प्लास्टइंडिया 2026 भारत के 50 अरब अमेरिकी डॉलर के प्लास्टिक्स उद्योग में अवसरों का अनावरण
० आशा पटेल ०
जयपुर, प्लास्टइंडिया फाउंडेशन ने जयपुर मेंआयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्लास्टइंडिया 2026 के आगामी संस्करण की घोषणा की। इस अवसर पर उद्योग के सतत विकास, नवाचार और वैश्विक सहयोग के रोडमैप को रेखांकित किया गया। प्लास्टिक्स और पॉलिमर क्षेत्र के लिए विश्व के अग्रणीप् प्लेटफॉर्म में से एक के रूप में मान्यता प्राप्त प्लास्टइंडिया 2026, उद्योग जगत के नेताओं, नीति-निर्माताओं,वैश्विक प्रदर्शकों, स्टार्टअप्सऔर वैल्यू चेन से जुड़े प्रौद्योगिकी प्रदाताओं को एक मंच पर लाएगा।
जयपुर में आयोजित यह लॉन्च, प्लास्टइंडिया 2026 की राष्ट्रव्यापी आउटरीच का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो क्षेत्रीय उद्योग हितधारकों को जोड़ने के साथ-साथ औद्योगिक विनिर्माण और निवेश के क्षेत्र में राजस्थान की बढ़ती भूमिका को भी सुदृढ़ करता है। प्लास्टइंडिया 2026 ने जयपुर में ‘भारत नेक्स्ट’ विज़न प्रस्तुत किया। भारत के 50 अरब अमेरिकी डॉलर के प्लास्टिक्स उद्योग मेंअवसरों का अनावरण जीरो अपशिष्ट प्रदर्शनी की प्रतिबद्धता
सततता के प्रति अपनी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, प्लास्टइंडिया 2026 को एक शून्य-अपशिष्ट प्रदर्शनी के रूप में आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है। इस पहल के अंतर्गतअपशिष्ट पृथक्करण, रीसाइक्लिंग, प्रदर्शनी सामग्रियों के पुन: उपयोग तथा ज़मीनी स्तर पर ज़िम्मेदार संचालन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य यह प्रदर्शित करना है कि बड़े पैमाने के औद्योगिक आयोजनों को न्यूनतम पर्यावरणीय प्रभाव के साथ सफलतापूर्वक आयोजित किया जा सकता है, साथ ही प्रदर्शकों और आगंतुकों को प्लास्टिक्स वैल्यू चेन में सतत प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।
प्लास्टइंडिया 2026 के 22 से अधिक प्रदर्शनी हॉलों में आयोजित की जा रही है, जो लगभग 75,000 वर्ग मीटर के प्रदर्शनी क्षेत्र में फैला होगा। यह आयोजन कच्चे माल और मशीनरी से लेकर प्रोसेसिंग तकनीकों, रीसाइक्लिंग समाधानों और औद्योगिक अनुप्रयोगों तक, संपूर्ण प्लास्टिक्स इकोसिस्टम को प्रदर्शित करेगा। यह प्रदर्शनी व्यापारिक नेटवर्किंग, प्रौद्योगिकी आदान-प्रदान और वैश्विक साझेदारियों के लिए एक व्यापक मंच के रूप में कार्य करेगी।
नवाचार, प्लास्टइंडिया 2026 का एक प्रमुख स्तंभ होगा, जिसके अंतर्गत स्टार्टअप्स और उभरती प्रौद्योगिकियों को समर्थन देने के लिए लक्षित पहलें की जाएँगी। भारत नेक्स्ट चैलेंज, प्लास्टइंडिया फाउंडेशन का प्रमुख स्टार्टअप कार्यक्रम, आईआईएम कलकत्ता के सहयोग सेआयोजित किया जाएगा।
इस पहल के माध्यम से सामग्री नवाचार, रीसाइक्लिंग,
जयपुर, प्लास्टइंडिया फाउंडेशन ने जयपुर मेंआयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्लास्टइंडिया 2026 के आगामी संस्करण की घोषणा की। इस अवसर पर उद्योग के सतत विकास, नवाचार और वैश्विक सहयोग के रोडमैप को रेखांकित किया गया। प्लास्टिक्स और पॉलिमर क्षेत्र के लिए विश्व के अग्रणीप् प्लेटफॉर्म में से एक के रूप में मान्यता प्राप्त प्लास्टइंडिया 2026, उद्योग जगत के नेताओं, नीति-निर्माताओं,वैश्विक प्रदर्शकों, स्टार्टअप्सऔर वैल्यू चेन से जुड़े प्रौद्योगिकी प्रदाताओं को एक मंच पर लाएगा।
