देश में मंडरा रहा भीषण गर्मी का खतरा
० ज्ञानेन्द्र रावत ० समूची दुनिया में बढ़ती गर्मी का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।साल 2050 तक खतरनाक स्तर पर भीषण गर्मी का सामना करने को दुनिया के लगभग 41 फीसदी यानी 3.5 अरब लोग विवश होंगे। जबकि साल 2010 तक यह आंकड़ा महज 23 फीसदी ही था।यह स्थिति तब होगी जबकि दुनिया का औसत तापमान औद्योगिक युग से दो डिग्री सेल्सियस बढ़ जायेगा। आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के हालिया अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है। अध्ययन के मुताबिक भारत, नाइजीरिया, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश और फिलीपींस इससे सर्वाधिक प्रभावित होंगे। वहीं ब्राजील और दक्षिणी सूडान जैसे देशों में तापमान में सबसे तेज उछाल आने की आशंका है। एशिया प्रशांत डिजास्टर रिपोर्ट 2025 के अनुसार फिजी, पापुआ न्यू गिनी और मार्शल जैसे कई द्वीपीय देशों में भी भविष्य में गर्मी का खतरा मध्यम से उच्च स्तर तक बढ़ सकता है। सच तो यह है कि भीषण गर्मी से स्वास्थ्य खतरा जैसे अंग विफलता कहें या विकलांगता, चक्कर , सिरदर्द आदि अन्य बीमारियों के साथ मौत भी हो सकती है। साथ ही शिक्षा, खेती, उत्पादकता,जीवन और विस्थापन पर भी अभूतपूर्व खतरा मंडरा रहा है। व...