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"शक्ति अराधना के लिए नवरात्र अनुष्ठान" 

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सुरेखा शर्मा लेखिका /समीक्षक            देवि  प्रपन्नार्तिहरे प्रसीद प्रसीद  मातर्जगतो अखिलस्य     प्रसीद विश्वेश्वरी पाहि विश्वं  त्वमीश्वरी देवि चराचरस्य।                                                                                                              भारतवर्ष को धर्म प्रधान देश होने के साथ-साथ त्योहारों का देश भी कहें तो कोई अतिशयोक्ति नही होगी । हर मास कोई न कोई पर्व- त्योहार मनाया जाता है । ये त्योहार जनमानस में नई स्फूर्ति व उमंग का संचार करते हैं । हम यह भी जानते हैं कि भारतीय संस्कृति पर पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव तीव्र गति से पड़ता जा रहा है, फिर भी जन साधारण अपनी प्राचीन गौरवमयी संस्कृति में आस्था रखता है । अभी भारतीय संस्कृति के बीज नष्ट ...

त्योहारों के सीज़न के लिए घर की अच्छी तरह सफाई करनी चाहिए

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बसंत का मौसम विकास और फसलों की कटाई का मौसम है; यह नई चीज़ों के विकसित होने का मौसम है। बसंत का मौसम फिर से लौट रहा है, जो अपने साथ पके फल और भरपूर हरियाली लेकर आता है- लेकिन साथ ही धूल और पराग के कण भी लाता है- ऐसे में त्योहारों के इस सीज़न के लिए आपको घर की अच्छी तरह सफाई करनी चाहिए। पहले लोग इस तरह के कामों के लिए अपने दोस्तों और नौकरों की मदद लेते थे, लेकिन आज इन कामों के लिए मदद मिलना मुश्किल होता जा रहा है। दुनिया भर में आज लोग अपने घर की सफाई के लिए स्मार्ट टूल्स पर निर्भर होते चले जा रहे हैं, जिनकी मदद से आप किसी से मदद लिए बिना आसानी से अपने घर की सफाई कर सकते हैं। तो आइए, ऐसे ही एक टूल झाड़ू के बारे में बाते करते हैं। बाज़ार में घास और अन्य सामग्री से बनी कई तरह के झाड़ू उपलब्ध हैं, लेकिन जब सफाई की बात आती है, तो ज़रूरी है कि झाड़ू हर कोने में पहुंच कर अच्छी तरह सफाई करे। सफाई को आसान बनाने के लिए झाड़ू खरीदते समय कुछ विशेष चीज़ों पर ज़रूर ध्यान दें।  क्या आपका झाड़ू हर कोने तक पहुंच सकता है? सबसे पहले इस बात पर ध्यान दें कि झ़ाडू ज़्यादा हिस्सा कवर करे और हर कोने तक पहुंच सके, ताक...

जैविक रोगाणु इन ध्वनियों से नष्ट हो जाते हैं

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आज से लगभग सत्तर बर्ष पहले गांव में महामारी हैजा , चेचक और काला ज्वर हुआ करता था। जो संक्रामक तो होता ही था। हैजा मक्खियों , चेचक मरीज के शरीर से फंगस, छोटी माता भी फंगसिव ही हुआ करती थी। प्लेग पिस्सुओं द्वारा फैला करता था। वास्तव में ये कीटाणु जैविक होते थे और तरह तरह से संक्रमित होते थे।उस समय विक्सनेटर एक टीका लगाता था।जो रोग निरोधक माना जाता था। पुराने जमाने के लोगों केबांयं  हाथ में ये निशान आज भी देखे जा सकते हैं।तीब्र बुखार और टीका पकना अच्छा लक्षण माना जाता था। शेष जीवन रक्षण के लिए वैद्यराज द्वारा लंगन पाचन और आयुर्वेदिक दवाओं का प्रयोग होता था। मुख्य रूप से निमोनिया, टाइफाइड, और मलेरिया का उपचार वैद्य लोग कर लेते थे। संक्रामक रोग असाध्य माने जाते थे। उस समय भी लोग घरों को छोड़कर दूसरे स्थानों में पलायन कर लेते थे, संक्रमित गांवों के रास्ते कांटों से बंद कर दिए जाते थे। उपचारकों को स्वच्छता का ध्यान रखना पड़ता था। मंत्रोच्चारण हवन यज्ञादि का प्रचलन वायु मंडल की शुद्धि और रोग नाशन हेतु किया जाता था। मोदी जी के आह्वान की भांति शंख ताली और थाली बजाने का प्रचलन था। हमारे निकट ...

