जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी में बना इतिहास : 30 फीट लंबा और 200 किलो वज़नी वालनट बनाना ब्रेड

० आशा पटेल ० 
जयपुर। शैक्षणिक संस्थान जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी ने एक उपलब्धि हासिल करते हुए “सबसे लंबा और सबसे भारी वालनट बनाना ब्रेड” तैयार कर एक कीर्तिमान स्थापित करने का प्रयास किया। विश्वविद्यालय के सेंट्रल लॉन में आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल एक रिकॉर्ड बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का भी उदाहरण प्रस्तुत किया।
इस प्रयास में लगभग 30 फीट लंबा और 200 किलोग्राम वज़नी वालनट बनाना ब्रेड तैयार किया गया। इसे बनाने में अखरोट (वालनट), पके हुए केले, आटा और अन्य सामग्री का उपयोग करते हुए छात्रों और शेफ टीम ने सामूहिक प्रयास और पेशेवर कौशल का प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट विक्टर गंभीर, रजिस्ट्रार एस.एल. अग्रवाल, हेड डिजिटल स्ट्रेटेजीज़ धिमंत अग्रवाल, डायरेक्टर पीपल एंड कल्चर श्रीमती ध्रुवी अग्रवाल, तथा डायरेक्टर अर्पित अग्रवाल ने छात्रों के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे नवाचार और उत्कृष्टता का प्रतीक बताया।
कार्यक्रम के संचालन में स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी की टीम का विशेष योगदान रहा। डीन डॉ. मनीष श्रीवास्तव, एचओडी डॉ. अंशुल गर्ग, डॉ. मंदीप कुमार, नितेश चितारा तथा विशेषज्ञ शेफ टीम शेफ रिकी, शेफ सोयल और शेफ नीरज के मार्गदर्शन में छात्रों ने इस प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

 विश्वविद्यालय की सामाजिक पहल “जरूरत” (Zarurat) के अंतर्गत जुड़े वंचित एवं जरूरतमंद बच्चों को इस विशाल वालनट बनाना ब्रेड का वितरण किया गया। इस पहल का नेतृत्व “जरूरत” की प्रमुख सपना शर्मा ने किया, जिनके मार्गदर्शन में यह सामाजिक गतिविधि संपन्न हुई।

इस दौरान इंडियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जिन्होंने पूरे आयोजन का निरीक्षण किया और सभी मानकों के अनुसार रिकॉर्ड की पुष्टि की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। यदि यह प्रयास सभी मापदंडों पर खरा उतरता है, तो यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के नाम एक गौरवशाली अध्याय जोड़ देगी।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, होटल इंडस्ट्री के जनरल मैनेजर्स और शिक्षाविदों ने इस पहल को “युवा प्रतिभा, सामाजिक जिम्मेदारी और नवाचार का अद्भुत संगम” बताया।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल छात्रों के कौशल को निखारते हैं, बल्कि उन्हें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने के लिए भी प्रेरित करते हैं। स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी, जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी का यह प्रयास न केवल एक संभावित विश्व रिकॉर्ड की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह इस बात का भी प्रमाण है कि शिक्षा, नवाचार और सामाजिक सरोकार जब एक साथ आते हैं, तो असाधारण उपलब्धियां संभव होती हैं।

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