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जयपुर : जवाहर कला केंद्र पंचतत्व उत्सव का आगाज

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० अशोक चतुर्वेदी ०  जयपुरः जवाहर कला केंद्र का कृष्णायन सभागार कथक व लोक नृत्य प्रस्तुति के मनमोहक संगम का गवाह बना। पंचतत्व उत्सव के तहत आयोजित मरुधरा कार्यक्रम, कला-संस्कृति विभाग, जवाहर कला केंद्र एवं ओरियन ग्रीन्स जयपुर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ नृत्य गुरु अनिता ओरडिया के निर्देशन में किंकिंणी ग्रुप की नृत्यांगनाओं ने समां बांधा।राजस्थान राज्य मेला प्राधिकरण के उपाध्यक्ष रमेश बोराणा, राजस्थान संगीत नाटक अकादमी, जोधपुर की अध्यक्षा बिनाका जेश मालू ने पंचतत्व उत्सव का उद्घाटन किया। धरती वंदन कर तीन ताल में शुद्ध कथक के साथ नृत्यांगनाओं ने प्रस्तुति की शुरुआत की। इसके बाद अमीर खुसरो की रचना ‘सकल बन’ पर कथक कर प्रकृति के सौंदर्य का वर्णन किया गया। इनमें दर्शिता बायदवाल, वृष्टि शर्मा, आकृति गुप्ता व अन्य शामिल रहीं। इसके बाद धरमी बाई, सीमा व निरमा ने लोक नृत्य की छटा बिखेरी। उन्होंने घूमर, तेरहताली, भवाई व चरी नृत्य पेश कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। अनवर खान ने खड़ताल और किशन भाट ने ढोकल पर संगत की। उदयपुर के ईश्वर माथुर ने संगीत संयोजक की भूमिका निभाई।

स्टडी ऑस्ट्रेलिया शो ने छात्रों, शिक्षा जगत के मार्गदर्शकों और ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों को एक मंच पर लाया

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० संवाददाता द्वारा ०  जयपुर : ऑस्ट्रेलियन ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट कमीशन (ऑस्ट्रेलियाई सरकार की एजेंसी) द्वारा मंगलवार को जयपुर में आयोजित स्टडी ऑस्ट्रेलिया रोड शो में छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा जगत के मार्गदर्शकों ने अच्छी संख्या में भाग लिया। इस शो में भारतीय छात्रों के वैश्विक कॅरियर को आकार देने हेतु डिज़ाइन की गई ऑस्ट्रेलियाई सरकार की पहलों पर प्रकाश डाला गया। इस आयोजन के जरिए छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा जगत के अग्रणियों को 26 से अधिक ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करने का अवसर प्राप्त हुआ।  इस कार्यक्रम ने शिक्षा में ऑस्ट्रेलिया की उत्कृष्टता को प्रदर्शित की और छात्रों, अभिभावकों, शिक्षा सलाहकारों एवं संस्थानों के प्रमुखों की भागीदारी को सुगम बनाया। इसमें उन प्रमुख पहलुओं को भी शामिल किया गया जिनके बारे में छात्रों को ऑस्ट्रेलिया में अध्ययन करने का निर्णय लेने से पहले अवश्य विचार करना चाहिए। छात्रों को यह तय करने में मदद करने के लिए कि उनके लिए कौन सा कोर्स सबसे अच्छा है, आयोजन स्थल पर कॅरियर मैचर स्क्रीन मौजूद थी - इस टूल ने छात्रों को उनकी ...

