गणतंत्र दिवस पर समर्पण संस्था ने आयोजित की "सामाजिक न्याय और समानता" गोष्ठी
जयपुर । "प्रकृति सबको न्याय व समानता देती है । प्रकृति अमीर गरीब व छोटे बड़े सब प्राणियों की समान रूप से देखभाल करती है । इसी तरह संविधान भी जाति, धर्म, लिंग, वर्ग व आर्थिक आधार पर बिना किसी भेदभाव के सबको समान अवसर मिले यह सुनिश्चित करता है ।” उक्त विचार समर्पण संस्था द्वारा 76 वें गणतंत्र दिवस पर आयोजित “ सामाजिक न्याय व समानता “ विषयक विचार गोष्ठी में मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त आईएएस पी. सी. बेरवाल ने व्यक्त किये । उन्होंने कहा कि हमें अपने अधिकार व कर्तव्यों के प्रति सजग रहना चाहिए ।समाज के शिक्षित वर्ग को संविधान की मूल भावना पर निरन्तर कार्य करना चाहिये ।
कार्यक्रम अध्यक्ष सेवानिवृत्त आईआरएस व पूर्व प्रधान आयकर आयुक्त अनिल कुमार जैन ने कहा कि “ विकसित और शिक्षित समाज में सामाजिक न्याय व समानता की बात बहुत जरूरी है । इसके लिए समाज के प्रबुद्ध लोगों व सामाजिक संस्थाओं को निरन्तर कार्य करना चाहिए ।”समारोह व विचार गोष्ठी में विशिष्ट अतिथि बी. आर. कुलदीप ( सेवानिवृत्त, सहायक आयुक्त, CGST ) आर. के. बैरवा (सेवानिवृत्त सहायक आयुक्त, सेवा शुल्क व केन्द्रीय वस्तु कर विभाग ), मुकेश पौण्डरिक (सेवानिवृत्त वरिष्ठ मंडल प्रबंधक , United India insurance company limited ), जगरूप सिंह ( सेवानिवृत्त ,सहायक अभियंता, दूरदर्शन व सचिव, भारत विकास परिषद ),
इससे पूर्व समर्पण आश्रय केयर भवन प्रांगण में मुख्य अतिथि पी सी बेरवाल ने अन्य पदाधिकारियों के साथ झंडा फहराया। तत्पश्चात विचार गोष्ठी की शुरुआत समर्पण प्रार्थना से की गई जिसे संस्था के कोषाध्यक्ष रामवतार नागरवाल व आर्किटेक्ट अंजली माल्या और सुवज्ञा माल्या ने प्रस्तुत किया। संस्था के संस्थापक अध्यक्ष आर्किटेक्ट डॉ. दौलत राम माल्या ने अपने भाषण में संस्था के सिद्धांत व कार्यक्रमों की विस्तृत व्याख्या करते हुए अपने विचार व्यक्त किये।वक्ता डॉ. एम. एल. परिहार ने बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर के संविधान सभा में दिये भाषण के अंशों की व्याख्या करते कहा कि संविधान चाहे कितना भी अच्छा हो लेकिन उसे लागू करने वाले लोगों की नीयत अच्छी होगी तभी सही मायनों में इसकी सार्थकता होगी । संविधान लागू होने के 75 वर्ष बाद भी धर्म व जाति के आधार पर भेदभाव चरम पर है यह बेहद दुखद व सोचनीय विषय है । इसके लिए सामूहिक प्रयास करने की जरूरत है सामाजिक न्याय और समानता को हर वर्ग के लिए कायम करना ही मानव समाज के उत्थान की सीढ़ी है । कार्यक्रम में नम्रता व शानवी और रमेश कुमार द्वारा देश भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी गई । विशिष्ट अतिथि श्रीदास गोपाल शरण महाराज, खाद्य विभाग के सेवानिवृत उपायुक्त उम्मेद सिंह पुनिया ने भी अपने विचार व्यक्त किये ।
कार्यक्रम अध्यक्ष सेवानिवृत्त आईआरएस व पूर्व प्रधान आयकर आयुक्त अनिल कुमार जैन ने कहा कि “ विकसित और शिक्षित समाज में सामाजिक न्याय व समानता की बात बहुत जरूरी है । इसके लिए समाज के प्रबुद्ध लोगों व सामाजिक संस्थाओं को निरन्तर कार्य करना चाहिए ।”समारोह व विचार गोष्ठी में विशिष्ट अतिथि बी. आर. कुलदीप ( सेवानिवृत्त, सहायक आयुक्त, CGST ) आर. के. बैरवा (सेवानिवृत्त सहायक आयुक्त, सेवा शुल्क व केन्द्रीय वस्तु कर विभाग ), मुकेश पौण्डरिक (सेवानिवृत्त वरिष्ठ मंडल प्रबंधक , United India insurance company limited ), जगरूप सिंह ( सेवानिवृत्त ,सहायक अभियंता, दूरदर्शन व सचिव, भारत विकास परिषद ),
कमल लोचन ( संस्थापक, राजस्थान जन मंच ट्रस्ट ),आर्किटेक्ट मंयक कुमार शर्मा ( Arbour Consultants) , सुमन शर्मा ( Interior Designer) , सुरेश निकोचिया ( Director, Airiffic Solutions Pvt. Ltd. ), मदन लाल वर्मा ( भवन निर्माता , प्रोपराइटर कृष्णा कन्स्ट्रक्शन कम्पनी ), मुकेश पूनिया (प्रबन्धक ,वंडर सीमेन्ट लिमिटेड ), शिम्पी रंधावा (संस्थापिका, एस.आर. सामाजिक संगठन एवं सामाजिक कार्यकर्ता) लाल चन्द मुरारिया ( मुरारिया बिल्डर्स एण्ड कॉन्ट्रैक्टर), गुलाब चन्द कुमावत ( ख़ुशी इन्वेस्टमेंट ) भी उपस्थित रहे । मंच संचालन एडवोकेट नरेन्द्र कुमार गजुआ ने किया ।कार्यक्रम में संस्था सदस्यों के अलावा अनेक गणमान्य व समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने प्रमुखता से भाग लिया।

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