इंटरनेशनल न्यूज़ एण्ड व्यूज़ कारपोरेशन USA द्वारा डॉ. के.एल.जैन को‘लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड
० आशा पटेल ०
जयपुर । राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष डॉ. के.एल. जैन को व्यापार, वाणिज्य एवं उद्योग क्षेत्र में उनके योगदान और उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए “लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड” मानव रत्न से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें उनके पिछले 55 वर्षों से निरंतर सेवा, समर्पण और अद्वितीय नेतृत्व क्षमता के लिए इंटरनेशनल न्यूज़ एण्ड व्यूज़ कारपोरेशन (INVC), USA द्वारा
डॉ. जैन ने कहा “यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि उन सभी व्यापारियों, उद्योगपतियों और उद्यमियों एवं चैम्बर के सदस्यों का है जिन्होंने मुझे सदैव सहयोग प्रदान किया है । राजस्थान की आर्थिक प्रगति और उद्योग जगत को नई ऊँचाइयों पर ले जाना मेरा संकल्प रहा है और आगे भी मैं इस दिशा में राज्य सरकार के साथ निरंतर कार्य करता रहूँगा। उन्होने कहा इंडस्ट्री–अकादमिक इंटरफेस केवल एक विकल्प नहीं बल्कि समय की आवश्यकता है। इससे शिक्षा संस्थानों को नई दिशा, उद्योग को योग्य प्रतिभा और समाज को समग्र विकास मिलता है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ अरुण चतुर्वेदी थे साथ ही विशिष्ट अतिथि के रूप में जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के चेयरमैन ओ पी अग्रवाल स्वामी केशवानंद इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी के चेयरमैन सुरजा राम मील इंटरनेशनल न्यूज एंड व्यूज कारपोरेशन अमेरिका के डॉ डी पी शर्मा जाकिर हुसैन, भरद्वाज फाउंडेशन जयपुर के संस्थापक एवं मोटीवेशनल स्पीकर डॉ पी एम भरद्वाज ने समारोह को संबोधित किया एवं इंडस्ट्री–अकादमिक इंटरफेस पर अपने विचार रखे ।
डॉ अरुण चतुर्वेदी ने कहा आज के समय में इंडस्ट्री–अकादमिक इंटरफेस अत्यंत महत्वपूर्ण है। उद्योग को प्रशिक्षित एवं व्यवहारिक ज्ञान से युक्त मानव संसाधन चाहिए, वहीं शिक्षा जगत का उद्देश्य ज्ञान, शोध और कौशल प्रदान करना है। जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के चेयरमैन ओ पी अग्रवाल स्वामी केशवानंद इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी के चेयरमैन सुरजा राम मील ने कहा इंडस्ट्री ओर यूनिवर्सिटी यदि दोनों का आपसी सहयोग हो तो पाठ्यक्रम उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप बनेगा,
जयपुर । राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष डॉ. के.एल. जैन को व्यापार, वाणिज्य एवं उद्योग क्षेत्र में उनके योगदान और उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए “लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड” मानव रत्न से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें उनके पिछले 55 वर्षों से निरंतर सेवा, समर्पण और अद्वितीय नेतृत्व क्षमता के लिए इंटरनेशनल न्यूज़ एण्ड व्यूज़ कारपोरेशन (INVC), USA द्वारा
जयपुर में राजस्थान चैम्बर एवं भारद्वाज फाउंडेशन व इंटरनेशनल न्यूज़ एण्ड व्यूज़ कारपोरेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 43वें इंडस्ट्री–अकादमिक इंटरफेस कार्यक्रम के दौरान प्रदान किया गया। अवार्ड सलेक्शन कमेटी के चेयरमैन डॉ. डी. पी. शर्मा ने बताया कि कुल 270 नामांकन में से डॉ. जैन को उनके असाधारण सेवा कार्यों और उपलब्धियों के आधार पर इस सर्वोच्च सम्मान हेतु चयनित किया गया।
डॉ. जैन ने राजस्थान के उद्योग, व्यापार और सेवा क्षेत्र के विकास को समर्पित किया है। वे न केवल राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की पहचान हैं, बल्कि उन्होंने राज्य के औद्योगिक एवं व्यापारिक परिदृश्य को नई दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अपने पाँच दशकों से अधिक लंबे कार्यकाल में डॉ. जैन ने एम.एस.एम.ई. इकाइयों के विकास, निवेश संवर्धन, औद्योगिक नीति निर्माण, कराधान सुधार, निर्यात प्रोत्साहन, रोजगार सृजन और उद्यमिता विकास जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
