर्तन विधेयक के ख़िलाफ़ किया प्रदर्शन

० आशा पटेल ० 
जयपुर। हजारों लोगों ने मुख्यमंत्री से की अपील प्रार्थना सभाओं को अपराध घोषित करना बंद करें, बजरंग दल आदि द्वारा ईसाइयों के विरुद्ध फैलाया जा रहा आतंक रोका जाए ! जयपुर शहर के दो हज़ार से अधिक नागरिक राजस्थान विधानसभा द्वारा पारित धर्म परिवर्तन विधेयक के विरोध में एकजुट हुए। यह जनसभा धर्म परिवर्तन विधेयक 2025 के ख़िलाफ़ समन्वयन द्वारा शहीद स्मारक, जयपुर में आयोजित की गई। 20 से अधिक संगठनों ने इस असंवैधानिक और धार्मिक स्वतंत्रता के विरुद्ध बिल के विरोध में भाग लिया। इनमें प्रमुख रूप से जयपुर क्रिश्चियन फेलोशिप और राजस्थान क्रिश्चियन एलायंस के सैकड़ों सदस्य शामिल थे।
सभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित हुआ कि जब तक यह विधेयक वापस नहीं लिया जाता, तब तक राज्यभर में अल्पसंख्यक समुदाय इसका विरोध जारी रखेंगे। “राज्यपाल इस असंवैधानिक बिल पर हस्ताक्षर न करें और राष्ट्रपति को भेजे ! राज्यपाल को भेजे गए ज्ञापन पर सैकड़ों लोगों ने हस्ताक्षर किए।
अब इस बिल के विरोध में राजस्थान के हर ज़िले और हर शहर में रैलियाँ, जनसभाएँ और हस्ताक्षर अभियान आयोजित किए जाएँगे। मुख्यमंत्री को भी एक ज्ञापन सौंपा गया, जिस पर सभी प्रतिभागियों ने हस्ताक्षर किए।
ज्ञापन में 20 दिनों में अलवर, श्री गंगानगर, बहरोड़ कोटपुतली, डूंगरपुर, भरतपुर, धौलपुर, हनुमानगढ़ ज़िलों में 13 हमलों का उल्लेख किया गया और मुख्यमंत्री से माँग की गई कि वे सभी समुदायों ईसाई, मुस्लिम, बौद्ध, सिख और अन्य के पूजा के मौलिक अधिकार की रक्षा करें। पुलिस को यह निर्देश देने की माँग की गई कि वह ईसाई समुदाय की रविवार की प्रार्थना सभाओं को “अपराध” घोषित करना तुरंत बंद करे। इससे समुदाय में दहशत फैल रहा है l सभा में बताया गया कि वीएचपी और बजरंग दल के लोग इन सभाओं पर बार-बार हमला करते हैं और पुलिस उन्हें रोकने के बजाय पादरियों और उपासकों को डराती और मुकदमे दर्ज करती है।

पुलिस की इस पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की तीखी आलोचना हुई और माँग रखी गई कि ऐसे सभी समूहों की तुरंत गिरफ्तारी की जाए। विशेष रूप से प्रतापनगर थाने की एफआईआर संख्या 0783 /2025 में तुरंत कार्रवाई करने की माँग उठाई गई। सभा को संबोधित करने वाले प्रमुख वक्ता बिशप ऑसवाल्ड लुईस, पास्टर विजयपाल सिंह, फादर एडवर्ड ओलिवेरा अन्य वक्ताओं में मुहम्मद नाज़िमुद्दीन (जमाअत-ए-इस्लामी हिंद), सवाई सिंह (राजस्थान समग्र सेवा संघ), 

निशा सिद्दू (एनएफआईडब्ल्यू), सुमित्रा चोपड़ा (सीपीआईएम), सबीहा (जमाअत-ए-इस्लामी महिला प्रकोष्ठ), प्रो. हसन, बसंत हरयाणा (राजस्थान नागरिक मंच), सैमुअल डेविड (कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ), और कविता श्रीवास्तव (पीयूसीएल)। सभा में बौद्ध समुदाय सहित विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन पास्टर राजनीश जैकब और राकेश जोसेफ ने किया, जबकि अध्यक्षता जस्टिन बॉनिफेस (सेक्रेटरी, जयपुर क्रिश्चियन फेलोशिप) और राजनीश जैकब ने की। 

 कोऑर्डिनेशन कमेटी के संगठन : 1. जयपुर क्रिश्चियन फेलोशिप 2. राजस्थान क्रिश्चियन एलायंस 3. राजस्थान समग्र सेवा संघ 4. पीयूसीएल (पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज) 5. एपीसीआर राजस्थान (एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स, राजस्थान) 6. राजस्थान बौद्ध महासंघ
7. एनएफआईडब्ल्यू (नेशनल फेडरेशन ऑफ़ इंडियन वीमेन) 8. एआईडीडब्ल्यूए (ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक वीमेन’स एसोसिएशन) 9. दमन प्रतिरोध आंदोलन, राजस्थान (मूवमेंट अगेंस्ट रेप्रेशन, राजस्थान)
10. युवा बौद्ध सोसाइटी ऑफ़ इंडिया (वाईबीएस) 11. जमाअत-ए-इस्लामी, राजस्थान 12. जमीअत उलेमा-ए-हिन्द

13. लोकतंत्र एवं सांप्रदायिक सौहार्द मंच 14. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) 15. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी 16. एसडीपीआई, राजस्थान सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ इंडिया,राज 17. रा मंच 18. दलित–मुस्लिम एकता मंच, राजस्थान 19. वेलफ़ेयर पार्टी ऑफ़ इंडिया, राजस्थान 20. अम्बेडकराइट पार्टी ऑफ़ इंडिया, राजस्थान आदि।

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