समर्पण संस्था द्वारा “उत्कृष्ट जीवन “ पर गोष्ठी
जयपुर। जीवन प्रबंधन से ही उत्कृष्ट जीवन का निर्माण सम्भव है। आधुनिक समय में उत्कृष्ट जीवन स्वास्थ्य, ध्यान, गहरा काम, सार्थक रिश्ते व निरंतर सीखने में समाहित है । उक्त विचार समर्पण संस्था द्वारा नववर्ष पर राज्य कृषि प्रबन्ध संस्थान दुर्गापुरा के कॉन्फ़्रेंस हॉल में आयोजित “ 21 वीं सदी में उत्कृष्ट जीवन जीने की कला “ विषयक व्याख्यान व मीटिंग में मुख्य वक्ता संस्थापक अध्यक्ष आर्किटेक्ट डॉ. दौलत राम माल्या ने व्यक्त किये ।
डॉ. माल्या ने कहा कि “ वर्तमान समय में उत्कृष्ट जीवन के 6 मुख्य स्तम्भ हैं जिनमें पहला गहन एकाग्रता, दूसरा शारीरिक जीवन शक्ति , तीसरा भावनात्मक महारत, चौथा निरन्तर सीखना, पाँचवाँ व्यक्तित्व ब्रांड और नेटवर्क की समझ, छठा जीवन का उद्देश्य व समाज के कल्याण में भागीदारी है । “जीवन मालवाहक ट्रक की तरह है यह हमें तय करना है कि इसमें कोयले भरते हैं या हीरे भरते है ।“ प्रकृति के अपने शाश्वत नियम है और हमारा जीवन भी प्रकृति का हिस्सा है । हम पूरी तरह परफ़ेक्ट है कोई और अलग से ज्ञान की जरूरत नहीं है ।इस समझ से ही जीवन की समस्याओं से मुक्ति मिल जाती है ।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि पूर्व राज्यसभा सांसद राम कुमार वर्मा ने कहा कि “अनुशासित जीवन उत्कृष्टता की राह बनाता है । समाज कल्याण के लिए योगदान से जीवन उत्कृष्ट बनता है । इस अवसर पर आयोजित मीटिंग में वर्ष 2026 में संस्था द्वारा आयोजित किये जाने वाले वाले 10 कार्यक्रमों का तिथिवार कैलेंडर जारी किया गया जिसका विमोचन अतिथिगणो द्वारा किया गया ।
इस अवसर पर गीतकार रमेश बैरवा ने जीवन को नई दिशा देने वाला गीत प्रस्तुत किया विशेष आमंत्रित अतिथि योगाचार्य मनीष विजयवर्गीय ने स्वस्थ तन व मन के लिए योग को जीवन का आधार बनाने के लिए प्रेरित किया । कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही पूर्व जिला न्यायाधीश व स्थाई लोक अदालत चूरू की अध्यक्ष श्रीमती इन्दु पारीक ने कहा कि “ प्रतिदिन किसी न किसी व्यक्ति की किसी भी माध्यम से ज़रूर सेवा करें ।
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