डॉ. जैन ने राजस्थान के उद्योग, व्यापार और सेवा क्षेत्र के विकास को समर्पित किया है। वे न केवल राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की पहचान हैं, बल्कि उन्होंने राज्य के औद्योगिक एवं व्यापारिक परिदृश्य को नई दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अपने पाँच दशकों से अधिक लंबे कार्यकाल में डॉ. जैन ने एम.एस.एम.ई. इकाइयों के विकास, निवेश संवर्धन, औद्योगिक नीति निर्माण, कराधान सुधार, निर्यात प्रोत्साहन, रोजगार सृजन और उद्यमिता विकास जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
उन्होंने अनेक बार राज्य और केंद्र सरकार को उद्योग एवं व्यापार से संबंधित समस्याओं से अवगत कराया और उनके समाधान हेतु सार्थक सुझाव प्रस्तुत किए। जी.एस.टी. सुधार, एम.एस.एम.ई. इकाइयों को समय पर भुगतान, निर्यात प्रोत्साहन योजनाएँ, कराधान विसंगतियों का निवारण, तथा निवेश आकर्षित करने के लिए नीतिगत पहल में डॉ. जैन की सक्रिय भूमिका रही है।
डॉ. जैन ने कहा “यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि उन सभी व्यापारियों, उद्योगपतियों और उद्यमियों एवं चैम्बर के सदस्यों का है जिन्होंने मुझे सदैव सहयोग प्रदान किया है । राजस्थान की आर्थिक प्रगति और उद्योग जगत को नई ऊँचाइयों पर ले जाना मेरा संकल्प रहा है और आगे भी मैं इस दिशा में राज्य सरकार के साथ निरंतर कार्य करता रहूँगा। उन्होने कहा इंडस्ट्री–अकादमिक इंटरफेस केवल एक विकल्प नहीं बल्कि समय की आवश्यकता है। इससे शिक्षा संस्थानों को नई दिशा, उद्योग को योग्य प्रतिभा और समाज को समग्र विकास मिलता है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ अरुण चतुर्वेदी थे साथ ही विशिष्ट अतिथि के रूप में जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के चेयरमैन ओ पी अग्रवाल स्वामी केशवानंद इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी के चेयरमैन सुरजा राम मील इंटरनेशनल न्यूज एंड व्यूज कारपोरेशन अमेरिका के डॉ डी पी शर्मा जाकिर हुसैन, भरद्वाज फाउंडेशन जयपुर के संस्थापक एवं मोटीवेशनल स्पीकर डॉ पी एम भरद्वाज ने समारोह को संबोधित किया एवं इंडस्ट्री–अकादमिक इंटरफेस पर अपने विचार रखे ।
डॉ अरुण चतुर्वेदी ने कहा आज के समय में इंडस्ट्री–अकादमिक इंटरफेस अत्यंत महत्वपूर्ण है। उद्योग को प्रशिक्षित एवं व्यवहारिक ज्ञान से युक्त मानव संसाधन चाहिए, वहीं शिक्षा जगत का उद्देश्य ज्ञान, शोध और कौशल प्रदान करना है। जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के चेयरमैन ओ पी अग्रवाल स्वामी केशवानंद इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी के चेयरमैन सुरजा राम मील ने कहा इंडस्ट्री ओर यूनिवर्सिटी यदि दोनों का आपसी सहयोग हो तो पाठ्यक्रम उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप बनेगा,
छात्रों को इंटर्नशिप और प्रायोगिक प्रशिक्षण मिलेगा तथा उद्योग को नवीनतम शोध व नवाचार का लाभ प्राप्त होगा। यह न केवल युवाओं को रोजगार योग्य बनाएगा बल्कि उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मकता और देश की अर्थव्यवस्था दोनों को मजबूत करेगा। इस प्रकार इंडस्ट्री–अकादमिक इंटरफेस समय की आवश्यकता है जो शिक्षा, उद्योग और समाज तीनों के लिए लाभकारी है। इस अवसर पर राजस्थान चैंबर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डी एस भंडारी, डॉ अरुण अग्रवाल, सुधीर पालीवाल, उपाध्यक्ष ज्ञान प्रकाश, सुधीर गुप्ता, मानद महासचिव आनंद महरवाल, बृज बिहारी शर्मा सहित उद्योगपति, शिक्षाविद्, सामाजिक कार्यकर्ता व छात्र उपस्थित रहे
राजस्थान चैंबर के सदस्यों ने डॉ. जैन के योगदान को अद्वितीय बताते हुए कहा कि उनका कार्य उद्योग जगत और शिक्षा जगत के बीच सेतु निर्माण में सदैव प्रेरणादायक रहा है। राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के पदाधिकारियों और सदस्यों ने डॉ. जैन को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी और इसे पूरे राज्य के औद्योगिक जगत के लिए गौरव का विषय बताया।
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