डॉ. नरेन्द्र शर्मा ‘कुसुम’ कृत ‘खूब लड़ी मर्दानी’ अंग्रेजी रूपान्तरण का लोकार्पण
० आशा पटेल ०
जयपुर। जयपुर में जवाहर नगर, सेक्टर-5, स्थित विवेकानन्द विद्या निकेतन उच्च माध्यमिक विद्यालय में स्वामी विवेकानन्द केन्द्र के तत्वावधान में कीर्ति शेष स्वतंत्रता सेनानी और सुप्रसिद्ध कवयित्री सुभद्रा कुमारी चौहान की ‘खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी’ व अन्य चयनित कविताओं का अंग्रेजी रूपान्तरण ‘खूब लड़ी मर्दानी’ शीर्षक से केन्द्र के अध्यक्ष और ख्यातनाम साहित्यकार, विद्वान व कवि डॉ. नरेन्द्र शर्मा ‘कुसुम’ द्वारा प्रणीत व सद्यः प्रकाशित पुस्तक का लोकार्पण हुआ।
जयपुर। जयपुर में जवाहर नगर, सेक्टर-5, स्थित विवेकानन्द विद्या निकेतन उच्च माध्यमिक विद्यालय में स्वामी विवेकानन्द केन्द्र के तत्वावधान में कीर्ति शेष स्वतंत्रता सेनानी और सुप्रसिद्ध कवयित्री सुभद्रा कुमारी चौहान की ‘खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी’ व अन्य चयनित कविताओं का अंग्रेजी रूपान्तरण ‘खूब लड़ी मर्दानी’ शीर्षक से केन्द्र के अध्यक्ष और ख्यातनाम साहित्यकार, विद्वान व कवि डॉ. नरेन्द्र शर्मा ‘कुसुम’ द्वारा प्रणीत व सद्यः प्रकाशित पुस्तक का लोकार्पण हुआ।
इस अवसर पर विवेकानन्द केन्द्र के महामंत्री व विद्यालय के निदेशक किशन मित्तल द्वारा मंचासीन अतिथियों, पुस्तक के लेखक डॉ. नरेन्द्र शर्मा ‘कुसुम’, जोधपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. प्रवीण चन्द्र त्रिवेदी, एम.डी.ए. के निदेशक व प्रसिद्ध मोटीवेटर प्रो. रमेश के. अरोरा, केन्द्र के उपाध्यक्ष विष्णु प्रकाश बड़ाया तथा रिटायर्ड ले. जनरल डॉ. शिवराम मेहता का स्वागत किया गया। इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं द्वारा सुमधुर वाणी में ‘हे ज्योति पुंज तुमको नमन्’ प्रार्थना गीत की प्रस्तुति की गई।
लोकार्पित पुस्तक के इस सारस्वत अनुष्ठान में मुख्य वक्ता प्रो. रमेश के. अरोरा ने स्वतंत्रता सेनानी सुभद्रा कुमारी चौहान की कविताओं को स्वातंत्र चेतना की संवाहक बताते हुए पुस्तक के लेखक डॉ. ‘कुसुम’ के असाधारण व्यक्तित्व के अवदान को रेखांकित कर आज के परिप्रेक्ष्य में इस पुस्तक के देय को प्रासंगिक बताया। ‘खूब लड़ी मर्दानी’ पुस्तक के लेखक डॉ. ‘कुसुम’ ने वसुधैव कुटुम्बकम के प्रतीक विवेकानन्द विद्यालय के सभाकक्ष में समागत सभी अतिथियों के प्रति स्नेहाशीष प्रदान किया।
इस सारस्वत अनुष्ठान में विद्यालय परिवार के सदस्य व लेखक-साहित्यकार डॉ. कल्याण प्रसाद वर्मा, मोहन मंगलम, राजीव आचार्य, एस.पी. श्रीमाल, डी.पी. चिरानिया, मनोरमा शर्मा, अशोक कुमार अग्रवाल, सुधा मेहता, बीना जैन, अश्विनी शुक्ला और बल्लभ मेहता सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
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