राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति में मुख्य सचिव का रहा आर्थिक विकास पर विशेष जोर
जयपुर: राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, राजस्थान की 167वीं बैठक जयपुर में संजय वी. मुदालियर, अध्यक्ष, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति एवं कार्यपालक निदेशक, बैंक ऑफ़ बड़ौदा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक के मुख्य अतिथि वी. श्रीनिवास, मुख्य सचिव, राजस्थान सरकार रहे। एम. अनिल, महाप्रबंधक, बैंक ऑफ़ बड़ौदा एवं संयोजक, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, राजस्थान के संयोजन में आयोजित बैठक में दिनेश कुमार, प्रमुख सचिव, राजस्व विभाग, राजस्थान सरकार, भवानी सिंह देथा, प्रमुख सचिव, आयोजना विभाग,
बैठक में एसएलबीसी अध्यक्ष एवं बैंक ऑफ़ बड़ौदा के कार्यपालक निदेशक ने केंद्र सरकार के विकसित भारत 2047 के विजन के लक्ष्य तथा वर्ष 2047 तक देश के 100वें स्वतंत्रता दिवस तक देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने के विजन का जिक्र किया। इस दिशा में उन्होंने बैंकों की भूमिका को अहम बताया तथा हाल के दिनों में भारत सरकार द्वारा बैंकों के जरिए की गई पहलों, अभियानों में सफल कार्यनिष्पादन हेतु बैंकिंग क्षेत्र के योगदान पर भी प्रकाश डाला।
राजस्थान सरकार, नवीन जैन, सचिव, वित्त विभाग, राजस्थान सरकार, रोहित गुप्ता, आयुक्त, उद्योग विभाग, राजस्थान सरकार, श्रीमती स्वागत रनवीरचंद भंडारी, निदेशक, वित्तीय सेवाएं विभाग, भारत सरकार, नवीन नंबियार, क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय रिज़र्व बैंक, जयपुर, डॉ. आर रवि बाबू, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड, जयपुर, विकास शर्मा, उप महानिरीक्षक पुलिस, साइबर क्राइम, विकास अग्रवाल, उप-महाप्रबंधक, भारतीय रिज़र्व बैंक, जयपुर, राज कुमार मीना, उप महाप्रबंधक एवं प्रमुख (एसएलबीसी, राजस्थान) तथा केंद्र व राज्य के उच्चाधिकारियों तथा अन्य सभी बैंकों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की गई।
बैठक के दौरान मुख्य अतिथि वी. श्रीनिवास, मुख्य सचिव, राजस्थान सरकार ने राज्य में डिजिटलाइजेशन पर जोर देते हुए इस दिशा में कार्य करने की अनिवार्यता को दोहराया। उन्होंने इस क्षेत्र में कार्य करने के लिए राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति को एक उपयोगी प्लेटफॉर्म बताया। उन्होंने कहा कि “हम इस मंच के माध्यम से सामूहिक रूप से राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में डिजिटलाइजेशन को गति प्रदान कर सकते हैं।” उन्होंने राज्य के आर्थिक विकास पर बल दिया।
बैठक के दौरान मुख्य अतिथि वी. श्रीनिवास, मुख्य सचिव, राजस्थान सरकार ने राज्य में डिजिटलाइजेशन पर जोर देते हुए इस दिशा में कार्य करने की अनिवार्यता को दोहराया। उन्होंने इस क्षेत्र में कार्य करने के लिए राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति को एक उपयोगी प्लेटफॉर्म बताया। उन्होंने कहा कि “हम इस मंच के माध्यम से सामूहिक रूप से राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में डिजिटलाइजेशन को गति प्रदान कर सकते हैं।” उन्होंने राज्य के आर्थिक विकास पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि “जिन जिलों का सीडी अनुपात कम है उन्हें इसमें बढ़ोतरी पर कार्य करना चाहिए।” इसके साथ ही उन्होंने बैंकों के लिए प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र में निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करना जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि “इन क्षेत्रों पर हम नियमित रूप से निगरानी रखेंगे। इस अवसर उप महानिरीक्षक पुलिस, साइबर क्राइम विकास शर्मा ने साइबर क्राइम की रोकथाम पर अपनी प्रस्तुति दी। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में साइबर क्राइम रोकने के उपायों से अवगत कराया तथा सभी को इस संबंध में जागरूक किया।
बैठक में एसएलबीसी अध्यक्ष एवं बैंक ऑफ़ बड़ौदा के कार्यपालक निदेशक ने केंद्र सरकार के विकसित भारत 2047 के विजन के लक्ष्य तथा वर्ष 2047 तक देश के 100वें स्वतंत्रता दिवस तक देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने के विजन का जिक्र किया। इस दिशा में उन्होंने बैंकों की भूमिका को अहम बताया तथा हाल के दिनों में भारत सरकार द्वारा बैंकों के जरिए की गई पहलों, अभियानों में सफल कार्यनिष्पादन हेतु बैंकिंग क्षेत्र के योगदान पर भी प्रकाश डाला।
उन्होंने आश्वस्त किया कि बैंक भी अपने लगातार प्रयासों और डिजिटल माध्यमों के जरिए भारत सरकार की सभी योजनाओं को सफल बनाने में कार्य कर रहा है। इस दौरान मुख्य सचिव द्वारा विकसित राजस्थान बुकलेट का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम के अंत में बैंक ऑफ़ बड़ौदा के उप महाप्रबंधक एवं प्रमुख (एसएलबीसी, राजस्थान) राज कुमार मीना ने उपस्थित आगंतुक का आभार प्रकट किया।

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