RERC द्वारा लगाए नए टैरिफ से उद्योगों पर होगा गंभीर नकारात्मक प्रभाव - राजस्थान चैंबर
जयपुर | राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग (RERC) द्वारा 3 अक्टूबर को जारी किए गए नवीन टैरिफ आदेश पर गहरी चिंता व्यक्त की है। राजस्थान चैंबर के अनुसार, इस आदेश में लागू किए गए रेगुलेटरी सरचार्ज, ऊर्जा शुल्क और स्थायी शुल्क में वृद्धि राज्य के औद्योगिक उपभोक्ताओं और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए अत्यधिक वित्तीय बोझ पैदा करेगी।
राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष डॉ. के.एल. जैन ने कहा "यह समय उद्योगों के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण है। पहले से ही वैश्विक एवं घरेलू आर्थिक मंदी, बढ़ती उत्पादन लागत और घटती मांग के दबाव में उद्योग लगातार संघर्ष कर रहे हैं। इस अतिरिक्त टैरिफ से उनकी प्रतिस्पर्धा क्षमता प्रभावित होगी, उत्पादन लागत बढ़ेगी और रोजगार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
राजस्थान चैंबर ने राज्य सरकार और RERC से आग्रह किया है कि -संशोधित टैरिफ और रेगुलेटरी सरचार्ज को तत्काल वापस लिया जाए । सौर ऊर्जा अपनाने को प्रोत्साहित किया जाए और समानांतर संचालन शुल्क में संशोधन किया जाए। टैरिफ वसूली को चरणबद्ध और उद्योग-सुलभ तरीके से लागू किया जाए।
डॉ. के.एल. जैन ने कहा "राजस्थान में संतुलित टैरिफ नीति लागू करना न केवल उद्योगों की स्थिरता सुनिश्चित करेगा बल्कि निवेश और रोजगार को भी बढ़ावा देगा। उन्होने आशा ज़ाहिर की है सरकार और आयोग उद्योगों और आम जनता की वास्तविक परिस्थितियों को समझेंगे और त्वरित समाधान करेंगे।" उन्होने कहा की यदि वर्तमान टैरिफ में सुधार नहीं किया गया, तो यह राजस्थान के औद्योगिक माहौल और आम जनता के जीवन स्तर पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष डॉ. के.एल. जैन ने कहा "यह समय उद्योगों के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण है। पहले से ही वैश्विक एवं घरेलू आर्थिक मंदी, बढ़ती उत्पादन लागत और घटती मांग के दबाव में उद्योग लगातार संघर्ष कर रहे हैं। इस अतिरिक्त टैरिफ से उनकी प्रतिस्पर्धा क्षमता प्रभावित होगी, उत्पादन लागत बढ़ेगी और रोजगार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
राजस्थान चैंबर ने राज्य सरकार और RERC से आग्रह किया है कि -संशोधित टैरिफ और रेगुलेटरी सरचार्ज को तत्काल वापस लिया जाए । सौर ऊर्जा अपनाने को प्रोत्साहित किया जाए और समानांतर संचालन शुल्क में संशोधन किया जाए। टैरिफ वसूली को चरणबद्ध और उद्योग-सुलभ तरीके से लागू किया जाए।
डॉ. के.एल. जैन ने कहा "राजस्थान में संतुलित टैरिफ नीति लागू करना न केवल उद्योगों की स्थिरता सुनिश्चित करेगा बल्कि निवेश और रोजगार को भी बढ़ावा देगा। उन्होने आशा ज़ाहिर की है सरकार और आयोग उद्योगों और आम जनता की वास्तविक परिस्थितियों को समझेंगे और त्वरित समाधान करेंगे।" उन्होने कहा की यदि वर्तमान टैरिफ में सुधार नहीं किया गया, तो यह राजस्थान के औद्योगिक माहौल और आम जनता के जीवन स्तर पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।

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