सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर राजस्थान पुलिस का राज्य स्तरीय जन संवाद
० आशा पटेल ०
जयपुर। सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित द्विवर्षीय राष्ट्रीय कार्यक्रमों के अंतर्गत राजस्थान पुलिस द्वारा “राष्ट्रीय एकता एवं पुलिस कार्यों में जनसहयोग” विषय पर कम्युनिटी पुलिसिंग के घटकों, पुलिस अधिकारियों, पुलिस मित्र, सीएलजी, सुरक्षा सखी एवं ग्राम रक्षको के साथ एक राज्य स्तरीय ऑनलाइन जनसंवाद का आयोजन किया गया।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस कानून-व्यवस्था वी.के. सिंह ने कहा कि कम्युनिटी पुलिसिंग के घटक मेले, त्योहार, जुलूस, शोभायात्रा, धरना एवं प्रदर्शन जैसे आयोजनों में पुलिस के साथ सक्रिय भागीदारी निभा सकते हैं, जिससे शांति, अनुशासन एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण सुनिश्चित किया जा सके। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस यातायात बी.एल. मीणा ने बताया कि आम नागरिक कम्युनिटी पुलिसिंग के माध्यम से यातायात नियमों के पालन, जनजागरूकता, सड़क सुरक्षा अभियानों एवं ट्रैफिक प्रबंधन में पुलिस का सहयोग कर सकते हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सकती है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस सिविल राइट्स, मानवाधिकार एवं कम्युनिटी पुलिसिंग लता मनोज कुमार ने कहा कि कम्युनिटी पुलिसिंग के जरिए जनसभाओं, ग्राम सभाओं एवं सामुदायिक मंचों पर संवाद स्थापित कर कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण, नशा मुक्ति एवं साइबर जागरूकता जैसे विषयों पर प्रभावी कार्य किया जा सकता है। पुलिस और जनता की साझेदारी ही सुरक्षित एवं सशक्त समाज की कुंजी है। आईजी कार्मिक श्रीमती एस. परिमाला ने महिला एवं बाल सुरक्षा पर कहा कि समाज की सक्रिय भागीदारी से महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम संभव है तथा कम्युनिटी पुलिसिंग इस दिशा में एक प्रभावी माध्यम सिद्ध हो रही है।
तकनीकी जागरूकता पर जोर देते हुए आईजी एससीआरबी अजय पाल लांबा और डीआईजी साइबर क्राइम विकास शर्मा ने राजकोप सिटीजन एप की उपयोगिता साझा की। उन्होंने साइबर अपराधों के बढ़ते ट्रेंड्स और उनसे बचने के लिए "क्या करें और क्या न करें" (Do’s and Don’ts) की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार सतर्कता और सही डिजिटल जानकारी से आम नागरिक साइबर ठगी का शिकार होने से बच सकते हैं।
राजस्थान में कम्युनिटी पुलिसिंग के माध्यम से जनभागीदारी ने सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती दी है। राज्यभर में सक्रिय लगभग 2.45 लाख कम्युनिटी पुलिसिंग वालंटियर्स पुलिस मित्र, सीएलजी, ग्राम रक्षक और सुरक्षा सखियां पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध रोकथाम, सामाजिक समरसता एवं जनजागरूकता के कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह सहभागिता पुलिस और जनता के बीच विश्वास का सेतु बनकर प्रदेश को सुरक्षित एवं सशक्त दिशा प्रदान कर रही है।
जयपुर। सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित द्विवर्षीय राष्ट्रीय कार्यक्रमों के अंतर्गत राजस्थान पुलिस द्वारा “राष्ट्रीय एकता एवं पुलिस कार्यों में जनसहयोग” विषय पर कम्युनिटी पुलिसिंग के घटकों, पुलिस अधिकारियों, पुलिस मित्र, सीएलजी, सुरक्षा सखी एवं ग्राम रक्षको के साथ एक राज्य स्तरीय ऑनलाइन जनसंवाद का आयोजन किया गया।
