अमायरा को न्याय दिलाने की मांग पर अभिभावकों का विरोध प्रदर्शन एवं कैंडल मार्च
० आशा पटेल ०
जयपुर। नीरजा मोदी स्कूल में 1 नवंबर को मासूम अमायरा मीणा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के विरोध में शहीद स्मारक परिसर में जनसमूह उमड़ा। संयुक्त अभिभावक संघ के बैनर तले आयोजित इस विरोध प्रदर्शन और कैंडल मार्च में 700 से अधिक अभिभावक शामिल हुए, जिन्होंने स्कूल प्रशासन, शिक्षा विभाग और जांच एजेंसियों की निष्क्रियता पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया।
प्रदर्शन को अमायरा के पिता विकास मीणा, माता शिवानी देव मीणा, संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल, महामंत्री संजय गोयल, उपाध्यक्ष मनोज शर्मा, जयपुर जिला अध्यक्ष युवराज हसीजा, इमरान कुरैशी, आशुतोष रांका, श्रीमती सोनू शर्मा, जयपुर व्यापार मंडल अध्यक्ष ललित सिंह सांचौरा, आदिवासी सेवा संघ प्रदेश अध्यक्ष सुरेश मीणा, काउंसलर देवेंद्र जोशी, पृथ्वीराज नगर संघर्ष समिति प्रवक्ता नानकराम खटीक,पार्षद करण शर्मा,
अंत में सभी अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने अमायरा की याद में शहीद स्मारक के चारों तरफ मुख्य सड़क पर कैंडल मार्च निकाला। परिसर “अमायरा, हम तुम्हें न्याय दिलाकर रहेंगे” के संकल्प से गूंज उठा। संयुक्त अभिभावक संघ ने सरकार, पुलिस प्रशासन, शिक्षा विभाग और सीबीएसई से तत्काल हस्तक्षेप कर स्वतंत्र, निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग दोहराई।
जयपुर। नीरजा मोदी स्कूल में 1 नवंबर को मासूम अमायरा मीणा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के विरोध में शहीद स्मारक परिसर में जनसमूह उमड़ा। संयुक्त अभिभावक संघ के बैनर तले आयोजित इस विरोध प्रदर्शन और कैंडल मार्च में 700 से अधिक अभिभावक शामिल हुए, जिन्होंने स्कूल प्रशासन, शिक्षा विभाग और जांच एजेंसियों की निष्क्रियता पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया।
अभिभावकों ने “अमायरा को न्याय दो, जांच में पारदर्शिता लाओ, स्कूलों में सुरक्षा सुनिश्चित करो” जैसे जोरदार नारों के साथ विरोध दर्ज कराया। प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि विरोध प्रदर्शन और केंडल मार्च के बाद सात सदस्यों के दल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम पुलिस कमिश्नर के जरिए पुलिस अधीक्षक ललित शर्मा को ज्ञापन सौंपा और न्याय की गुहार लगाई
साथ ही यह भी कहा कि शिक्षा मंत्रालय द्वारा गठित जांच समिति के मुख्य रामनिवास शर्मा जिन्होंने दो दिनों पहले अपनी जांच रिपोर्ट संयुक्त निदेशक को सौंपी थी और मीडिया में बयान जारी कर नीरजा मोदी स्कूल के फेवर ने स्टेटमेंट जारी किए थे और उसके दो घंटे बाद उनका प्रमोशन हो जाना और रिलीव कर देना सबसे बड़ा सवाल खड़े करता है जो बताता है कि शिक्षा विभाग की जांच टीम और नीरजा मोदी स्कूल प्रशासन में कही ना कही साठगांठ हो गई है
जिसकी वजह से रामनिवास शर्मा का प्रमोशन हुआ जो जांच के दायरे में शामिल करना चाहिए। क्योंकि शिक्षा विभाग ने जो जांच की वह स्कूल के फेवर में थी और सीबीएसई बोर्ड द्वारा जारी स्कूल को नोटिस स्कूल प्रशासन को कठघरे में खड़ी कर रही जो एक दूसरे को आईना दिखा रही है इसलिए नीरजा मोदी स्कूल मामले में गठित सभी जांच समितियों में अभिभावक प्रतिनिधि को शामिल किया जाए और निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा दी जाए।
प्रदर्शन को अमायरा के पिता विकास मीणा, माता शिवानी देव मीणा, संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल, महामंत्री संजय गोयल, उपाध्यक्ष मनोज शर्मा, जयपुर जिला अध्यक्ष युवराज हसीजा, इमरान कुरैशी, आशुतोष रांका, श्रीमती सोनू शर्मा, जयपुर व्यापार मंडल अध्यक्ष ललित सिंह सांचौरा, आदिवासी सेवा संघ प्रदेश अध्यक्ष सुरेश मीणा, काउंसलर देवेंद्र जोशी, पृथ्वीराज नगर संघर्ष समिति प्रवक्ता नानकराम खटीक,पार्षद करण शर्मा,
राजसभा महिला संयोजक रेखा शर्मा, युवा नेता मनोज मीणा, आदिवासी महिला विकास संघ अध्यक्ष मंजू जेप्स, नीरजा मोदी स्कूल अभिभावक कमल ठाकुर, उर्मिला राठौड़, निधि गौड़, सौरभ सिंह सहित अनेक प्रतिनिधि शामिल रहे। सभी वक्ताओं ने एक ही स्वर में कहा कि इतने दिन बीत जाने के बावजूद जांच धीमी और संदिग्ध है, जो अभिभावकों की पीड़ा और गुस्से को बढ़ा रही है। संयुक्त अभिभावक संघ ने स्पष्ट कहा कि जब तक निष्पक्ष, वैज्ञानिक और समयबद्ध जांच नहीं होती, आंदोलन चरणबद्ध रूप से जारी रहेगा।
अंत में सभी अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने अमायरा की याद में शहीद स्मारक के चारों तरफ मुख्य सड़क पर कैंडल मार्च निकाला। परिसर “अमायरा, हम तुम्हें न्याय दिलाकर रहेंगे” के संकल्प से गूंज उठा। संयुक्त अभिभावक संघ ने सरकार, पुलिस प्रशासन, शिक्षा विभाग और सीबीएसई से तत्काल हस्तक्षेप कर स्वतंत्र, निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग दोहराई।




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