मकर संक्रांति के पर्व पर जल महल की पाल पर पतंग उत्सव

० आशा पटेल ० 
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मकर संक्रांति के पर्व पर जल महल की पाल पर पतंग उत्सव का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने स्वयं भी पतंग उड़ाकर मकर संक्रांति पर्व की परंपरा में सहभागिता निभाई।
मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर की थीम पर आधारित पतंगों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने लोक-कलाकारों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पर्व हमारी समृद्ध संस्कृति एवं परंपरा का प्रतीक है। 
पतंग महोत्सव जैसे आयोजन प्रदेश की लोक संस्कृति, रचनात्मकता एवं सामाजिक चेतना को मजबूती देने के साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा देते हैं। इस वर्ष राज्य के समस्त सात संभाग स्तर एवं जैसलमेर व माउंटआबू में पतंग उत्सव का आयोजन किया गया। जलमहल की पाल पर आयोजित पतंग उत्सव में रंग-बिरंगी पतंगों एवं देशी-विदेशी पर्यटकों का संगम दिखाई दिया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, विधायक बालमुकुंदाचार्य, पर्यटन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता, पर्यटन आयुक्त रूकमणी रियाड़ सहित देशी-विदेशी पर्यटक और आमजन उपस्थित रहे।
राजस्थान पर्यटन विभाग की ओर से पहली बार राज्य के सातों संभागों में पतंगोत्सव 2026 का आयोजन किया गया। पर्यटन विभाग और स्थानीय प्रशासन के सयुंक्त तत्वाधान में जयपुर, जोधपुर, अजमेर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर और भरतपुर में एक साथ काईट फेस्टिवल आयोजित किया गया। राजधानी जयपुर में जल महल की पाल पर हुए मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य ने पतंग उड़ाकर एवं रंगीन गुब्बारे हवा में छोड़कर उत्सव का शुभारंभ किया।

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