राज्य की 11,266 ग्राम पंचायते बनेगी तंबाकू-मुक्त : सुधांश पंत
० आशा पटेल ०
जयपुर, । राजस्थान को तंबाकू मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, मुख्य सचिव सुधांश पंत ने भारत सरकार द्वारा जारी 'तंबाकू मुक्त ग्राम ' गाइडलाइन के हिंदी अनुवाद का विमोचन किया। इस अवसर पर राजस्थान फ्री एलायंस के अध्यक्ष एवं डब्लूएचओ कमीशन वर्किंग ग्रुप के सदस्य डॉ. रमेश गांधी, राजस्थान फ्री एयरलाइंस के वाइस चेयरमैन धर्मवीर कटेवा,
तंबाकू मुक्त राजस्थान बनाने की यह पहल राज्य की 352 पंचायत समितियों के तहत आने वाली 11,266 ग्राम पंचायतों के 44,672 गांवों पर केंद्रित है। प्रभावित जनसंख्या: राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 5 करोड़ 15 लाख निवासी हैं, जिनमें 2 करोड़ 66 लाख पुरुष और 2 करोड़ 48 लाख महिलाएँ शामिल हैं।
तंबाकू सेवन की दर: ग्रामीण क्षेत्रों में तंबाकू का सेवन चिंताजनक स्तर पर है: पुरुष: ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 44.9% पुरुष तंबाकू का सेवन करते हैं, जिसकी अनुमानित संख्या 1 करोड़ 19 लाख 88 हजार है।
लगभग 7.2% महिलाएँ तंबाकू का सेवन करती हैं, जिनकी अनुमानित संख्या 17 लाख 89 हजार से अधिक है।
राजतोफा के समन्वयक राजन चौधरी के अनुसार गाइडलाइन पुस्तक में तंबाकू मुक्त गांव हेतु मानक, उनकी मूल्यांकन प्रक्रिया, गांव में की जाने वाली आई इसी गतिविधियां दी गई हैं| साथ ही गांव को तंबाकू मुक्त घोषित करने के लिए एक स्कोर कार्ड दिया गया है जिसमें10 मानक दिए गए हैं उनका कुल स्कोर 150 होता है | राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस ) समन्वयक कृष्ण कुमार कुमावत के अनुसार 2189 यूनिट्स है प्रत्येक यूनिट में 100 छात्र हैं इस प्रकार 2,18,900 छात्र एनएसएस के सदस्य हैं उन्होंने राजस्थान में 305 नशा मुक्ति केंद्र भी स्थापित किए हुए हैं।
मुख्य सचिव सुधांश पंत ने उपस्थित समस्त हितधारकों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने इस कार्य के महत्व को रेखांकित करते हुए जोर देकर कहा कि इस सामूहिक शक्ति को बनाए रखने की आवश्यकता है| उन्होंने कहा कि यह प्रयास हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ और स्वच्छ भविष्य का वरदान है।
जयपुर, । राजस्थान को तंबाकू मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, मुख्य सचिव सुधांश पंत ने भारत सरकार द्वारा जारी 'तंबाकू मुक्त ग्राम ' गाइडलाइन के हिंदी अनुवाद का विमोचन किया। इस अवसर पर राजस्थान फ्री एलायंस के अध्यक्ष एवं डब्लूएचओ कमीशन वर्किंग ग्रुप के सदस्य डॉ. रमेश गांधी, राजस्थान फ्री एयरलाइंस के वाइस चेयरमैन धर्मवीर कटेवा,
राजतोफा के समन्वयक एवं एसआरकेपीएस के अध्यक्ष राजन चौधरी, राजतोफा के सलाहकार एवं राजस्थान कैंसर फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, आपदा प्रबंधन एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के राकेश कुमार गढ़वाल तथा आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा के युवा कौशल विकास प्रकोष्ठ के राज्य समन्वयक के कृष्ण कुमार कुमावत उपस्थित थे|
तंबाकू मुक्त राजस्थान बनाने की यह पहल राज्य की 352 पंचायत समितियों के तहत आने वाली 11,266 ग्राम पंचायतों के 44,672 गांवों पर केंद्रित है। प्रभावित जनसंख्या: राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 5 करोड़ 15 लाख निवासी हैं, जिनमें 2 करोड़ 66 लाख पुरुष और 2 करोड़ 48 लाख महिलाएँ शामिल हैं।
तंबाकू सेवन की दर: ग्रामीण क्षेत्रों में तंबाकू का सेवन चिंताजनक स्तर पर है: पुरुष: ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 44.9% पुरुष तंबाकू का सेवन करते हैं, जिसकी अनुमानित संख्या 1 करोड़ 19 लाख 88 हजार है।
लगभग 7.2% महिलाएँ तंबाकू का सेवन करती हैं, जिनकी अनुमानित संख्या 17 लाख 89 हजार से अधिक है।
ग्रामीण आबादी के एक बड़े हिस्से को तंबाकू के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए तत्काल और प्रभावी उपायों की आवश्यकता है| राजतोफा के अध्यक्ष डॉ. रमेश गांधी के अनुसार, राजतोफा राजस्थान का एक बहु-क्षेत्रीय गठबंधन है, जिसका उद्देश्य राज्य को तंबाकू-मुक्त बनाना, तंबाकू नियंत्रण कानूनों, राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम , और डब्लूएचओ के प्रावधानों को ज़मीन पर मज़बूत करना है। यह विभिन्न सिविल सोसायटी संगठनों, स्वास्थ्य संस्थानों, शिक्षण संस्थानों, युवा समूहों, मीडिया, अनुसंधान संस्थानों और सरकारी भागीदारों को एक मंच पर लाता है ताकि तंबाकू उन्मूलन के लिए एक संयुक्त और प्रभावी प्रयास किया जा सके।
राजतोफा के समन्वयक राजन चौधरी के अनुसार गाइडलाइन पुस्तक में तंबाकू मुक्त गांव हेतु मानक, उनकी मूल्यांकन प्रक्रिया, गांव में की जाने वाली आई इसी गतिविधियां दी गई हैं| साथ ही गांव को तंबाकू मुक्त घोषित करने के लिए एक स्कोर कार्ड दिया गया है जिसमें10 मानक दिए गए हैं उनका कुल स्कोर 150 होता है | राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस ) समन्वयक कृष्ण कुमार कुमावत के अनुसार 2189 यूनिट्स है प्रत्येक यूनिट में 100 छात्र हैं इस प्रकार 2,18,900 छात्र एनएसएस के सदस्य हैं उन्होंने राजस्थान में 305 नशा मुक्ति केंद्र भी स्थापित किए हुए हैं।
मुख्य सचिव सुधांश पंत ने उपस्थित समस्त हितधारकों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने इस कार्य के महत्व को रेखांकित करते हुए जोर देकर कहा कि इस सामूहिक शक्ति को बनाए रखने की आवश्यकता है| उन्होंने कहा कि यह प्रयास हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ और स्वच्छ भविष्य का वरदान है।
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