जेके लक्ष्मीपत यूनिवर्सिटी में आयोजित ‘आरोहण 3.0’ युवाओं की उद्यमिता को दी नई दिशा
० आशा पटेल ०
जयपुर : एआईसी–जेकेएलयू द्वारा आयोजित प्रमुख स्टार्टअप समिट ‘आरोहण 3.0’ का समापन जेके लक्ष्मीपत यूनिवर्सिटी के कैंपस में हुआ। इस समिट ने युवा उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने में अपनी अहम भूमिका को एक बार फिर मजबूत किया। इस वर्ष समिट का विषय “विकसित भारत 2047: अटल इनक्यूबेशन सेंटर्स द्वारा संचालित युवा उद्यमिता और नवाचार” रहा। इस कार्यक्रम में सरकारी अधिकारी, स्टार्टअप फाउंडर्स, वेंचर कैपिटलिस्ट, कॉरपोरेट लीडर्स, नीति-निर्माता और राजस्थान सहित देशभर से आए सैकड़ों छात्र और उद्यमी शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. विजयशेखर चेल्लाबोइना, वाइस चांसलर, जेके लक्ष्मीपत यूनिवर्सिटी के नेतृत्व में कैंपस विजिट और संवाद से हुई। इस अवसर पर जेके ऑर्गनाइजेशन के प्रेसिडेंट (ग्रुप एचआर) प्रेम सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय और इनक्यूबेशन सेंटर नई पीढ़ी के नवाचारकों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इरेंद्र छाबड़ा, प्रेसिडेंट भरूवा सॉल्यूशंस ने कहा कि युवा उद्यमी भारत को विकसित भारत 2047 बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं और उद्यमिता को देश के विकास का एक मजबूत माध्यम माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब नए स्टार्टअप समाज की समस्याओं का समाधान करते हैं, तो वे देश निर्माण में भी योगदान देते हैं।“आत्मनिर्भर भारत के लिए छात्र स्टार्टअप: स्वदेशी समाधान और वैश्विक प्रतिस्पर्धा” विषय पर एक पैनल चर्चा हुई। इसमें विक्रमजीत सिंह (बजाज जनरल इंश्योरेंस), शाकुन खन्ना (SHRM), अजमेर देशवाल (डिक्सन टेक्नोलॉजीज) और राजेश शर्मा (यूनिकफार्मा) ने अपने विचार साझा किए। समिट में सीएल एजुकेट के फाउंडर-चेयरमैन सत्य नारायणन आर ने “एंटरप्रेन्योरियल माइंडसेट: 30 वर्षों के अनुभव से सीख” विषय पर भाषण दिया। वहीं “द फाउंडर्स प्लेबुक फॉर 2047” नामक फायरसाइड चैट में उद्योग जगत के नेताओं ने भविष्य के स्टार्टअप्स के लिए जरूरी कौशल और सोच के बारे में चर्चा की।कार्यक्रम के दौरान डॉ. दीपान साहू, असिस्टेंट इनोवेशन डायरेक्टर, शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल (AICTE) ने विकसित भारत 2047 रोडमैप पर विशेष सत्र लिया और आने वाले वर्षों में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े कई विशेषज्ञ और मेंटर्स ने पैनल चर्चा, फायरसाइड चैट, क्राउड वेंचर सत्र और डेमो डे में भाग लिया।
जयपुर : एआईसी–जेकेएलयू द्वारा आयोजित प्रमुख स्टार्टअप समिट ‘आरोहण 3.0’ का समापन जेके लक्ष्मीपत यूनिवर्सिटी के कैंपस में हुआ। इस समिट ने युवा उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने में अपनी अहम भूमिका को एक बार फिर मजबूत किया। इस वर्ष समिट का विषय “विकसित भारत 2047: अटल इनक्यूबेशन सेंटर्स द्वारा संचालित युवा उद्यमिता और नवाचार” रहा। इस कार्यक्रम में सरकारी अधिकारी, स्टार्टअप फाउंडर्स, वेंचर कैपिटलिस्ट, कॉरपोरेट लीडर्स, नीति-निर्माता और राजस्थान