फोर्टिस हॉस्पिटल जयपुर ने लोकल ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से हेलमेट सेफ्टी ड्राइव की

० आशा पटेल ० 
जयपुर | फोर्टिस हेल्थकेयर ने पूरे देश में हेलमेट सेफ्टी कैंपेन शुरू किया है। इसका मकसद रोड सेफ्टी को बढ़ावा देना और टू-व्हीलर एक्सीडेंट से होने वाली इमरजेंसी को रोकना है। यह केम्पेन पूरे भारत में फोर्टिस की कई जगहों पर, लोकल ट्रैफिक पुलिस डिपार्टमेंट के सहयोग से चलाई जाएगी। भारत के सभी फोर्टिस हॉस्पिटल में ज़्यादा ट्रैफिक वाले इलाकों में 1500 से ज़्यादा हेलमेट और फर्स्ट-एड बुकलेट बांटी गईं।
अभियान के तहत फोर्टिस हॉस्पिटल जयपुर ने अस्पताल के आसपास यातायात वाले प्रमुख चौराहों पर बिना हेलमेट चलाने वाले दोपहिया चालकों को ब्रांडेड हेलमेट और फर्स्ट-एड बुकलेट मुफ्त में प्रदान किए। अतिरिक्त सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल के समीप अधिक ट्रैफिक ज़ोन में एक विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया अवेयरनेस कियोस्क भी लगाया गया। इस एक्टिविटी का उद्घाटन एसीपी ट्रैफिक, जयपुर ईस्ट, सोन चंद वर्मा द्वारा किया गया।

अभियान में एक प्रभावशाली और क्रिएटिव एंगेजमेंट जोड़ते हुए, हेल्मेट सेफ्टी के दौरान यमराज कैरेक्टर भी मौजूद रहा, जो असुरक्षित राइडिंग के गंभीर परिणामों का प्रतीक था। इस पात्र ने न केवल हेलमेट वितरित किए बल्कि राइडर्स से छोटी जागरूकता बातचीत भी की, ताकि हेलमेट पहनने के जीवन रक्षक महत्व को सीधे और यादगार तरीके से समझाया जा सके।

यह पहल ‘फोर्टिस है ना’ कैंपेन का हिस्सा है, जो इमरजेंसी के समय तैयारी, समय पर प्रतिक्रिया और समुदाय की सुरक्षा पर जोर देता है। इस प्रयास के माध्यम से फोर्टिस का उद्देश्य सुरक्षित राइडिंग की आदतों को बढ़ावा देना और रोकी जा सकने वाली इमरजेंसी को कम करके एक भरोसेमंद हेल्थकेयर पार्टनर के रूप में अपनी भूमिका को मजबूत बनाना है।

 फोर्टिस हेल्थकेयर की चीफ ग्रोथ एंड इनोवेशन ऑफिसर, डॉ. रितु गर्ग ने कहा: “हमारा प्रमुख उद्देश्य हेलमेट के उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाकर सड़क हादसों में होने वाले गंभीर नुकसान से लोगों को बचाना है। एक छोटा सा एहतियाती कदम ज़िंदगी बदलने वाली चोटों को रोक सकता है। इस एक्टिविटी के माध्यम से, फोर्टिस अधिक से अधिक राइडर्स तक पहुंचकर जिम्मेदार ड्राइविंग की तात्कालिक आवश्यकता को दोहराना चाहता है यह पब्लिक सेफ्टी और प्रोएक्टिव हेल्थकेयर एंगेजमेंट के प्रति हमारी वचनबद्धता का प्रतीक है।

फोर्टिस हॉस्पिटल जयपुर के मेडिकल इमरजेंसी विभाग के वरिष्ठ इंचार्ज, डॉ. नितिन गुप्ता ने कहा: “यह पहल सिर्फ़ हेलमेट बांटने तक सीमित नहीं है। यह सड़क सुरक्षा, जिम्मेदारी और सामुदायिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बढ़ाने के बारे में है। मेडिकल जानकारी और सुरक्षा टिप्स को सीधे लोगों तक पहुंचाकर हम ऐसी इमरजेंसी को कम करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं, जिन्हें टाला जा सकता है। हमारा उद्देश्य अस्पताल की दीवारों के बाहर भी समुदाय को सुरक्षित रखना है। ‘फोर्टिस है ना’ अभियान, फोर्टिस की इमरजेंसी और ट्रॉमा सेवाओं की ओर जन-जागरूकता बढ़ाने की बड़ी राष्ट्रीय पहल का हिस्सा है। 

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