देश भर में लोगों ने बजाई थाली और ताली

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गूगल असिस्टेंट से संचालित नई आईफैल्कन एआई एंड्रॉइड टीवी

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नई दिल्ली : क्या आप अपने घर के मनोरंजन को अपग्रेड करने का मौका गंवा चुके हैं जो डिजिटल-रेडी और एआई-पावर्ड है? चिंता मत करो! इस साल आईपीएल के शुरू होने से पहले आईफैल्कन प्रत्येक भारतीय घर में एआई- संचालित एंड्रॉइड टीवी की अत्याधुनिक रेंज ला रहा है। भारत के सबसे तेजी से बढ़ते एआई टीवी ब्रांड्स में से आईफैल्कन 19 से 22 मार्च, 2020 तक फ्लिपकार्ट के बिग शॉपिंग डेज़ के दौरान अपने स्टेलर रेंज के उत्पादों पर भारी छूट दे रहा है, ताकि लोगों को बेहतर मनोरंजन सॉल्युशन का लुत्फ उठा सके! आईफैल्कन ने यूजर्स  और आलोचकों का दिल जीता है। टाइम्स ऑफ इंडिया गैजेट्स नाउ अवार्ड्स 2019 में प्रतिष्ठित जूरी चॉइस टेलीविज़न ऑफ द ईयर अवार्ड जीता है। लगातार कुछ नया करने के लिए प्रयासरत  आईफैल्कन की एआई-पावर्ड प्रोडक्ट्स की नई रेंज, एफ2ए और के31 रेंज पर  68% तक की भारी छूट उपलब्ध होगी। इस अनूठी सेल पर अपने विचार साझा करते हुए टीसीएल इलेक्ट्रॉनिक्स के महाप्रबंधक माइक चेन ने कहा, “टीसीएल के आईफैल्कन ब्रांड का फोकस भारतीय युवाओं को हाई-एंड मनोरंजन टेक्नोलॉजी देने पर है। हमारे प्रोडक्ट लगातार इनोवेशन कर र...

कोरोना वाइरस एक अभिशाप

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सुषमा भंडारी कोरोना अभिशाप है कैसे होगा दूर। महामारी का रूप ले  मद में है ये चूर।। आया यह विदेश से  करना होगा दूर । छूने से परहेज कर  जायेगा जरूर।। त्रसित दुनिया हो रही कर- कर सभी उपाय। छींकों और खांसी से  ये विषाणु फैलाय।। स्कूल ,ऑफिस बंद हैं  कॉलेज भी खामोश। घर तक सीमित हो गये नहीं किसी का दोष।। तन्त्र- मन्त्र सब क्या करें दिन- दिन हुये हताश। मचा रहा उत्पात ये विचलित है उल्लास।। हाथ जोड़ प्रणाम हो स्वच्छ सदा हों हाथ। संग हो सेनेटाइजर  सुख की हो प्रभात।। रखना दूरी भीड़ से कोरोना की मांग। वरना कोरोना कहे तुझको, मुझको रॉंग।।

