इंडिया इंटरनेशनल ज्वेलरी शो भारत सिग्नेचर 2026' वेश्विक ज्वेलरी कैलेंडर की शुरुआत

० आशा पटेल ० 
मुंबई | जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ने मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में 'इंडिया इंटरनेशनल ज्वेलरी शो भारत – सिग्नेचर 2026' के 18वें संस्करण का उद्घाटन किया। इसके साथ ही वर्ष 2026 के लिए वैश्विक ज्वेलरी बिज़नेस कैलेंडर की औपचारिक शुरुआत हुई। B2B ज्वेलरी ट्रेड फेयर के रूप में पहचाना जाने वाला भारत – सिग्नेचर 2026 ऐसे समय में पूरे वैश्विक वैल्यू चेन को एक मंच पर लाता है, जब बाजार की धारणा, सोर्सिंग रणनीतियां और आने वाले वर्ष की कारोबारी दिशा तय होनी शुरू होती है।
उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सुश्री सैंड्रीन कौंसेलियर, सीईओ, डी बीयर्स ब्रांड्स एवं चेयर, नेचुरल डायमंड काउंसिल उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथियों में हर्षा बंगारी, मैनेजिंग डायरेक्टर, एक्ज़िम बैंक और सौमेन भौमिक, मैनेजिंग डायरेक्टर, कैरेटलेन शामिल थे। GJEPC के चेयरमैन किरीट भंसाली, वाइस चेयरमैन एवं कन्वीनर (नेशनल एग्ज़िबिशन्स) शौनक पारिख और एग्ज़ीक्यूटिव डायरेक्टर सब्यसाची रे की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर प्रशासनिक समिति के सदस्य, प्रदर्शक, खरीदार और वैश्विक रत्न एवं आभूषण उद्योग के प्रमुख हितधारक मौजूद रहे।
IIJS भारत – सिग्नेचर 2026 मुंबई के दो प्रमुख स्थलों पर आयोजित किया जा रहा है—जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर बॉम्बे एग्ज़िबिशन सेंटर, नेस्को, गोरेगांव। इसके साथ ही मशीनरी और टेक्नोलॉजी शो 'IGJME भारत – सिग्नेचर 2026' भी आयोजित किया जा रहा है। 1.25 लाख वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैली इस प्रदर्शनी में 3,300 से अधिक स्टॉलों के साथ 1,600 से अधिक प्रदर्शक भाग ले रहे हैं। इसमें भारत के 800 से अधिक शहरों से आए 25,000 से अधिक ट्रेड खरीदार शामिल हैं, 

जिनमें 40 देशों से 1,400 अंतरराष्ट्रीय खरीदार और 12 अंतरराष्ट्रीय खरीदार प्रतिनिधिमंडल भी हैं। यह शो गोल्ड, डायमंड, सिल्वर और स्टडेड ज्वेलरी, लूज़ नेचुरल डायमंड, रंगीन रत्न, कुट्योर और फाइन ज्वेलरी, लैब-ग्रोउन डायमंड, मशीनरी और संबद्ध सेगमेंट्स के लिए एक व्यापक सोर्सिंग प्लेटफॉर्म प्रदान करता है।

मुख्य अतिथि सुश्री सैंड्रीन कौंसेलियर, सीईओ, डी बीयर्स ब्रांड्स एवं चेयर, नेचुरल डायमंड काउंसिल ने शो का उद्घाटन करते हुए कहा, “ज्वेलरी के भविष्य पर चर्चा के लिए भारत से बेहतर कोई स्थान नहीं है। दुनिया की डायमंड कहानी की जन्मभूमि होने से लेकर आज सबसे तेज़ी से बढ़ते बाजारों में शामिल होने तक, भारत वैश्विक रत्न और आभूषण उद्योग के लिए स्थिरता और अवसर का एक मजबूत स्तंभ बना हुआ है।

 IIJS सिग्नेचर जैसे मंच पूरे इकोसिस्टम में विश्वास, साझेदारी और भरोसे को मजबूत करते हैं और वैश्विक ज्वेलरी व्यापार के केंद्र में भारत की भूमिका को और मजबूत करते हैं। जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (GJEPC) के चेयरमैन किरीट भंसाली ने कहा, “वर्ष के पहले बड़े अंतरराष्ट्रीय शोकेस के रूप में IIJS भारत – सिग्नेचर भारतीय रत्न और आभूषण उद्योग के आत्मविश्वास, लचीलेपन और वैश्विक तैयारियों का प्रतीक है। भारत भरोसे, पारदर्शिता और अवसर के केंद्र में खड़ा है, और IIJS इस कहानी को जीवंत रूप देता है।

 “2026 में भारत तीसरी बार किम्बरली प्रोसेस की अध्यक्षता संभालते हुए वैश्विक मंच पर मजबूत उपस्थिति दर्ज कर रहा है। यह हमारे नेतृत्व, विश्वसनीयता और नैतिक व्यापार के प्रति प्रतिबद्धता पर वैश्विक भरोसे को दर्शाता है। 2047 तक 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निर्यात लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए, भारत का रत्न और आभूषण उद्योग अब पारंपरिक बाजारों पर निर्भर नहीं रहा है। आगे का विकास फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स, मजबूत सरकारी समर्थन, रणनीतिक विविधीकरण,

 मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी में नवाचार तथा रिटेल विस्तार के माध्यम से होगा। पारदर्शिता और उपभोक्ता विश्वास पर आधारित ये आधार भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा को मजबूत करते हैं और लंबे समय तक टिकाऊ विकास सुनिश्चित करते हैं। एक्ज़िम बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर हर्षा बंगारी ने वित्त और बुनियादी ढांचे की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा, “रत्न और आभूषण एक पारंपरिक लेकिन गतिशील क्षेत्र है, जिसका भारत के निर्यात और रोज़गार में महत्वपूर्ण योगदान है।

 बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, वित्तीय उत्पादों के बारे में जागरूकता बढ़ाना, तकनीक और कौशल से जुड़ी कमियों को दूर करना और व्यापार संबंधी बाधाओं को कम करना, क्लस्टर्स को उनकी पूर्ण निर्यात क्षमता हासिल करने में मदद करेगा। कैरेटलेन के मैनेजिंग डायरेक्टर सौमेन भौमिक ने कहा, “जैसे-जैसे हमारा उद्योग बढ़ रहा है, सभी हितधारकों को इसका लाभ मिला है, लेकिन इस गति को बनाए रखने के लिए कौशल और कारीगरी में निरंतर निवेश बेहद ज़रूरी होगा।

 आने वाले वर्षों में उद्योग के तेज़ विकास के साथ कुशल कारीगरों की उपलब्धता निर्णायक होगी। कारीगरों को प्राथमिकता देना उन पर उपकार करना नहीं है, बल्कि व्यावसायिक समझदारी है। अगर हमें वैश्विक तौर पर अग्रणी बनना है, तो कारीगरी की गरिमा, सम्मान और सुरक्षा को हमारी विकास कहानी के केंद्र में रखना होगा।

जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के वाइस चेयरमैन शौनक पारिख ने कहा, “IIJS भारत – सिग्नेचर 2026 वैश्विक रत्न और आभूषण उद्योग में भारत की मजबूत स्थिति को दर्शाता है—चाहे वह मैन्युफैक्चरिंग उत्कृष्टता हो, डिज़ाइन इनोवेशन हो या तेज़ी से बढ़ता घरेलू बाजार। वर्ष के पहले बड़े अंतरराष्ट्रीय ज्वेलरी ट्रेड फेयर के रूप में, यहीं से वैश्विक उद्योग दिशा और अवसर के लिए भारत की ओर देखता है। भागीदारी का विशाल स्तर, बढ़ती अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति और नए उद्यमों की मजबूत एंट्री इस व्यापार के आत्मविश्वास को दिखाती है।

“ब्रिलियंट भारत” थीम के अंतर्गत भारत की कला परंपराओं से प्रेरित, IIJS भारत – सिग्नेचर 2026 का विशेष क्राफ्ट्स पवेलियन देश की समृद्ध ज्वेलरी विरासत को क्यूरेटेड डिस्प्ले और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता कारीगरों के लाइव डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से प्रस्तुत करता है। इसमें थेवा (कांच पर सोना), बनारसी मीनाकारी, कटक की सदियों पुरानी सिल्वर फिलिग्री और हुपरी क्लस्टर की विशिष्ट सिल्वर क्राफ्ट जैसी जीआई-टैग्ड परंपराएं प्रदर्शित की गई हैं, जो भारत की जीवंत शिल्प विरासत की झलक देती हैं।

प्रदर्शनी में JWCC पर आयोजित Select CLUB भी शामिल है, जो 107 चुनिंदा कंपनियों द्वारा प्रस्तुत हाई-एंड कुट्योर और फाइन ज्वेलरी का एक क्यूरेटेड लग्ज़री सेगमेंट है। इसके साथ ही Innov8 Talks & Symposium नॉलेज फोरम्स आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें नेचुरल डायमंड का भविष्य, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स, लैब-ग्रोउन डायमंड टेक्नोलॉजी, ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस और 2030 तक ज्वेलरी में एआई की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हो रही है।

जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल की वन अर्थ सस्टेनेबिलिटी पहल के अनुरूप, IIJS भारत – सिग्नेचर 2026 जिम्मेदार प्रदर्शनी आयोजन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ा रहा है। इसके तहत बॉम्बे एग्ज़िबिशन सेंटर में 6 लाख से अधिक सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पानी की बोतलों को समाप्त किया गया है और पर्यावरण के प्रति जागरूक तरीकों को व्यापक रूप से अपनाया गया है।

वैश्विक खरीदारों, उद्योग के दिग्गज लोगों और नीति-निर्माताओं की मौजूदगी के साथ, IIJS भारत – सिग्नेचर 2026 आने वाले वर्ष के लिए रत्न और आभूषण उद्योग की दिशा तय करने के लिए तैयार है—जहां विरासत, नवाचार, सस्टेनेबिलिटी और वैश्विक व्यापार अवसर एक ही मंच पर एकजुट होते हैं।

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