जयपुर में आयोजित यह लॉन्च, प्लास्टइंडिया 2026 की राष्ट्रव्यापी आउटरीच का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो क्षेत्रीय उद्योग हितधारकों को जोड़ने के साथ-साथ औद्योगिक विनिर्माण और निवेश के क्षेत्र में राजस्थान की बढ़ती भूमिका को भी सुदृढ़ करता है। प्लास्टइंडिया 2026 ने जयपुर में ‘भारत नेक्स्ट’ विज़न प्रस्तुत किया। भारत के 50 अरब अमेरिकी डॉलर के प्लास्टिक्स उद्योग मेंअवसरों का अनावरण जीरो अपशिष्ट प्रदर्शनी की प्रतिबद्धता
सततता के प्रति अपनी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, प्लास्टइंडिया 2026 को एक शून्य-अपशिष्ट प्रदर्शनी के रूप में आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है। इस पहल के अंतर्गतअपशिष्ट पृथक्करण, रीसाइक्लिंग, प्रदर्शनी सामग्रियों के पुन: उपयोग तथा ज़मीनी स्तर पर ज़िम्मेदार संचालन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य यह प्रदर्शित करना है कि बड़े पैमाने के औद्योगिक आयोजनों को न्यूनतम पर्यावरणीय प्रभाव के साथ सफलतापूर्वक आयोजित किया जा सकता है, साथ ही प्रदर्शकों और आगंतुकों को प्लास्टिक्स वैल्यू चेन में सतत प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।
प्लास्टइंडिया 2026 के 22 से अधिक प्रदर्शनी हॉलों में आयोजित की जा रही है, जो लगभग 75,000 वर्ग मीटर के प्रदर्शनी क्षेत्र में फैला होगा। यह आयोजन कच्चे माल और मशीनरी से लेकर प्रोसेसिंग तकनीकों, रीसाइक्लिंग समाधानों और औद्योगिक अनुप्रयोगों तक, संपूर्ण प्लास्टिक्स इकोसिस्टम को प्रदर्शित करेगा। यह प्रदर्शनी व्यापारिक नेटवर्किंग, प्रौद्योगिकी आदान-प्रदान और वैश्विक साझेदारियों के लिए एक व्यापक मंच के रूप में कार्य करेगी।
नवाचार, प्लास्टइंडिया 2026 का एक प्रमुख स्तंभ होगा, जिसके अंतर्गत स्टार्टअप्स और उभरती प्रौद्योगिकियों को समर्थन देने के लिए लक्षित पहलें की जाएँगी। भारत नेक्स्ट चैलेंज, प्लास्टइंडिया फाउंडेशन का प्रमुख स्टार्टअप कार्यक्रम, आईआईएम कलकत्ता के सहयोग सेआयोजित किया जाएगा।
इस पहल के माध्यम से सामग्री नवाचार, रीसाइक्लिंग,
ऑटोमेशन और सर्कुलर इकोनॉमी समाधान के क्षेत्रों में कार्य कर रहे उच्च-क्षमता वाले स्टार्टअप्स की पहचान की जाएगी। चयनित शीर्ष 10 स्टार्टअप्स को 2 लाख रुपये से अधिक की पुरस्कार राशि, आईआईएम कलकत्ता से संरचित मेंटरशिप, तथा उद्योग और निवेशकों से जुड़ने के अवसर प्रदान किए जाएंगे।
प्लास्टइंडिया 2026 के दौरान एक विशेष ग्लोबल सीईओ एवं उद्योग नेतृत्व सम्मेलन (सीईओ और उद्योग जगत के लीडर्स मीट) का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें वरिष्ठ उद्योग नेता, नीति-निर्माता और वैश्विक विशेषज्ञ भाग लेंगे। यह क्लोज़-डोर मंच निवेश के अवसरों, प्रौद्योगिकी अपनाने, सततता की अनिवार्यताओं और वैश्विक प्लास्टिक्स एवं पॉलिमर इकोसिस्टम में भारत की भूमिका जैसे रणनीतिक विषयों पर विचार-विमर्श करेगा।