गढ़वाली फिल्म "थोकदार" 24 सितंबर को गढ़वाल भवन दिल्ली में दिखाई जाएगी

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० योगेश भट्ट ०  नयी दिल्ली -सुपरहिट गढ़वाली फीचर फिल्म थोकदार देहरादून कोटद्वार और ऋषिकेश में धूम मचाने के बाद 24 सितंबर को पंचकुइयां रोड झंडेवालान मेट्रो स्टेशन के पास गढ़वाल भवन दिल्ली में तीन शो में दिखाई जाएगी... पहला शो 11:00 बजे दूसरा 2:00 बजे और तीसरा शाम 5:00 बजे शुरू होगा...उत्तराखंडी सितारों से सजी इस फिल्म में राजेश मालगुडी थोकदार के दमदार किरदार में नजर आएंगे... हीरो रणवीर चौहान, हीरोइन शिवानी भंडारी और शालिनी सुंद्रियाल हैं....  और साथ ही पहली बार बड़े पर्दे पर विलेन के रूप में नजर आएंगे उत्तराखंड के चर्चित अभिनेता पन्नू गुसाईं...फिल्म के गीतकार हैं स्वर्गीय जीत सिंह नेगी, जितेंद्र पवार, देबू रावत और मुकेश कठैत...गीतों को स्वर दिए हैं मधु वेरिया साह मीना राणा लेखराज भंडारी ममता रावत और आदिति नेगी ने... संगीत से सजाया है वीरेंद्र नेगी राही नेइस फिल्म की शूटिंग मसूरी, थत्यूड़, धनोल्टी और देहरादून में हुई...फिल्म की निर्मात्री हैं ममता रावत और सुशीला रावत...और लेखक निर्देशक हैं देबू रावत

मूविन ने अपना नेटवर्क 28 शहरों तक बढ़ाया, मुंबई में नया हब शुरू

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0 योगेश भट्ट ०  नई दिल्ली : यूपीएस और इंटरग्लोबल एंटरप्राईज़ेस के बीच संयुक्त उपक्रम के साथ इस साल मई में लॉन्च किए गए लॉजिस्टिक्स ब्रांड, मूविन ने टियर 1 और टियर 2 बाजारों में 28 शहरों तक अपने नेटवर्क का विस्तार करने की घोषणा की है। इस सामरिक विस्तार के तहत, मूविन देश में अपने हब्स की स्थापना भी करता जा रहा है, जिसमें से सबसे नया हब भिवांडी, महाराष्ट्र में स्थापित किया गया है। मूविन 2023 की पहली तिमाही तक और ज्यादा क्षेत्रीय केंद्र शुरू करने की अपनी कार्ययोजना के तहत 10 और हब्स विकसित करने की योजना बना रहा है। इससे इसकी प्रस्तुतियों का विस्तार होगा और बी2बी लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में लगातार बढ़ते अवसर का लाभ उठाने की इसकी क्षमता बढ़ेगी।  ऑपरेशंस के इस विस्तार के द्वारा टेक्नॉलॉजी के इनोवेशंस के साथ मूविन की एंड-ऑफ-डे एवं स्टैंडर्ड प्रीमियम डिलीवरी सेवाएं 2000 से ज्यादा पिनकोड्स में बी2बी ग्राहकों को सेवाएं प्रदान करने में समर्थ बनेंगी। मूविन की अद्वितीय प्रस्तुतियों में पूरे देश में पूर्णतः अनुमानयुक्त, दिन एवं समयबद्ध सेवाएं शामिल हैं। इसका तेजी से बढ़ता हुआ हवाई और ऑनग्राउ...

दिल्ली सरकार द्वारा एससी एसटी ओबीसी और अल्पसंख्यक के लिए मुफ्त कोर्स

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० संवाददाता द्वारा ०  नयी दिल्ली - दिल्ली सरकार द्वारा  मुस्लिम बच्चों के लिए एक सुनहरा मौका है कि वह 5 कोर्स में से कोई एक कोर्स करके अपना उज्जवल भविष्य बना सकते हैं ।  इस कॉलेज में द्वारका सेक्टर 10 में शानदार बिल्डिंग कॉलेज हमारे बच्चों को इतने आलीशान कॉलेज में सीखने को बिल्कुल मुफ्त मिल रहा है। कालेज के लेक्चरर मनोज यादव ने इन कोर्सों के बारे में विस्तार से बताया और समझाया उन्होंने कहा कि इन कोर्सों को करने के बाद 80% प्लेसमेंट की गारंटी है और यह सिर्फ और सिर्फ एससी एसटी ओबीसी और अल्पसंख्यक लोगों के लिए है जो 18 साल से 40 साल की उम्र तक के हैं ।  इस कोर्स को करने के बाद वह किसी कंपनी में सरकारी/‌ग़ैर सरकारी नौकरी भी कर सकते हैं या अपना रोज़गार भी शुरू कर सकते हैं ।  यह कोर्स इसी कॉलेज में प्राइवेट ₹ 70-80 हजार रुपए में हो रहा है , लेकिन आपको दिल्ली सरकार आपके लिए सिर्फ इस स्कीम के अंतर्गत मुफ्त करा रही है।

क़ब्रिस्तान में जगह भर जाने के कारण डाबड़ी क़ब्रिस्तान कमेटी द्वारा जनाजे दफनाने पर पाबंदी

