राष्ट्रीय गोपाल रत्न अवार्ड-2025 : आरसीडीएफ ने लगातार दूसरे वर्ष रचा राष्ट्रीय कीर्तिमान
० आशा पटेल ०
जयपुर। राजस्थान ने देशभर में सर्वाधिक तीन राष्ट्रीय अवार्ड जीतकर एक बार फिर इतिहास रचा हैं। भारत सरकार ने तीनों प्रमुख श्रेणियों में राजस्थान को राष्ट्रीय गोपाल रत्न अवार्ड-2025 से सम्मानित किया हैं। देशभर से प्राप्त 2081 आवेदनों में से राजस्थान को तीन श्रेणियां में अवार्ड मिलना राज्य की मजबूत डेयरी प्रणाली, नवाचार, क्षमता, उच्च गुणवत्ता और दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में तकनीकी दक्षता को दर्शाता है।
आरसीडीएफ की प्रशासक एवं प्रबंध संचालक श्रुति भारद्वाज ने तीनों श्रेणियों में राजस्थान के चयन पर राज्य के दुग्ध उत्पादक किसानों, डेयरी समितियों और टेक्नीशियन को बधाई दी। श्रीमती भारद्वाज ने कहा कि “राजस्थान के दुग्ध उत्पादकों की कड़ी मेहनत और परिश्रम ने राज्य को आज यह राष्ट्रीय सम्मान दिलाया है। यह पुरस्कार वास्तव में उन्हीं का गौरव है और वे इसके पूरी तरह हकदार हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर आरसीडीएफ और इसे जुड़े जिला दुग्ध संघो का उत्कृष्ट प्रदर्शन लगातार जारी है। इससे पूर्व अहमदाबाद में आयोजित एक प्रमुख राष्ट्रीय कार्यक्रम में भीलवाड़ा की दुग्ध उत्पादक माया देवी को कार्बन क्रेडिट की पहली किस्त प्रदान की गई, जिसे राज्य की पर्यावरण-अनुकूल डेयरी पहल की बड़ी उपलब्धि माना गया। इसके अलावा, RCDF के फ्लैक्सी बायोगैस पायलट प्रोजेक्ट को भी राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक सराहना मिली है।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष में भी राजस्थान ने दो श्रेणियों में राष्ट्रीय गोपाल रत्न अवार्ड हासिल कर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई थी। इन निरंतर उपलब्धियों ने राजस्थान को राष्ट्रीय डेयरी मानचित्र पर शीर्ष स्थान पर स्थापित कर दिया है, जिससे राज्य की डेयरी प्रणाली पूरे देश के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बनती जा रही है।
जयपुर। राजस्थान ने देशभर में सर्वाधिक तीन राष्ट्रीय अवार्ड जीतकर एक बार फिर इतिहास रचा हैं। भारत सरकार ने तीनों प्रमुख श्रेणियों में राजस्थान को राष्ट्रीय गोपाल रत्न अवार्ड-2025 से सम्मानित किया हैं। देशभर से प्राप्त 2081 आवेदनों में से राजस्थान को तीन श्रेणियां में अवार्ड मिलना राज्य की मजबूत डेयरी प्रणाली, नवाचार, क्षमता, उच्च गुणवत्ता और दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में तकनीकी दक्षता को दर्शाता है।
राष्ट्रीय दुग्ध दिवस के अवसर पर दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित सुषमा स्वराज भवन में आयोजित समारोह में राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन को उत्कृष्टता के लिए दो अलग- अलग श्रेणियां में सम्मानित किया गया। राजस्थान ने तीनों प्रमुख राष्ट्रीय श्रेणियों बेस्ट डेयरी को-ऑपरेटिव सोसायटी, बेस्ट डेयरी फार्मर और बेस्ट एआई टेक्नीशियन में अवार्ड हासिल कर राष्ट्रीय कीर्तिमान रच दिया। समारोह में देशभर से आए डेयरी विशेषज्ञों, पशुपालकों और प्रतिनिधियों की मौजूदगी में यह अवार्ड्स दिए गए।
आरसीडीएफ की इस उपलब्धि ने न केवल राज्य की डेयरी सहकारिता की क्षमता को उजागर किया है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी राजस्थान की भूमिका को मजबूत बनाया है। केन्द्रीय पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री एस. पी. सिंह बघेल तथा जार्ज कुरियन ने राष्ट्रीय गोपाल रत्न अवॉर्ड प्रदान किए। इस अवसर पर राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (RCDF) की प्रबंध संचालक एवं प्रशासक श्रुति भारद्वाज के साथ सम्बद्ध जिला दुग्ध संघों के पदाधिकारी ने यह सम्मान ग्रहण किया।
