आओ नया वर्ष मनाये,दूध पिये और पिलाएं
० आशा पटेल ०
जयपुर | इस साल भी दूध महोत्सव के जनक,सांगानेर विधानसभा के पुष्पेंन्द्र भारद्वाज के नेतृत्व में हर वर्ष की भांति विभिन्न जगहों पर नव वर्ष की पूर्व संध्या पर आम लोगो को दूध पिलाकर नया वर्ष 2026 मनाया जाएगा। भारद्वाज के नेतृत्व में विभिन्न जगहों पर क़रीबन 50 हज़ार से ज़्यादा लोगो को गरमा गरम दूध पिलाने का लक्ष्य रखा गया है |मुख्य कार्यक्रम सांगानेर क़स्बे में सीटीएस बस स्टैंड पर रखा जाएगा जहां कमलेश गुर्जर , मुकेश बागड़ी, राम बगरेट , मनोज मीणा, वैभव शर्मा व्यवस्था देखेंगे , भारद्वाज के जनसेवा कार्यालय पर कमलेश जांगिड़ व पवन अग्रवाल , विधानी में शिवराम शर्मा , इंडिया गेट पर घनश्याम शर्मा , तेजा जी मंदिर कल्याणपुरा पर शंकर बाजडोलिया , थड़ी मार्केट पर हरिओम स्वर्णकार व चंद्रवीर सिंह रीको कांटे पर डॉ प्रदीप व जीतू सैनी , भांकरोटा में रामसिंह चौधरी व महेश शर्मा , जेडीए कॉलोनी गोविंदपुरा में हेमराज बैरवा के द्वारा लगाया जाएगा ।
"दूध महोत्सव" स्वच्छ परम्परा की पहली शुरुआत 31 दिसंबर 2002 को राजस्थान विश्वविद्यालय के द्वार से उस समय के एनएसयूई से यूनिवर्सिटी अध्यक्ष बने पुष्पेन्द्र भारद्वाज के द्वारा की गई थी । इस नई सामाजिक पहल और क्रांति का प्रदेश ही नही अपितु पूरे देश मे एक नए जोशीले अंदाज में लोगो ने स्वागत किया । 2002 में दूध महोत्सव का आयोजन हुआ उसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शिरकत कर इस नई पहल को काफ़ी सराहा था ,
आज इस "दूध महोत्सव"को नव वर्ष की पूर्व संध्या पर पूरे भारत देश के कोने कोने में लोग मनाने लगे है । सम्पूर्ण राजस्थान में 2000 से भी ज्यादा जगह लोग दूध पिलाते है जहां 10 लाख से ज़्यादा भारतवासी दूध पीकर नए वर्ष को अलग अन्दाज़ में सेलब्रेट करते है ,अकेले जयपुर शहर में 500 से ज्यादा जगह दूध पिलाकर नव वर्ष का स्वागत किया जाता है ।
एक अनुमान के मुताबित 10 लाख से ज्यादा युवा और आमजन नव वर्ष की पूर्व संध्या पर दूध पीते है ।
पुष्पेन्द्र भारद्वाज अपने द्वारा शुरू की गई इस मुहीम से खुश है कि चलो आज के इस वेस्टर्न संस्कृति के दौर में भी लोग अपनी भारतीय संस्कृति और शैली के साथ नववर्ष मना रहे है । पुष्पेन्द्र भारद्वाज ने ये आरोप भी लगाया कि कुछ लोग मेरी पहल को अपने द्वारा शुरू की गई बताकर लोगो को और आमजन को गुमराह भी करने का प्रयास कर रहे है ।
पुष्पेन्द्र भारद्वाज अपने द्वारा शुरू की गई इस मुहीम से खुश है कि चलो आज के इस वेस्टर्न संस्कृति के दौर में भी लोग अपनी भारतीय संस्कृति और शैली के साथ नववर्ष मना रहे है । पुष्पेन्द्र भारद्वाज ने ये आरोप भी लगाया कि कुछ लोग मेरी पहल को अपने द्वारा शुरू की गई बताकर लोगो को और आमजन को गुमराह भी करने का प्रयास कर रहे है ।
.png)

टिप्पणियाँ