जस्ट आस्क! खुल के पूछो!’ चैटबॉट से युवाओं में डिजिटल स्वास्थ्य जागरूकता

० संवाददाता द्वारा ० 
जयपुर,युवाओं को डिजिटल माध्यम से सशक्त बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल के रूप में “जस्ट आस्क! खुल के पूछो!” नामक एआई आधारित चैटबॉट पर एक इंटरएक्टिव यूथ सेशन का आयोजन पूर्णिमा विश्वविद्यालय, जयपुर के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में किया गया।
यह कार्यक्रम लोक संवाद संस्थान और सीकोइडिकॉन (CECOEDECON) द्वारा यूएनएफपीए (UNFPA) राजस्थान के सहयोग से आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य युवाओं के लिए एक सुरक्षित, समावेशी और पूर्वाग्रह-रहित डिजिटल मंच तैयार करना है, जहाँ वे यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य अधिकारों (SRHR) से जुड़ी सही और भरोसेमंद जानकारी प्राप्त कर सकें।
लोक संवाद संस्थान के सचिव कल्याण सिंह कोठारी ने कहा कि डिजिटल तकनीक के माध्यम से युवाओं में लैंगिक समानता, जागरूकता और सशक्तिकरण के नए रास्ते खुल रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति में योगदान देती है, विशेषकर स्वास्थ्य, शिक्षा और लैंगिक समानता से जुड़े लक्ष्यों में।
यूएनएफपीए एवं सीकोइडिकॉन से संबद्ध सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ मनीष शर्मा ने विषय “एआई आधारित चैटबॉट – विशेषताएँ एवं प्रभाव” पर प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि “जस्ट आस्क! खुल के पूछो!” चैटबॉट एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित संवाद मंच है, जो युवाओं को किशोरावस्था, मासिक धर्म, लैंगिक पहचान, सुरक्षित यौन व्यवहार और गर्भनिरोध जैसे विषयों पर सरल, प्रमाणित और आयु-उपयुक्त जानकारी प्रदान करता है। यह मंच युवाओं को बिना झिझक और भय के प्रश्न पूछने का एक गोपनीय एवं विश्वसनीय माध्यम उपलब्ध कराता है।
प्रो. (डॉ.) संजीव भनावत, संचार एवं मीडिया विशेषज्ञ, पूर्व विभागाध्यक्ष, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, राजस्थान विश्वविद्यालय ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए “जस्ट आस्क – खुल के पूछो” चैटबॉट के उद्देश्य और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं में संवाद, समझ और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम के दौरान इंटरएक्टिव सेशन आयोजित हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने अपने मोबाइल फोन के माध्यम से चैटबॉट का लाइव डेमो देखा और ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन किया। उन्होंने अनुभव किया कि यह चैटबॉट युवाओं को सुरक्षित और उपयोगी जानकारी तुरंत उपलब्ध कराता है।

इसके बाद एसआरएचआर विषयों पर क्विज़ प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसका संचालन आशिष बक्शी (ह्यूमन रिसोर्स एवं पीआर कंसल्टेंट) और सुश्री राजवी अरोड़ा (काउंसलर, साइकोलॉजिस्ट एवं लाइफ कोच, जयपुर) ने किया। सक्रिय प्रतिभागियों को टोकन पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में कैंपस एम्बेसडर्स को भी सम्मानित किया गया जिन्होंने अपने संस्थानों में इस चैटबॉट अभियान को बढ़ावा दिया। यह सम्मान कल्याण सिंह कोठारी, एवं प्रो. (डॉ.) संजीव भनावत के नेतृत्व में प्रदान किया गया। कार्यक्रम का समापन पूर्णिमा विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों प्रो-प्रेजिडेंट प्रो. मंजरी राय, प्रो. जीतेन्द्र शर्मा एवं डॉ. आस्था सक्सेना द्वारा अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट करने और आभार ज्ञापन के साथ हुआ।

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