तीन स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय शब्दोत्सव 2025 : दिल्ली के इंडिया इंटरनेशन सेंटर में हुआ
० योगेश भट्ट ०
नयी दिल्ली : तीन स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय शब्दोत्सव 2025 : दिल्ली के इंडिया इंटरनेशन सेंटर लोदी एस्टेट में हुआ। साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था आधान्तरा भारतीय एव प्रवासी साहित्यकारों के बीच सेतु बन कर हिंदी के प्रति वैश्विक दृष्टि विकसित करती रही है। भारतीय डायस्पोरा के प्रवासी साहित्यकारों के व्यक्तित्व और साहित्य से अपने पाठकों ओर दर्शकों का परिचय कराती रही है। प्रवासी साहित्यकारों के साहित्य को हिंदी साहित्य की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए प्रतनशील रहती है।
नयी दिल्ली : तीन स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय शब्दोत्सव 2025 : दिल्ली के इंडिया इंटरनेशन सेंटर लोदी एस्टेट में हुआ। साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था आधान्तरा भारतीय एव प्रवासी साहित्यकारों के बीच सेतु बन कर हिंदी के प्रति वैश्विक दृष्टि विकसित करती रही है। भारतीय डायस्पोरा के प्रवासी साहित्यकारों के व्यक्तित्व और साहित्य से अपने पाठकों ओर दर्शकों का परिचय कराती रही है। प्रवासी साहित्यकारों के साहित्य को हिंदी साहित्य की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए प्रतनशील रहती है।
संगोष्ठी में अमेरिका से पहुंची सुषमा मल्होत्रा की उपस्थिति इसी शृंखला की अगली कड़ी थी। इस अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में इसके तीन धरातलीय रूप दिखाई देंगे। अंतर्राष्ट्रीय संदर्भ एवं साहित्य, हिंदी नाटक का नया रूप ओर काव्य तथा समागम जिसमें भारतीय ओर प्रवासी कवि और साहित्य ,रसिक,कविताओं,गीतों, गजलों,की प्रस्तुति का आस्वादन कर सकेंगे। आयोजक की सूत्रधार त्रि मासिक पत्रिका शतरूपा की संपादक ,
नाटककार एव रंगकर्मी डॉ माधुरी सुबोध के नाटक तेनामीरामन का वाचन ओर लोकार्पण तथा उस पर वैश्विक विचार, मंचन विशेष उल्लेखनीय है। लेखक से एक मुलाकात के कार्यक्रम में अतिथियों के साथ साहित्य,समाज एवं कवि,रंगकर्मी से जुड़ी हुए हस्तियां भी पहुंची थीं और सभी ने अपने अपने विचारों के साथ इस पहल का स्वागत किया जहां एक मंच पर सभी एकजुटता के साथ आपसी तालमेल को दर्शाते है।
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