कोरोना का वायरस रूप हुआ विकराल

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सुषमा भंडारी बीमारी घर द्वार में कहीं फैल न जाय। कोरोना के वायरस तुझ से सब घबराय।।  कोरोना का वायरस रूप हुआ विकराल। छूने से यह फैलता बनकर आता काल।। खाँसी छींक जुकाम अब  धर कोरोना नाम। हूं भयंकर वायरस घर - घर दे पैगाम। । श्वसन तंत्र को फेल कर मृत्यु लाता पास। विचलित मानव सभ्यता गुम सारा उल्लास।। घबराया संसार है कोरोना है काल। फैला पूरे विश्व में कैसा ये जंजाल। ठप्प हो गये काम सब स्कूल कॉलेज बंद। औंधे मुंह शेयर गिरे अर्थव्यवस्था मंद। । साबुन पानी है दवा  और न कुछ ईलाज । सेनेटाजर में छिपा अब जीवन का राज।।

जहाँ अनेक फिल्मों की हुई है शूटिंग

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बच्चों को दे कोरोना वायरस से बचने की टिप्स

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  नई दिल्ली : आज कल पूरा देश ख़तरनाक कोरोना वायरस से लड़ रहा है, हर कोई अपने चेहरे पर मास्क लगाकर घूम रहा है। अधिकतर कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को घर से काम करने अनुमति दी, बाजार बंद कर दिए गए, सिनेमाघर बंद हैं, साप्ताहिक बाजार बंद हैं, स्कूल और कॉलेज बंद हैं, लोग थोक में किराने का सामान खरीद रहे हैं, यहाँ तक ​​कि संसद भी कोरोना वायरस के डर से 31 मार्च, 2020 तक बंद है। भारत में कोरोना वायरस के कुल 194 मामले पाए गए हैं और इस ख़तरनाक वायरस के कारण 3 लोगों की मौत हुई है। कोरोना को फैलने से रोकने के लिए सरकार सख्त कदम उठा रही है। प्रत्येक नागरिक को कोरोना वायरस के बारे में बताया जाता है क्योंकि सरकार ने घोषणा की है कि अगर ये उपाय काम नहीं करते हैं, तो देश को लॉक डाउन स्थिति का सामना करना पड़ेगा। वायरस के खतरे से बचने लिए बड़े तथा समझदार लोग तो उससे बचने के लिए सावधानी बरतेंगे लेकिन  उन बच्चों के बारे में क्या जिन्हे ये तक नहीं पता की  वायरस से उन्हें कितना खतरा है। माँ बाप अपने बच्चो को समझानें  पहले अध्यापक होते है लेकिन क्योकि बच्चे अपना ज़्यादातर समय स्कूल में बिताते...

कोरोना वायरस के कारण अपने बिज़नेस में कोई प्रभाव देखने को नहीं मिला है-विनीत अग्रवाल

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सात सत्रों तक लगातार गिरने के बाद पिछले दो दिनों में शेयर बाजार ने थोड़ा ठहराव देखने को मिला है। लेकिन इस संक्रमण के विस्तार के कारण बाजार में अस्थिरता देखने को मिली है एंजेल   ब्रोकिंग   में   चीफ   फाइनेंशियल   ऑफिसर   विनीत   अग्रवाल   ने   कोरोना   वायरस   के   प्रकोप   के   कारण   उनके   बिज़नेस   पर   होने   वाले   असर   और   कंपनी   के   ग्रोथ   की   संभावनाओं   पर   चर्चा   की एंजेल ब्रोकिंग एक मुंबई हेडक्वार्टर आधारित ब्रोकरेज है, जो ब्रोकिंग व एडवाइजरी सर्विसेस, मार्जिन फंडिंग, और शेयर के बदले ऋण मुहैया कराती है। प्रश्न : कोरोना वायरस के विस्तार का आपके बिज़नेस पर क्या असर पड़ेगा? बाजार में काफी बिकवली देखने को मिली है... विनीत   अग्रवाल :  हमें अभी तक कोरोना वायरस के कारण अपने बिज़नेस म...