गांव की महिलाएं ई-रिक्शा चलाकर लिख रहीं आत्मनिर्भरता की कहानी
० आशा पटेल ० मिर्जामुराद । प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने ई-रिक्शा चलाकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है। लोक समिति से जुड़ी महिलाओं ने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और अपने बच्चों को पढ़ाकर अफसर बनाने के संकल्प के साथ ई-रिक्शा चलाने की शुरुआत की है। आराजी लाईन क्षेत्र की सीता, शारदा, अनीता और सुमन ने ई-रिक्शा चालक बनकर यह साबित कर दिया है कि मेहनत और हौसले के बल पर महिलाएं किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं। उनका यह कदम न केवल उनके परिवार बल्कि समाज की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रहा है। इस निर्णय में उनके पति और परिवार के अन्य सदस्यों का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। पिलोरी गांव निवासी ई-रिक्शा चालक शारदा ने कहा कि वह चाहती हैं कि उनके बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त कर बड़े अधिकारी बनें। इसी उद्देश्य से उन्होंने यह काम शुरू किया है और अपनी आय का अधिकांश हिस्सा बच्चों की पढ़ाई में खर्च करेंगी। वही बेनीपुर गांव की रहने वाली अनीता ने बताया कि घर की आर्थिक तंगी के चलते वह बहुत परेशान थी, फिर वो लोक समिति स्वयं सहायता समूह स...