अमोल पालेकर होंगे मेटा 2026 के लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित

० योगेश भट्ट ० 
नई दिल्ली : महिंद्रा ग्रुप द्वारा स्थापित और टीमवर्क आर्ट्स द्वारा प्रस्तुत महिंद्रा एक्सीलेंस इन थिएटर अवॉर्ड्स (मेटा ) का 21वां संस्करण 19 से 25 मार्च के बीच नई दिल्ली में आयोजित होगा। इस दौरान देश भर से चुने गयी उत्कृष्ट रंगमंचीय प्रस्तुतियों को एक मंच पर लाया जाएगा।
इस वर्ष मेटा महान अभिनेता, निर्देशक और रंगकर्मी अमोल पालेकर को मेटा लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित करेगा। यह सम्मान भारतीय रंगमंच और सिनेमा में उनके असाधारण योगदान के लिए दिया जा रहा है। कई दशकों के लंबे करियर में पालेकर अपनी विशिष्ट कलात्मक दृष्टि और मंच तथा सिनेमा दोनों माध्यमों में अपनी प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते रहे हैं।
अभिनेता, निर्देशक और रचनात्मक दृष्टा के रूप में उनके काम ने समकालीन भारतीय अभिनय कला पर स्थायी प्रभाव छोड़ा है। पालेकर ने भारतीय रंगमंच को नए आयाम दिए और उसे लोकतांत्रिक बनाया और थिएटर को पार्क, छत, कैंटीन और गैराज तक ले जाकर नये प्रयोग किए। उनके फिल्मी करियर ने भी हिंदी सिनेमा में एक महत्वपूर्ण अध्याय है। 1970 के दशक में पालेकर ‘आम आदमी’ की सहज छवि से दर्शकों के प्रिय बने और बड़े-बड़े नायकों की छवियों के सामने एक अधिक मानवीय और सच्ची छवि प्रस्तुत की।
 लगातार तीन सिल्वर जुबली हिट फिल्मों के साथ वे तुरंत स्टार बन गए और बाद में एक ऐसे निर्देशक के रूप में पहचाने गए, जिन्होंने सामाजिक और व्यक्तिगत विषयों को लगातार अपने काम के केंद्र में रखा।
2026 के संस्करण के लिए मेटा को रिकॉर्ड 422 प्रविष्टियां प्राप्त हुईं, जो इसके इतिहास में सबसे अधिक हैं। ये प्रविष्टियां 20 से अधिक भारतीय राज्यों, 100 से ज्यादा शहरों और 60 भाषाओं व बोलियों का प्रतिनिधित्व करती हैं। मेटा ने इनमें से 10 उत्कृष्ट प्रस्तुतियों को शॉर्टलिस्ट किया है, जो सप्ताह भर चलने वाले इस फेस्टिवल में 13 प्रतिस्पर्धी श्रेणियों के लिए मुकाबला करेंगी।
शॉर्टलिस्ट की गई प्रस्तुतियों का मंचन कमानी ऑडिटोरियम और श्री राम सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स में किया जाएगा। फेस्टिवल का समापन 25 मार्च को कमानी ऑडिटोरियम में आयोजित मेटा अवॉर्ड्स नाइट के साथ होगा। इस वर्ष चुनी गई प्रस्तुतियाँ भारतीय रंगमंच की विविधता को दर्शाती हैं और पौराणिक कथाओं, भक्ति, जेंडर, पहचान, राजनीति और सामाजिक परिवर्तन जैसे विषयों को सामने लाती हैं।

 चयनित नाटकों में महाराष्ट्र, केरल और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों की रंगपरंपराएं और समकालीन आवाजें शामिल हैं, जो हिंदी, मलयालम, बांग्ला, मराठी, हिंदुस्तानी, संस्कृत, बुंदेलखंडी, अंग्रेज़ी और जिबरिश जैसी भाषाओं में प्रस्तुत की जाएँगी।

2026 के मेटा जूरी में भारतीय रंगमंच की हस्तियां शामिल हैं—प्रसिद्ध रंगनिर्देशक अमल अल्लाना, रंगनिर्देशक और शिक्षाविद् अनुराधा कपूर, रंगमंच और सिनेमा के चर्चित अभिनेता रजित कपूर, विख्यात नाटककार, निर्देशक और अभिनेता सतीश आलेकर तथा वरिष्ठ अभिनेत्री, गायिका और रंगकर्मी इला अरुण।

