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मार्च 7, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

दिल्ली के कर्तव्य पथ पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित होगी ‘शक्ति वॉक-#SheLeadsBharat’

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० संवाददाता द्वारा ०  नयी दिल्ली : महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (एमडब्ल्यूसीडी) द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में 8 मार्च को दिल्ली के कर्तव्य पथ पर “शक्ति वॉक #SheLeadsBharat” शीर्षक से एक महिला-नेतृत्व वाली वॉक का आयोजन किया जा रहा है अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस, जो 8 मार्च को वैश्विक रूप से मनाया जाता है, जीवन के सभी क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों, नेतृत्व और योगदान का उत्सव मनाता है तथा लैंगिक समानता, सुरक्षा, गरिमा और सशक्तिकरण की सामूहिक प्रतिबद्धता को पुनः दोहराता है। इसी भावना में, शक्ति वॉक का आयोजन प्रगतिशील और समावेशी भारत को आकार देने में महिलाओं की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करने के लिए किया जा रहा है। शक्ति वॉक का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के नेतृत्व और योगदान का उत्सव मनाना, महिलाओं की सुरक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करना, महिलाओं के लाभार्थी प्रमुख योजनाओं और पहलों को प्रदर्शित करना, विविध पृष्ठभूमि से महिलाओं के बीच एकजुटता और सामूहिक गौरव को बढ़ावा देना तथा राष्ट्रीय प्रगति में महिला-नेतृत्व वाले विकास ...

सांगानेर में सरकार की संवेदनहीनता से 87 कॉलोनियों पर संकट

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० आशा पटेल ०   जयपुर । राज्य सरकार द्वारा रजिस्टर्ड सहकारी समितियों द्वारा अवाप्ति से पूर्व व अवाप्ति प्रक्रिया के दौरान ही खातेदारों से भूमि क्रय की जाकर सरकार से पंजीकृत विभिन्न सहकारी समितियों द्वारा विभिन्न कॉलोनिया सृजित कर बसा दी गयी एवं सदस्यों द्वारा बैंक व वित्तीय संस्थाओं द्वारा ऋण लेकर मकान बना लिये गये, जिनमें सरकार द्वारा सभी मूलभूत सुविधाऐं यथा पानी, बिजली, सीवर लाईन, रोड, नालिया, रोड लाईट आदि का विकास करवा दिया गया। नियमन संघर्ष समिति के अध्यक्ष रघुनंदन सिंह हाडा ने बताया कि वर्तमान में उक्त योजना की 80 से 100 प्रतिशत तक कॉलोनियॉ विकसित है। आवासन मण्डल द्वारा बसी हुई योजनाओं की भूमि की अवाप्ति कर कुछ का मुआवजा कोर्ट में जमा करवा दिया व पेपर पजेशन तो ले लिया गया, परन्तु भौतिक रूप से सन् 1988 से आज तक कब्जा नहीं ले पाया। भौतिक रूप से भूमि के पजेशन नहीं ले पाने व योजनाऐं आवासीय भूखण्डों में निर्मित व विकसित हो जाने के कारण अवाप्ति की प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो पायी एवं तत्कालीन सरकारों द्वारा समय समय पर पॉलिसी के तहत आदेश जारी कर इनको अवाप्ति से मुक्त किया गया।  ...