बेस्ट डेयरी को-ऑपरेटिव सोसायटी – घिनोई दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति (जयपुर) घिनोई दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति (जयपुर) को वर्ष 2025 का बेस्ट डेयरी को-ऑपरेटिव सोसायटी पुरस्कार प्राप्त हुआ है। समिति को भारत सरकार द्वारा रु. 3,00,000, मेरिट सर्टिफिकेट और प्रतीक चिन्ह प्रदान किए गए। बेस्ट डेयरी फार्मर – हर्षित झुरिया (सीकर) सीकर के हर्षित झुरिया को बेस्ट डेयरी फार्मर श्रेणी में सम्मानित किया गया। उन्हें रु. 2,00,000, मेरिट सर्टिफिकेट और प्रतीक चिन्ह प्रदान किया गया।
हर्षित झुरिया को दुग्ध उत्पादन में वृद्धि और गुणवत्ता सुधार की दिशा में किए गए नवाचारी प्रयासों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। बेस्ट AI टेक्नीशियन विकास कुमार (हनुमानगढ़) हनुमानगढ़ के विकास कुमार को बेस्ट AI टेक्नीशियन के रूप में चयनित किया गया। प्रजनन सेवाओं और AI तकनीक में उल्लेखनीय कार्य के लिए उन्हें मेरिट सर्टिफिकेट और प्रतीक चिन्ह से सम्मानित किया गया।
राष्ट्रीय स्तर पर डेयरी क्षेत्र में राजस्थान के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर पशुपालन एवं गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि राष्ट्रीय गोपाल रत्न अवार्ड मिलने से राजस्थान गौरवान्वित हुआ है। उन्होंने कहा कि राजस्थान डेयरी विकास के क्षेत्र में अपने नवाचारों और प्रगतिशील प्रयासों के दम पर देश में निरंतर अग्रणी बना रहेगा। यह सम्मान प्रदेश के मेहनती दुग्ध उत्पादकों की लगन, गुणवत्ता और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में भी राजस्थान डेयरी क्षेत्र में नए मानदंड स्थापित करेगा और आत्मनिर्भरता तथा ग्रामीण समृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देता रहेगा।
राष्ट्रीय स्तर पर डेयरी क्षेत्र में राजस्थान के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर पशुपालन एवं गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि राष्ट्रीय गोपाल रत्न अवार्ड मिलने से राजस्थान गौरवान्वित हुआ है। उन्होंने कहा कि राजस्थान डेयरी विकास के क्षेत्र में अपने नवाचारों और प्रगतिशील प्रयासों के दम पर देश में निरंतर अग्रणी बना रहेगा। यह सम्मान प्रदेश के मेहनती दुग्ध उत्पादकों की लगन, गुणवत्ता और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में भी राजस्थान डेयरी क्षेत्र में नए मानदंड स्थापित करेगा और आत्मनिर्भरता तथा ग्रामीण समृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देता रहेगा।
आरसीडीएफ की प्रशासक एवं प्रबंध संचालक श्रुति भारद्वाज ने तीनों श्रेणियों में राजस्थान के चयन पर राज्य के दुग्ध उत्पादक किसानों, डेयरी समितियों और टेक्नीशियन को बधाई दी। श्रीमती भारद्वाज ने कहा कि “राजस्थान के दुग्ध उत्पादकों की कड़ी मेहनत और परिश्रम ने राज्य को आज यह राष्ट्रीय सम्मान दिलाया है। यह पुरस्कार वास्तव में उन्हीं का गौरव है और वे इसके पूरी तरह हकदार हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर आरसीडीएफ और इसे जुड़े जिला दुग्ध संघो का उत्कृष्ट प्रदर्शन लगातार जारी है। इससे पूर्व अहमदाबाद में आयोजित एक प्रमुख राष्ट्रीय कार्यक्रम में भीलवाड़ा की दुग्ध उत्पादक माया देवी को कार्बन क्रेडिट की पहली किस्त प्रदान की गई, जिसे राज्य की पर्यावरण-अनुकूल डेयरी पहल की बड़ी उपलब्धि माना गया। इसके अलावा, RCDF के फ्लैक्सी बायोगैस पायलट प्रोजेक्ट को भी राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक सराहना मिली है।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष में भी राजस्थान ने दो श्रेणियों में राष्ट्रीय गोपाल रत्न अवार्ड हासिल कर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई थी। इन निरंतर उपलब्धियों ने राजस्थान को राष्ट्रीय डेयरी मानचित्र पर शीर्ष स्थान पर स्थापित कर दिया है, जिससे राज्य की डेयरी प्रणाली पूरे देश के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बनती जा रही है।
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