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० इरफ़ान राही ०  नई दिल्ली - पश्चिमी दिल्ली के डाबड़ी सीतापुरी स्थित कब्रिस्तान वेलफेयर एसोसिएशन,डाबड़ी कमेटी ने मजबूरन एक सख्त फैसला लेते हुए डाबड़ी कब्रिस्तान के बाहर एक नोटिस चस्पां किया गया है जिसमे लिखी है "एक दर्दमंदाना गुज़ारिश" आप सभी क्षेत्र के मुसलमानों को बड़े ही दुख के साथ सूचित किया जाता है कि आपके छोटे से डाबड़ी क़ब्रिस्तान में खाली जगह ना होने की वजह से क़ब्रिस्तान में बालिग़ लोगों को दफ़नाना कुछ समय के लिए बंद किया गया है ताकि नई क़ब्रों की खुदाई के दौरान निचली सतह की पुरानी क़ब्र में दफ़न मय्यतों को नुक़सान ना पहुंचे और ना ही मय्यतों की बेहुरमती हो।" क़ब्रिस्तान कमेटी के नायब सदर अहमद अली अंसारी ने बताया कि पिछले दिनों जब हमारे बगल के बड़े क़ब्रिस्तान की लगभग 20 वर्षों से देख-रेख करने वाले केयरटेकर जनाब निसार पुत्र इम्तियाज़ अहमद की मौत हुई तो उन्हें भी उस कब्रिस्तान में नहीं दफनाने दिया गया जिबकी वह लगभग 20 वर्षों से क़ब्रिस्तान की सेवा कर रहे थे यह सब डाबड़ी के बड़े कब्रिस्तान की फर्जी कमेटी और कुछ दबंग लोगों ने किया। उन्होंने कहा कि बड़ी मुश्किल से निसा...

ड्राइवर की बेटी ने न्यायाधीश बनकर पूरा किया सपना

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० संवाददाता द्वारा ०  जयपुर :  2020 में एलएलबी के अंतिम पड़ाव से पहले ही आरजेएस प्री परीक्षा के लिए आवेदन कर दिया था लेकिन दिल और दिमाग में तैयारी साक्षात्कार तक की चल रही थी। अपनी तैयारी को मुकाम-दर-मुकाम ले जाते हुए प्री के बाद मुख्य परीक्षा और फिर आखिरकार पहले ही प्रयास में साक्षात्कार स्तर पर भी कामयाबी हासिल की। दृढ़ निश्चय और विश्वास से निरंतर प्रतिदिन कम से कम 4-5 घंटे पढ़ाई करना दिनचर्या का हिस्सा था। इसके अलावा परीक्षा पाठ्यक्रम की तैयारी को व्यवस्थित तरीके से विभाजित कर हिन्दी-इंग्लिश के अध्ययन को विशेष रूप से केंद्र में रखते हुए अपने लेखन स्तर को धार दी। इसके अतिरिक्त कार्तिका ने एमसीक्यू प्रश्नों व टेस्ट सीरीज के निरंतर अध्ययन को भी प्राथमिकता में रखने पर जोर दिया।उत्कर्ष एप के लिए विशेष आभार हाल ही में आरजेएस - 2021 के साक्षात्कार का परिणाम घोषित हुआ जिसने कई अभ्यर्थियों के ही नहीं अपितु उनके परिवार वालों के सपनों को भी पूरा कर उनके चेहरों पर अद्वितीय खुशी की छटा बिखेर दी। सफलता की मुस्कान लिए उन्हीं चेहरों में से एक चेहरा जोधपुर की होनहार बेटी कार्तिका गहलोत का है ज...

आईएचजीएफ-दिल्ली मेला ऑटम'-2022 14 से 18 अक्टूबर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में

