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ईद मिलन एवं सैफी सम्मान समारोह में दिखी एकता की मिसाल,संस्थाओं को किया गया सम्मानित

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0 इरफ़ान राही 0 नई दिल्ली। बेस्ट सैफी डे कमेटी (रजि०) के तत्वावधान में इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर, लोधी रोड पर आयोजित “ईद मिलन एवं सैफी सम्मान समारोह” में सामाजिक एकता, शिक्षा और भाईचारे की अनूठी मिसाल देखने को मिली। कार्यक्रम में दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों से आए अतिथियों, समाजसेवियों और बुद्धिजीवियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का शुभारंभ सफ़दर रियाज़ सैफी (जदीद फाउंडेशन) की तिलावत-ए-कुरआन से हुआ, जबकि शादाब सैदपुरी सैफी (दिल्ली) ने नात-ए-शरीफ पेश कर माहौल को रूहानी बना दिया। सैफी उर्दू सेंटर, द्वारका के बच्चों द्वारा प्रस्तुत राष्ट्रीय गान ने समारोह में देशभक्ति का रंग भर दिया। इरफ़ान राही ने सैफी सरनेम के बानी व बुजुर्गों सहित तमाम मरहूमीन के लिए ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश किया। वहीं मुफ्ती फ़हीम सैफी (कांधला) ने विशेष दुआ कर देश में अमन-चैन और तरक्की की कामना की। बेस्ट सैफी डे कमेटी के सदर कल्लू खान सैफी ने इस्तकबालिया भाषण में मेहमानों का स्वागत करते हुए समाज सेवा को सर्वोपरि बताया। निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को सफदर रियाज़ सैफी ने सम्मानित किया। एडवोकेट मोहम्मद सलीम सैफी (...

नवीनीकृत जनोपयोगी भवन, “दी ज्वैल्स” का लोकार्पण

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० आशा पटेल ०  जयपुर। नवीनीकृत जनउपयोगी भवन "दी ज्वैल्स " का लोकार्पण मुख्य अतिथि निर्मल बरड़िया व उद्घाटनकर्ता नरेंद्र कुमार लुणावत की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। अध्यक्ष आलोक सौंखिया ने पूर्व के जौहरियों का उल्लेख करते हुए भवन की प्रसंगिकता एवं सार्थकता के बारे में बताया। समारोह में पूर्व के अध्यक्ष, नवीनीकरण में 66 सहयोगकर्ता व जयपुर के अनेक जौहरीगण उपस्थित रहे।। मानद सचिव नीरज लूणावत ने बताया कि ज्वैलर्स एसोसिएशन के इस भवन का इतिहास बहुत पुराना है । 60के दशक के उस दौर में इस भवन के सामने mental हॉस्पिटल था पर उसमें आने वाले मरीजों के परिजनों के ठहरने की आस पास में कोई व्यवस्था नहीं थी, उस समय की ज्वेलर्स एसोसिएशन कमेटी में इस विषय को लेकर चर्चा हुई और mental हॉस्पिटल के सामने एक ऐसा बहु जन उपयोगी भवन बनाने का विचार किया गया जो mental हॉस्पिटल के मरीज़ो के परिजनों के रुकने के काम आ सके व साथ ही साथ हमारे ज्वेलर्स बंधुओं के भी विभिन्न अवसरों पर काम आ सके । उस समय ज्वेलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष लक्ष्मी कुमार कासलीवाल थे और सिरहमल नवलखा उस समय UIT में प्रतिनिधि थे , सरदारमल सां...

जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी में बना इतिहास : 30 फीट लंबा और 200 किलो वज़नी वालनट बनाना ब्रेड

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० आशा पटेल ०  जयपुर। शैक्षणिक संस्थान जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी ने एक उपलब्धि हासिल करते हुए “सबसे लंबा और सबसे भारी वालनट बनाना ब्रेड” तैयार कर एक कीर्तिमान स्थापित करने का प्रयास किया। विश्वविद्यालय के सेंट्रल लॉन में आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल एक रिकॉर्ड बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का भी उदाहरण प्रस्तुत किया। इस प्रयास में लगभग 30 फीट लंबा और 200 किलोग्राम वज़नी वालनट बनाना ब्रेड तैयार किया गया। इसे बनाने में अखरोट (वालनट), पके हुए केले, आटा और अन्य सामग्री का उपयोग करते हुए छात्रों और शेफ टीम ने सामूहिक प्रयास और पेशेवर कौशल का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट विक्टर गंभीर, रजिस्ट्रार एस.एल. अग्रवाल, हेड डिजिटल स्ट्रेटेजीज़ धिमंत अग्रवाल, डायरेक्टर पीपल एंड कल्चर श्रीमती ध्रुवी अग्रवाल, तथा डायरेक्टर अर्पित अग्रवाल ने छात्रों के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे नवाचार और उत्कृष्टता का प्रतीक बताया। कार्यक्रम के संचालन में स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी की टीम का विशेष योगदान रहा। डीन डॉ. मनीष श्रीवास्तव, एचओडी डॉ. अ...

राष्ट्र और समाज की प्रगति में कायस्थों ने दी सही दिशा : डॉ. प्रेम कुमार

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० योगेश भट्ट ०  पटना। ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस के तत्वावधान में पटना में आयोजित महादेवी वर्मा सम्मान समारोह ने सामाजिक, बौद्धिक और सांस्कृतिक एकजुटता का उदाहरण प्रस्तुत किया। देश ही नहीं अन्य देशों से आए प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया। इस समारोह में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ.प्रेम कुमार, बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार, रामकृपाल यादव, पूर्व केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद , पूर्व मंत्री श्याम रजक, ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद, जीकेसी की प्रबंध न्यासी रागिनी रंजन, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता कमल किशोर एवं समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल हुए ।  डॉ. प्रेम कुमार ने कायस्थ समाज की ऐतिहासिक भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि संख्या में कम होने के बावजूद इस समाज ने राष्ट्र और समाज की प्रगति में अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कायस्थ समाज के ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह समाज सदियों से शिक्षा, प्रशासन और बौद्धिक नेतृत्...