घूमर महोत्सव राजस्थान की लोक-संस्कृति,नारी-सशक्तिकरण का प्रतीक - रुक्मणि रियार
० आशा पटेल ०
जयपुर। “घूमर महोत्सव " केवल एक नृत्य आयोजन नहीं, बल्कि राजस्थान की संस्कृति, परंपरा और नारी-सशक्तिकरण का प्रतीक बनने जा रहा है। पर्यटन आयुक्त रुक्मणि रियार ने बताया कि राज्य सरकार की पहल पर विभाग ने ‘घूमर महोत्सव 2025’ को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। यह आयोजन 19 नवंबर को राज्य के सातों संभागीय मुख्यालयों- जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, अजमेर, बीकानेर, कोटा और भरतपुर में एक साथ आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम में भाग लेने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण निःशुल्क और अनिवार्य रहेगा। प्रतिभागी राजस्थान पर्यटन की वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पंजीकरण कर सकते हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार संभागीय पर्यटन कार्यालय में हेल्प डेस्क भी बनाई जा चुकी हैं। जहां प्रतिभागियों को पंजीकरण और जानकारी से जुड़ी सहायता दी जा रही है।
जयपुर। “घूमर महोत्सव " केवल एक नृत्य आयोजन नहीं, बल्कि राजस्थान की संस्कृति, परंपरा और नारी-सशक्तिकरण का प्रतीक बनने जा रहा है। पर्यटन आयुक्त रुक्मणि रियार ने बताया कि राज्य सरकार की पहल पर विभाग ने ‘घूमर महोत्सव 2025’ को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। यह आयोजन 19 नवंबर को राज्य के सातों संभागीय मुख्यालयों- जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, अजमेर, बीकानेर, कोटा और भरतपुर में एक साथ आयोजित किया जाएगा।
महोत्सव में प्रतिभागियों के लिए दो वर्ग निर्धारित किए गए हैं। पहला सामान्य ग्रुप वर्ग, जिसमें व्यक्तिगत और समूह रूप से महिलाएं भाग ले सकेंगी। प्रतियोगी वर्ग में केवल समूहों को भाग लेने की अनुमति होगी। समूह पंजीकरण के लिए 20 से 25 प्रतिभागियों की सीमा तय की गई है। राज्यभर में महोत्सव से पहले प्रतिभागियों के प्रशिक्षण के लिए 9 से 17 नवंबर तक सात दिवसीय कार्यशालाएँ आयोजित की जाएंगी।
महोत्सव में 12 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाएं और बालिकाएं भाग ले सकेंगी। इसमें विद्यालयों व महाविद्यालयों की छात्राएं, नृत्य अकादमियों की सदस्य, गृहिणियां, कामकाजी महिलाएं, एनजीओ, स्वयं सहायता समूह , पंजीकृत क्लब और सामुदायिक संगठन शामिल होंगे।
कार्यक्रम में भाग लेने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण निःशुल्क और अनिवार्य रहेगा। प्रतिभागी राजस्थान पर्यटन की वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पंजीकरण कर सकते हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार संभागीय पर्यटन कार्यालय में हेल्प डेस्क भी बनाई जा चुकी हैं। जहां प्रतिभागियों को पंजीकरण और जानकारी से जुड़ी सहायता दी जा रही है।
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