रिदम ऑफ यूनिवर्स’ संगीत-ध्यान से जुड़ा मानसिक स्वास्थ्य का वैश्विक संदेश
० आनंद चौधरी ०
नई दिल्ली। तनाव, डिजिटल ओवरलोड और भावनात्मक थकान के इस युग में मानसिक स्वास्थ्य को केंद्र में रखकर आयोजित शिवयोग का कार्यक्रम ‘रिदम ऑफ यूनिवर्स’ दिल्ली स्थित यशोभूमि, द्वारका में सम्पन्न हुआ। शिवयोग मास्टर ईशान शिवानंद के सानिध्य में यह आयोजन आध्यात्मिक चेतना, संगीत और मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य के संतुलन के अद्भुत संगम का साक्षी बना। इस कार्यक्रम में भारत सहित 15 देशों से आए लगभग 6000 साधकों ने एक साथ भजन, ध्यान और लयबद्ध संगीत के माध्यम से सामूहिक मानसिक शांति और आनंद का अनुभव किया।\
नई दिल्ली। तनाव, डिजिटल ओवरलोड और भावनात्मक थकान के इस युग में मानसिक स्वास्थ्य को केंद्र में रखकर आयोजित शिवयोग का कार्यक्रम ‘रिदम ऑफ यूनिवर्स’ दिल्ली स्थित यशोभूमि, द्वारका में सम्पन्न हुआ। शिवयोग मास्टर ईशान शिवानंद के सानिध्य में यह आयोजन आध्यात्मिक चेतना, संगीत और मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य के संतुलन के अद्भुत संगम का साक्षी बना। इस कार्यक्रम में भारत सहित 15 देशों से आए लगभग 6000 साधकों ने एक साथ भजन, ध्यान और लयबद्ध संगीत के माध्यम से सामूहिक मानसिक शांति और आनंद का अनुभव किया।\
प्राचीन भारतीय शिवयोग परंपरा से प्रेरित यह आयोजन पारंपरिक भजन संध्या के एक उन्नत और वैज्ञानिक स्वरूप के रूप में सामने आया, जहां चयनित ध्वनि-आवृत्तियों, गहन साउंडस्केप और सजग ध्यान के माध्यम से प्रतिभागियों ने गहरे मानसिक विश्राम और भावनात्मक संतुलन का अनुभव किया। सामूहिक जप और लयबद्ध संगीत ने उपस्थित साधकों में मानसिक दृढ़ता और आंतरिक शांति का संचार किया।
इस अवसर पर डॉ. ईशान शिवानंद ने कहा कि भारतीय सनातन परंपरा में संगीत और ध्यान को मानसिक स्वास्थ्य का सशक्त माध्यम माना गया है, जिसे आधुनिक शोध भी प्रमाणित कर रहा है। विश्व की शीर्ष यूनिवर्सिटीज में मानसिक स्वास्थ्य और चेतना पर उनके शोध एवं व्याख्यान इस बात का प्रमाण हैं कि सनातन योग पद्धतियां आज वैश्विक समाधान बन रही हैं।
‘रिदम ऑफ यूनिवर्स’ में सभी आयु वर्ग, विशेषकर युवाओं की सहभागिता देखने को मिली। द्वारका स्थित यशोभूमि के ब्रह्म कमल ऑडिटोरियम में आयोजित यह आयोजन न केवल एक आध्यात्मिक अनुभव रहा, बल्कि यह संदेश भी देता गया कि भारतीय सनातन धरोहर जीव को मनुष्यत्व से देवत्व और शिवत्व की ओर ले जाने की सामर्थ्य रखती है। देश-विदेश से आए साधकों की सहभागिता के साथ सम्पन्न हुआ ‘रिदम ऑफ यूनिवर्स’ कार्यक्रम भारतीय योग, संगीत और मानसिक स्वास्थ्य के वैश्विक प्रभाव का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा।
‘रिदम ऑफ यूनिवर्स’ में सभी आयु वर्ग, विशेषकर युवाओं की सहभागिता देखने को मिली। द्वारका स्थित यशोभूमि के ब्रह्म कमल ऑडिटोरियम में आयोजित यह आयोजन न केवल एक आध्यात्मिक अनुभव रहा, बल्कि यह संदेश भी देता गया कि भारतीय सनातन धरोहर जीव को मनुष्यत्व से देवत्व और शिवत्व की ओर ले जाने की सामर्थ्य रखती है। देश-विदेश से आए साधकों की सहभागिता के साथ सम्पन्न हुआ ‘रिदम ऑफ यूनिवर्स’ कार्यक्रम भारतीय योग, संगीत और मानसिक स्वास्थ्य के वैश्विक प्रभाव का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा।
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