वामपंथी,अम्बेडकरवादी एव जनवादी संगठनों के साझा मंच ने किया प्रदर्शन

० आशा पटेल ० 
उदयपुर। वामपंथी पार्टियों के संयुक्त आह्वान पर पार्लियामेंट में देश के गृह मंत्री अमित शाह द्वारा अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में देशव्यापी प्रदर्शन के बतौर वामपंथी पार्टियों , अम्बेडकरवादी एवम जनतांत्रिक संगठनों द्वारा जिला कलेक्टर कार्यलय पर अमित शाह का इस्तीफा माँगते हुए जनसभा की गई और अमित शाह का पुतला दहन किया गया। इन पार्टियों एवम संगठनों के कार्यकर्ता कोर्ट चौराहा स्थित बाबा साहेब अंबेडकर की मूर्ति पर माल्यार्पण कर अमित शाह और बीजेपी के ख़िलाफ़ और संविधान बचाने के नारे लगते हुए जिला कलक्टर कार्यालय तक मार्च किया गया और जिला कलक्टर कार्यालय के गेट पर सभा की गई ! 
संबोधित करते हुए कार्यक्रम के संयोजक एवम भाकपा- माले के राज्य सचिव शंकरलाल चौधरी ने कहा की अमित शाह द्वारा राज्य सभा में बाबा साहेब पर की गई अप्पतिजनक टिप्पणी महज जुबान फिसलने का मामला नहीं है बल्कि जानबूझ कर और राजनीती षड्यंत्र के तहत किया गया कृत्य है! यह भाजपा के अंतर्मन में बाबा साहेब और संवधानिक मूल्यों के प्रति उनके मन में गहरे विद्वेष और नफ़रत का प्रश्फुटन है, साथ ही इस तरह की टिप्पणी के ज़रिए बीजेपी और मोदी मंडली की सबसे निकट कॉरपोरेट सेठ अदानी के मुद्दे से सार्वजनिक विमर्श और पार्लियामेंट में बहस को भटकाना भी रहा है! 

यह साबित करता है कि देश में आज मनुवादी और कोरपोरेट ताकतों का फासीवादी निजाम सत्ता पर काबिज है जो मेहनतकश तबको के शोषण और अल्पसंखकों, दलितों -आदिवासियों और महिलाओं के दमन से संचालित है! हमे इनकी पोल खोलते हुए हर स्तर पर प्रतिरोध का मोर्चा खड़ा कर शिकस्त देनी होगी तभी बाबा साहेब का सम्मान और लोकतंत्र की रक्षा हो सकेगी ! लेखिका एवम अम्बेडकरवादी लीडर कुसुम मेघवाल ने कहा कि देश में आज फिर से मनुवाद लादने का एजेंडा चलाया जा रहा है, जिसमें बाबा साहेब अंबेडकर के समता, न्याय और भाईचारे के संवैधैंक मूल्य इन ताक़तो के आड़े आ रहे हैं इसलिए बाबा साहेब के सम्मान पर हमला किया जा रहा है जिसको देश की जनता कत्तयी बर्दाश्त नहीं करेगी!

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव कामरेड राजेश सिंघवी ने कहा कि भाजपा अपना एजेंडा लागू करने के लिए ना केवल डॉ अंबेडकर जैसे सम्मानित नेताओं का अपमान कर रही बल्कि चुनाव प्रक्रिया नियमों में बदलाव कर अपारदर्शी हथकंडों से चुनाव जीतने का रास्ता खोलने की कौशिश में है क्योंकि अब जानता उनके खिलाफ खड़ी हो रही है! अंबेडकरवादी जनक्रांति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र सालवी ने कहा कि बीजेपी के निशाने पर नेहरू गांधी के बाद अब बाबा साहेब अंबेडकर हैं ,जिनको दिखावे के लिए तो वो नमन करते हैं परंतु उनका दिया आरक्षण इन ताकतों के दिल में शूल की तरह चुभ रहा है!

भाकपा के वरिष्ठ नेता कॉमरेड हिम्मत चांगवाल ने कहा कि बीजेपी शुरू से ही सामंती विचारों वाला संघठन रही है और आज जब वो सत्ता पर काबिज है तो उसका अब तक छिपा एजेंडा सामने आ रहा है! एमसीपीआई (यू) की केंद्रीय कमेटी के सदस्य कामरेड लीला शर्मा ने कहा कि अमित शाह का स्तीफा लेने की बजे प्रधान मंत्री की चुप्पी जानता के आड़े भ्रम तोड़ देती है की बीजेपी बाबा साहेब का नाम केवल सत्ता के लिए लेती है , उनके दिल में बाबा साहेब के लिए कोई सम्मान नहीं है ।

 ऐपवा की राज्य सचिव प्रोफ. फ़रहत बानो ने कहा कि अंबेडकर इस देश की महिलाओं के लिए मसीहा हैं, और उनके द्वारा महिलाओं को दिए गए अधिकारों के चलते ही आज महिलाएं समाज और देश के प्रबंधन के हर और उच्चत्तम स्तर तक पहुंची हैं । बाबा साहेब के सम्मान में किसी भी तरह की गुस्ताखी बर्दश्त नहीं की जाएगी! संविधान संरक्षण समिति के संरक्षक गणेश लाल रायकवाल ने कहा कि आज बाबा साहेब के संविधान और लोकतंत्र पर खतरा मनुवादी ताकतों की और से है यह तो हम जानते हैं परंतु इसका मुकाबला बहुजन समाज की एकता से ही किया जाएगा जिसकी तैयारी बराबर चल रही है! 

संविधान की रक्षा में खड़ा होना और लोकतंत्र को बचाना हमारी जिम्मेदारी है ।भाकपा माले के जिला सचिव कामरेड चंद्रदेव ओला ने कहा की लोकतंत्र पर हमले के ख़िलाफ़ इस लड़ाई को हमे गांव और मोहलो के निचले स्तरों तक ले जाना होगा तभी यह लड़ाई हम जीत पाएंगे! वरिष्ठ अधिवक्ता एवम पीयूसीएल उदयपुर के अध्यक्ष अरुण व्यास ने कहा की एल बीजेपी और उसके संगठन लोकतंत्र और मानवाधिकारों को हिकारत की दृष्टि से देखते रहे हैं और अब सत्ता के बल पर देश पर असंवैधानिक मनु स्मृति थोंप देना चाहते हैं , यह देश इसको कभी बर्दाश्त नहीं करेगा

इस मौके पर प्रमुख अंबेडकरवादी विचारक एवम एवीएनएल के सेवानिवृत मुख्य अभियंता एनएल साल्वी, भाकपा - माले के सौरभ नरुका , एडवोकेट अनिल शर्मा, जयंत, किसान महासभा के प्रोफेसर एल आर पटेल , सीपीएम के जगदीश सालवी,फ़ुटपाथ विक्रेता संघ के मोहम्मद शाहिद, मोहम्मद निजाम, दवा विक्रेता संघ के प्रदीप सिंह एवम ब्रजेन्द्र चौधरी,आप पार्टी के पीयूष जोशी , सीपीआई से घनशाम तावड़ सहित काफ़ी संख्या में जनवादी संगठनों के कार्यकर्ता उपस्थित थे । अंत में एक प्रतिनिधिमंडल ने भारत की राष्ट्रपति के नाम अमित शाह को पद से बरखाश्त करने, चुनाव प्रक्रिया नियमों में किए गए संशोधनों को वापस लेने और एक देश एक चुनाव का बिल वापस लेने की मांगों का ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा गया!

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