महानिदेशक पुलिस, राजस्थान राजीव शर्मा ने कहा कि सरदार पटेल द्वारा प्रतिपादित राष्ट्रीय एकता का विचार आज भी भारतीय पुलिस व्यवस्था की आधारशिला है। राजस्थान पुलिस द्वारा कम्युनिटी पुलिसिंग के माध्यम से पुलिस और आमजन के बीच विश्वास, सहभागिता एवं सहयोग को निरंतर मजबूत किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश में 2,44,899 कम्युनिटी पुलिसिंग सक्रिय रूप से कार्यरत हैं, जो कानून-व्यवस्था, अपराध रोकथाम एवं सामाजिक समरसता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस कानून-व्यवस्था वी.के. सिंह ने कहा कि कम्युनिटी पुलिसिंग के घटक मेले, त्योहार, जुलूस, शोभायात्रा, धरना एवं प्रदर्शन जैसे आयोजनों में पुलिस के साथ सक्रिय भागीदारी निभा सकते हैं, जिससे शांति, अनुशासन एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण सुनिश्चित किया जा सके। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस यातायात बी.एल. मीणा ने बताया कि आम नागरिक कम्युनिटी पुलिसिंग के माध्यम से यातायात नियमों के पालन, जनजागरूकता, सड़क सुरक्षा अभियानों एवं ट्रैफिक प्रबंधन में पुलिस का सहयोग कर सकते हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सकती है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस सिविल राइट्स, मानवाधिकार एवं कम्युनिटी पुलिसिंग लता मनोज कुमार ने कहा कि कम्युनिटी पुलिसिंग के जरिए जनसभाओं, ग्राम सभाओं एवं सामुदायिक मंचों पर संवाद स्थापित कर कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण, नशा मुक्ति एवं साइबर जागरूकता जैसे विषयों पर प्रभावी कार्य किया जा सकता है। पुलिस और जनता की साझेदारी ही सुरक्षित एवं सशक्त समाज की कुंजी है। आईजी कार्मिक श्रीमती एस. परिमाला ने महिला एवं बाल सुरक्षा पर कहा कि समाज की सक्रिय भागीदारी से महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम संभव है तथा कम्युनिटी पुलिसिंग इस दिशा में एक प्रभावी माध्यम सिद्ध हो रही है।
तकनीकी जागरूकता पर जोर देते हुए आईजी एससीआरबी अजय पाल लांबा और डीआईजी साइबर क्राइम विकास शर्मा ने राजकोप सिटीजन एप की उपयोगिता साझा की। उन्होंने साइबर अपराधों के बढ़ते ट्रेंड्स और उनसे बचने के लिए "क्या करें और क्या न करें" (Do’s and Don’ts) की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार सतर्कता और सही डिजिटल जानकारी से आम नागरिक साइबर ठगी का शिकार होने से बच सकते हैं।
राजस्थान में कम्युनिटी पुलिसिंग के माध्यम से जनभागीदारी ने सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती दी है। राज्यभर में सक्रिय लगभग 2.45 लाख कम्युनिटी पुलिसिंग वालंटियर्स पुलिस मित्र, सीएलजी, ग्राम रक्षक और सुरक्षा सखियां पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध रोकथाम, सामाजिक समरसता एवं जनजागरूकता के कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह सहभागिता पुलिस और जनता के बीच विश्वास का सेतु बनकर प्रदेश को सुरक्षित एवं सशक्त दिशा प्रदान कर रही है।
एएसपी सुनीता मीना ने अपनी संवाद शैली से प्रदेशभर के पुलिस अधिकारियों, युवा समूहों और महिला संगठनों को जोड़े रखा। उन्होंने कम्युनिटी पुलिसिंग की महत्ता को रेखांकित करते हुए वक्ताओं को आमंत्रित किया और चर्चा को राष्ट्रीय एकता के मूल उद्देश्य पर केंद्रित रखा। इस कार्यक्रम में प्रदेशभर के पुलिस अधिकारियों, युवाओं और महिला समूहों ने ऑनलाइन शिरकत की।
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