इस अवसर पर आलोक टिबरेवाला, चेयरमैन, नेशनल एग्ज़ीक्यूटिव काउंसिल (एनईसी) ने कहा, “प्लास्टइंडिया 2026 केवल एक प्रदर्शनी नहीं है; यह एक ऐसा मंच है जो यह दर्शाता है कि प्लास्टिक्स उद्योग किस प्रकार नवाचार, ज़िम्मेदार विनिर्माण और सततता के माध्यम से स्वयं को रूपांतरित कर रहा है। इसका उद्देश्य औद्योगिक विकास को सक्षम बनाना है, साथ ही राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और वैश्विक पर्यावरणीय प्रतिबद्धताओं के साथ तालमेल बनाए रखना है।
रविश कामथ, प्रेसिडेंट, प्लास्टइंडिया फाउंडेशन ने कहा, “भारत का प्लास्टिक्स उद्योग 50 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का है और 8–10प्रतिशत की वार्षिक चक्रवृद्धि दर (सीएजीआर) से बढ़ रहा है। यह वृद्धि अवसंरचना, ऑटोमोटिव, स्वास्थ्य सेवा, कृषि और उपभोक्ता वस्तुओं जैसे क्षेत्रों से उत्पन्न मांग द्वारा संचालित है। रीसाइक्लिंग, उन्नत सामग्रियों और विनिर्माण क्षमता में बढ़ते निवेश के साथ, प्लास्टइंडिया 2026 भारत की उस क्षमता को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण मंच होगा, जिसके माध्यम से वह वैश्विक प्लास्टिक्स विकास के अगले चरण का नेतृत्व ज़िम्मेदार और सतत तरीके से कर सकता है।
प्लास्टइंडिया 2026 के दौरान एक विशेष ग्लोबल सीईओ एवं उद्योग नेतृत्व सम्मेलन (सीईओ और उद्योग जगत के लीडर्स मीट) का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें वरिष्ठ उद्योग नेता, नीति-निर्माता और वैश्विक विशेषज्ञ भाग लेंगे। यह क्लोज़-डोर मंच निवेश के अवसरों, प्रौद्योगिकी अपनाने, सततता की अनिवार्यताओं और वैश्विक प्लास्टिक्स एवं पॉलिमर इकोसिस्टम में भारत की भूमिका जैसे रणनीतिक विषयों पर विचार-विमर्श करेगा।
इस अवसर पर आलोक टिबरेवाला, चेयरमैन, नेशनल एग्ज़ीक्यूटिव काउंसिल (एनईसी) ने कहा, “प्लास्टइंडिया 2026 केवल एक प्रदर्शनी नहीं है; यह एक ऐसा मंच है जो यह दर्शाता है कि प्लास्टिक्स उद्योग किस प्रकार नवाचार, ज़िम्मेदार विनिर्माण और सततता के माध्यम से स्वयं को रूपांतरित कर रहा है। इसका उद्देश्य औद्योगिक विकास को सक्षम बनाना है, साथ ही राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और वैश्विक पर्यावरणीय प्रतिबद्धताओं के साथ तालमेल बनाए रखना है।
रविश कामथ, प्रेसिडेंट, प्लास्टइंडिया फाउंडेशन ने कहा, “भारत का प्लास्टिक्स उद्योग 50 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का है और 8–10प्रतिशत की वार्षिक चक्रवृद्धि दर (सीएजीआर) से बढ़ रहा है। यह वृद्धि अवसंरचना, ऑटोमोटिव, स्वास्थ्य सेवा, कृषि और उपभोक्ता वस्तुओं जैसे क्षेत्रों से उत्पन्न मांग द्वारा संचालित है। रीसाइक्लिंग, उन्नत सामग्रियों और विनिर्माण क्षमता में बढ़ते निवेश के साथ, प्लास्टइंडिया 2026 भारत की उस क्षमता को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण मंच होगा, जिसके माध्यम से वह वैश्विक प्लास्टिक्स विकास के अगले चरण का नेतृत्व ज़िम्मेदार और सतत तरीके से कर सकता है।
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