प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स ने की पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग
० आशा पटेल ०
जयपुर। आगामी फरवरी माह में प्रस्तुत होने वाले राजस्थान सरकार के बजट को लेकर प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स ने पत्रकारों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव राज्य सरकार को प्रेषित किए हैं।
संगठन ने पत्रकारों की सुरक्षा के लिए एक सशक्त, प्रभावी और स्वतंत्र कानून बनाए जाने की आवश्यकता पर बल दिया है। प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स राजस्थान के प्रदेश संयोजक बाबूलाल नागा ने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकार विभिन्न प्रकार के खतरों, धमकियों, हमलों और फर्जी मामलों का सामना कर रहे हैं,
प्रदेश संयोजक बाबूलाल नागा ने कहा कि यदि राजस्थान सरकार आगामी बजट में इस दिशा में ठोस पहल करती है, तो यह न केवल पत्रकारिता की गरिमा और स्वतंत्रता को पुनर्स्थापित करेगा, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जनहित के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी सशक्त रूप से प्रदर्शित करेगा।
जयपुर। आगामी फरवरी माह में प्रस्तुत होने वाले राजस्थान सरकार के बजट को लेकर प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स ने पत्रकारों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव राज्य सरकार को प्रेषित किए हैं।
संगठन ने पत्रकारों की सुरक्षा के लिए एक सशक्त, प्रभावी और स्वतंत्र कानून बनाए जाने की आवश्यकता पर बल दिया है। प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स राजस्थान के प्रदेश संयोजक बाबूलाल नागा ने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकार विभिन्न प्रकार के खतरों, धमकियों, हमलों और फर्जी मामलों का सामना कर रहे हैं,
ऐसे में उनकी सुरक्षा के लिए ठोस कानूनी ढांचे का अभाव गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि आगामी बजट में राजस्थान राज्य प्रेस आयोग के गठन का स्पष्ट प्रावधान किया जाए।
उन्होंने कहा कि पत्रकारों के अधिकारों, सुरक्षा तथा कार्य परिस्थितियों के नियमन हेतु एक स्वतंत्र राज्य प्रेस आयोग का शीघ्र गठन अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही राज्य स्तर पर विशेष पत्रकार सुरक्षा कानून बनाया जाए, जिसमें धमकी, मारपीट, झूठे प्रकरणों से सुरक्षा, मामलों की जांच की समय-सीमा तय करने तथा विशेष संरक्षण प्रकोष्ठ के गठन जैसी व्यवस्थाएं शामिल हों।
उन्होंने कहा कि पत्रकारों के अधिकारों, सुरक्षा तथा कार्य परिस्थितियों के नियमन हेतु एक स्वतंत्र राज्य प्रेस आयोग का शीघ्र गठन अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही राज्य स्तर पर विशेष पत्रकार सुरक्षा कानून बनाया जाए, जिसमें धमकी, मारपीट, झूठे प्रकरणों से सुरक्षा, मामलों की जांच की समय-सीमा तय करने तथा विशेष संरक्षण प्रकोष्ठ के गठन जैसी व्यवस्थाएं शामिल हों।
प्रदेश संयोजक बाबूलाल नागा ने कहा कि यदि राजस्थान सरकार आगामी बजट में इस दिशा में ठोस पहल करती है, तो यह न केवल पत्रकारिता की गरिमा और स्वतंत्रता को पुनर्स्थापित करेगा, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जनहित के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी सशक्त रूप से प्रदर्शित करेगा।
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