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० योगेश भट्ट ० नई दिल्ली - दुनिया के सबसे बड़े हस्तशिल्प मेलों में से एक आईएचजीएफ-दिल्ली मेला का 54 वां संस्करण यानी आईएचजीएफ-दिल्ली मेला ऑटम'2022 इस बार 14-18 अक्टूबर'2022 तक आयोजित किया जाएगा। अपने व्यवसाय को विस्तार देने के लिए मेले से जुड़े सभी हितधारक - प्रतिभागी और आगंतुक इस मेगा सोर्सिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यह मेला 14 से 18 अक्टूबर 2022 तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित होगा। यह मेला विदेशी खरीदारों और सोर्सिंग पेशेवरों के साथ-साथ बड़े घरेलू वॉल्यूम खुदरा खरीदारों के लिए एक बड़े अवसर के तौर पर आयोजित होगा। आईएचजीएफ मेला समिति-हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) ने अपनी बैठक में अवधेश अग्रवाल को आईएचजीएफ दिल्ली मेला ऑटम स्वागत समिति'2022 का अध्यक्ष नामित किया है। अवधेश अग्रवाल, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश के एक प्रमुख हस्तशिल्प निर्यातक हैं। वे पिछले 25 वर्षों से इस व्यवसाय का प्रमुख नाम हैं। वह श्री साई डी आर्ट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और ईपीसीएच की प्रशासन समिति के सह-चयनित सदस्यों में से एक होने के साथ...

14 अक्तूबर को आ रही है ; मोदी जी की बेटी

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० योगेश भट्ट ०  मुंबई : मुंबई में एक बड़े समारोह मे मोदी जी की बेटी का ट्रेलर और गाने लॅंन्च किए गए।‌ यह फिल्म एक अलग तरह की धमाकेदार फिल्म है, जो कि दर्शकों का शुद्ध मनोरंजन तो करेगी ही, साथ ही हमारे पड़ोसी यों को सही संदेश भी देगी। ट्रेलर और गाने देखने के बाद यह समझ आता है कि यह फिल्म की कहानी कश्मीर में हो रही एक फिल्म की शूटिंग से शुरू होती है, जहां पाकिस्तान के फ्लॉप आतंकवादी गलतफहमी से फिल्म की हीरोइन अवनी मोदी का भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बेटी समझकर अपरहण कर लेते है और फिर जो तिकड़मबाजी के साथ भागम भाग का ताना बाना बुना गया ह वह दर्शकों को जरुर गुदगुदा देगा। फिल्म में अवनी मोदी कही भी किसी सलमान खान से कम नहीं लग रही है। क्यूंकि अवनी मोदी ने इस फिल्म की नायिका के साथ साथ एक लेखक और निर्माता की भी जिम्मेदारी संभाली है । अवनी ने इस फिल्म को रोमांचक और धमाकेदार बनाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है, यह हम महसूस कर सकते हैं। वैसे तो इस फिल्म के ट्रेलर लॉन्च पर भाजपा के कई नेताओं के आने की भी खबर थी लेकिन न जाने क्यूं लेकिन यह भाजपाई यहां नही पहुंच पाए। बरहाल वजह कुछ...

पुस्तक : जो कहूंगा सच कहूंगा~वक्त के साथ बदलते मीडिया से साक्षात्कार

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पुस्तक  : जो कहूंगा सच कहूंगा-प्रो. संजय द्विवेदी से संवाद संपादक : डॉ. सौरभ मालवीय, लोकेंद्र सिंह मूल्य : 500 रुपये प्रकाशक : यश पब्लिकेशंस,अंसारी रोड़, दरियागंज,नई दिल्ली मीडिया में हो रहे बदलाव को लेकर संजय द्विवेदी सोचते हैं कि “न्यूज सलेक्शन का अधिकार अब रीडर को दिया जा रहा है। पहले एडिटर तय कर देता था कि आपको क्या पढ़ना है। आज वह समय धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। आज आप तय करते हैं कि आपको कौन-सी न्यूज चाहिए। धीरे-धीरे यह समय ऐसा आएगा, जिसमें पाठक तय करेगा कि किस मीडिया में जाना है।” आरजे ज्योति से कहते हैं, “मीडिया बहुत विकसित हो गया है। आज उसके दो हथियार हैं। पहला है भाषा, जिससे आप कम्युनिकेट करते हैं। जिस भाषा में आपको काम करना है, उस भाषा पर आपकी बहुत अच्छी कमांड होनी चाहिए। दूसरी चीज है टेक्नोलॉजी। जिस व्यवस्था में आपको बढ़ना है, उसमे टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होता है। एक अच्छे जर्नलिस्ट के दो ही आधार होते हैं कि वह अच्छी भाषा सीख जाए और उससे तकनीक का इस्तेमाल करना आ जाए।” वक्त बदल रहा है, मीडिया बदल रहा है, मीडिया तकनीक बदल रही है, मीडिया के पाठक और दर्शक की रुचि, स्थिति और परिस...