लोगों ने सतत जागरूकता और निर्भीकता की आवश्यकता को रेखांकित किया

० आशा पटेल ० 
जयपुर : संविधान दिवस के अवसर पर अंबेडकर सर्किल पर बाबा साहेब की प्रतिमा को पुष्पांजलि अर्पित करने से कार्यक्रम की शुरुआत हुई. संविधान की उद्देशिका का सामूहिक पाठ किया गया तथा नागरिक कर्तव्यों के संदर्भ में अम्बेडकर को याद करते हुए वर्तमान में संविधान पर मंडरा रहे खतरों का उल्लेख किया गया. अंबेडकर द्वारा 26 नवंबर 1949 को दिए गए भाषण में उन्होंने कहा था " यदि राजनीतिक दल अपने पंथ को देश से ऊपर रखेंगे तो हमारी स्वतंत्रता एक बार फिर खतरे में पड़ जाएगी 
और देश संभवतया हमेशा के लिए खत्म हो जाए। हम सभी को इस संभाव्य घटना का दृढ निश्चय के साथ प्रतिकार करना चाहिए। इस अवसर पर लोगों ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद के समापन भाषण को याद किया जिसमें उन्होंने कहा था - " यदि लोग, जो चुनकर आएंगे, योग्य, चरित्रवान और ईमानदार हुए तो वे दोषपूर्ण संविधान को भी सर्वोत्तम बना देंगे। यदि उनमें इन गुणों का अभाव हुआ तो संविधान देश की कोई मदद नहीं कर सकता। " लोगों ने सतत जागरूकता और निर्भीकता की आवश्यकता को रेखांकित किया।

इस अवसर पर किसान नेता राजाराम मील, शिक्षाविद् मोहम्मद हसन ,एडवोकेट कृष्णा कुमारी,हनुमान बैरवा, मनीष कुमार कुमावत सहित वकील समुदाय,सामाजिक कार्यकर्ता अंजु कुराड़िया,जस्साराम चौधरी , बी एल भाटी , कुमारप्पा ग्राम स्वराज्य संस्थान के डा अमित कुमार , डॉ अवध प्रसाद उपस्थित सभी सहभागियों ने एक स्वर में कहा की वर्तमान सत्ता द्वारा न्यायपालिका सहित सभी संस्थानों पर अप्रत्याशित रूप से दबाव बनाया जा रहा है जो देश के संविधान व लोकतंत्र पर सीधा कुठाराघात एवं नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का सीधा सीधा हनन है।

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