भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 में ऊर्जा क्षेत्र के डिजिटल तकनीक का रोडमैप होगा तैयार
जयपुर | ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा है कि राज्य सरकार का प्रयास है कि डिजिटल तकनीक के माध्यम से प्रदेश के ऊर्जा ढांचे को मजबूत तथा आमजन से जुड़ी विद्युत सेवाओं को सुगम बनाया जाएगा । बताते चलें कि ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर मंगलवार को कांस्टीट्यूशन क्लब में पावर सेक्टर डिजिटल कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे।
दरअसल पावर सेक्टर डिजिटल कॉन्क्लेव से पूर्व जयपुर में हुए इस रोड शो में वक्ताओं ने बताया कि भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 का आयोजन 19 से 22 मार्च 2026 तक यशोभूमि, द्वारका, नई दिल्ली में “Electrifying Growth. Empowering Sustainability. Connecting Globally” (विकास को विद्युतित करना, सततता को सशक्त बनाना, वैश्विक रूप से जोड़ना) विषय के तहत किया जाएगा।
भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026, विद्युत मंत्रालय और उद्योग जगत की एक पहल है, जिसका समन्वय इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (EEPC इंडिया) द्वारा किया जा रहा है। इस आयोजन को POWERGRID (नोडल एजेंसी) के साथ-साथ NTPC, PFC, REC और NHPC का संयुक्त समर्थन प्राप्त है।
राजस्थान ऊर्जा विकास निगम एवं आइटी सर्विसेज की ओर से आयोजित कार्यक्रम में प्रमुख शासन सचिव ऊर्जा अजिताभ शर्मा ने कहा कि पावर सेक्टर में डेटा एनालिसिस की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऊर्जा क्षेत्र के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन का रोडमैप तैयार हो रहा है। जिसके तहत ईआरपी, डिस्कॉम्स के असेट्स की जीआइएस आधारित मैपिंग, साइबर सुरक्षा, सिक्योरिटी ऑपरेशन सिस्टम, नेटवर्क ऑपरेशन सिस्टम आदि से जुड़े 700 करोड़ के काम हाथ में लिए जाएंगे।
दरअसल पावर सेक्टर डिजिटल कॉन्क्लेव से पूर्व जयपुर में हुए इस रोड शो में वक्ताओं ने बताया कि भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 का आयोजन 19 से 22 मार्च 2026 तक यशोभूमि, द्वारका, नई दिल्ली में “Electrifying Growth. Empowering Sustainability. Connecting Globally” (विकास को विद्युतित करना, सततता को सशक्त बनाना, वैश्विक रूप से जोड़ना) विषय के तहत किया जाएगा।
यह शिखर सम्मेलन वैश्विक नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के नेताओं, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं, निवेशकों और विशेषज्ञों को एक साझा मंच पर लाएगा, जहाँ विद्युत प्रणालियों के भविष्य को आकार देने पर चर्चा की जाएगी। इसमें विद्युत उत्पादन, वितरण, भंडारण और स्मार्ट उपभोग जैसे प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा। इस समिट में 50 से अधिक उच्च-स्तरीय सम्मेलन सत्र, 300 से अधिक वक्ता, 1,000 प्रतिनिधि, 500 से अधिक प्रदर्शक और 25,000 से अधिक आगंतुकों की भागीदारी अपेक्षित है, जिससे यह विश्व के सबसे बड़े विद्युत-केंद्रित मंचों में से एक बन जाएगा।
भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026, विद्युत मंत्रालय और उद्योग जगत की एक पहल है, जिसका समन्वय इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (EEPC इंडिया) द्वारा किया जा रहा है। इस आयोजन को POWERGRID (नोडल एजेंसी) के साथ-साथ NTPC, PFC, REC और NHPC का संयुक्त समर्थन प्राप्त है।


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