चयन प्रक्रिया का नेतृत्व एक विशिष्ट समिति ने किया, जिसने देश भर से आई प्रविष्टियों की समीक्षा की। इस समिति में रंगसमालोचक और लेखिका दीपा गहलोत, रंगनिर्देशक और नाटककार जिनो जोसेफ, थिएटर मेंटर केवल अरोड़ा, रंगनिर्देशक और सीनोग्राफर सत्यब्रत राउत तथा रंगकर्मी और क्यूरेटर स्वरूपा घोष शामिल थे।

 महिंद्रा ग्रुप के वाइस प्रेसिडेंट और कल्चरल आउटरीच के हेड –जय शाह ने कहा- मेटा हमेशा से कल्पनाशीलता और रंगमंच की परिवर्तनकारी शक्ति का उत्सव रहा है। इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में आई प्रविष्टियां और कहानियों की विविधता समकालीन भारतीय रंगमंच की जीवंतता को दर्शाती हैं। हमें गर्व है कि हम इन कलाकारों और उनसे जुड़े समुदायों का समर्थन कर रहे हैं और एक ऐसा मंच उपलब्ध करा रहे हैं जहां दर्शक प्रेरक कथाओं के माध्यम से अनुभव, चिंतन और संवाद कर सकें।

टीमवर्क आर्ट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर संजॉय के. रॉय ने कहा- हर वर्ष मेटा पूरे भारत से आवाजों को एक साथ लाता है, जहां शास्त्रीय परंपराएं नई और साहसी दृष्टियों से मिलती हैं। 2026 के लिए चुनी गई 10 प्रस्तुतियां असाधारण रचनात्मकता, प्रयोगधर्मिता और साहस का परिचय देती हैं। दिल्ली के दर्शकों के सामने इन कहानियों को प्रस्तुत करना हमारे लिए आनंद की बात है, जिससे रंगमंच को संवाद, चिंतन और सांस्कृतिक विविधता के उत्सव के रूप में अनुभव किया जा सके।

सूरज ढींगरा, फेस्टिवल प्रोड्यूसर, महिंद्रा एक्सीलेंस इन थिएटर अवॉर्ड्स (मेटा): “हर वर्ष मेटा दर्शकों को एक ही शहर में भारतीय रंगमंच की विविधता और व्यापकता का दुर्लभ अनुभव करने का अवसर देता है। इस वर्ष चयनित प्रस्तुतियाँ देश भर से कहानी कहने की अनोखी शैलियों, अभिनय के विविध रूपों और अलग-अलग रंगमंचीय परंपराओं की शानदार झलक पेश करती हैं। हमें दिल्ली में रंगमंच प्रेमियों का स्वागत करने की प्रतीक्षा है, जहाँ एक सप्ताह तक सशक्त प्रस्तुतियों और सार्थक संवादों के माध्यम से मंच की जीवंत परंपरा का उत्सव मनाया जाएगा।

2006 में स्थापित मेटा आज भारत में रंगमंच के सबसे प्रतिष्ठित नामों में से एक बन चुका है, जो नवाचार का उत्सव मनाते हुए देश की अनेक भाषा और सांस्कृतियों में काम कर रहे कलाकारों को मंच प्रदान करता है।

21वें मेटा में कुल 14 श्रेणियों में पुरस्कार दिए जाएंगे, जिनमें लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड और 13 प्रतिस्पर्धी श्रेणियां शामिल हैं, जैसे बेस्ट प्रोडक्शन, बेस्ट डायरेक्टर, बेस्ट स्टेज डिज़ाइन, बेस्ट लाइट डिज़ाइन, बेस्ट साउंड एंड म्यूज़िक डिज़ाइन, बेस्ट कॉस्ट्यूम डिज़ाइन, बेस्ट एक्टर इन ए लीड रोल (मेल और फीमेल), बेस्ट एक्टर इन ए सपोर्टिंग रोल (मेल और फीमेल), बेस्ट ओरिजिनल स्क्रिप्ट, बेस्ट एन्सेम्बल और बेस्ट कोरियोग्राफर।

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