सहित देशभर से आए सैकड़ों छात्र और उद्यमी शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. विजयशेखर चेल्लाबोइना, वाइस चांसलर, जेके लक्ष्मीपत यूनिवर्सिटी के नेतृत्व में कैंपस विजिट और संवाद से हुई। इस अवसर पर जेके ऑर्गनाइजेशन के प्रेसिडेंट (ग्रुप एचआर) प्रेम सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय और इनक्यूबेशन सेंटर नई पीढ़ी के नवाचारकों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इरेंद्र छाबड़ा, प्रेसिडेंट भरूवा सॉल्यूशंस ने कहा कि युवा उद्यमी भारत को विकसित भारत 2047 बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं और उद्यमिता को देश के विकास का एक मजबूत माध्यम माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब नए स्टार्टअप समाज की समस्याओं का समाधान करते हैं, तो वे देश निर्माण में भी योगदान देते हैं।“आत्मनिर्भर भारत के लिए छात्र स्टार्टअप: स्वदेशी समाधान और वैश्विक प्रतिस्पर्धा” विषय पर एक पैनल चर्चा हुई। इसमें विक्रमजीत सिंह (बजाज जनरल इंश्योरेंस), शाकुन खन्ना (SHRM), अजमेर देशवाल (डिक्सन टेक्नोलॉजीज) और राजेश शर्मा (यूनिकफार्मा) ने अपने विचार साझा किए। समिट में सीएल एजुकेट के फाउंडर-चेयरमैन सत्य नारायणन आर ने “एंटरप्रेन्योरियल माइंडसेट: 30 वर्षों के अनुभव से सीख” विषय पर भाषण दिया। वहीं “द फाउंडर्स प्लेबुक फॉर 2047” नामक फायरसाइड चैट में उद्योग जगत के नेताओं ने भविष्य के स्टार्टअप्स के लिए जरूरी कौशल और सोच के बारे में चर्चा की।कार्यक्रम के दौरान डॉ. दीपान साहू, असिस्टेंट इनोवेशन डायरेक्टर, शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल (AICTE) ने विकसित भारत 2047 रोडमैप पर विशेष सत्र लिया और आने वाले वर्षों में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े कई विशेषज्ञ और मेंटर्स ने पैनल चर्चा, फायरसाइड चैट, क्राउड वेंचर सत्र और डेमो डे में भाग लिया।
इनमें सक्षम गुप्ता, पल्लवी टाक, अंकित जैन, अमित सिंगल, अभिषेक कक्कड़, मल्हार राजीव पोटनिस, सुनीप तिबरेवाल, कृष्ण पाल जादौन, कुनाल जैन, संतोष नायर, सक्षम सक्सेना, अमित श्रीवास्तव, जेरी जोशी, पुनीत मदान और मनोज कुमार अग्रवाल सहित कई प्रमुख नाम शामिल रहे। समिट का समापन “इनक्यूबेशन से स्वतंत्रता तक: कैसे इकोसिस्टम सपोर्ट एक फाउंडर की यात्रा को आकार देता है” विषय पर पैनल चर्चा के साथ हुआ।
इस अवसर पर डॉ. विजयशेखर चेल्लाबोइना, वाइस चांसलर, जेके लक्ष्मीपत यूनिवर्सिटी ने कहा कि आरोहण 3.0 की सफलता विश्वविद्यालय के उस उद्देश्य को मजबूत करती है, जिसमें युवा उद्यमियों को आगे बढ़ाने और नवाचार को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जाता है। वहीं प्रेम सिंह, प्रेसिडेंट (ग्रुप एचआर), जेके ऑर्गनाइजेशन ने कहा कि आरोहण 3.0 ने नए उद्यमियों को अनुभवी मेंटर्स से जोड़ने का सफल मंच प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को अपने विचारों को सफल स्टार्टअप में बदलने के लिए प्रेरित करते हैं।
इस अवसर पर डॉ. विजयशेखर चेल्लाबोइना, वाइस चांसलर, जेके लक्ष्मीपत यूनिवर्सिटी ने कहा कि आरोहण 3.0 की सफलता विश्वविद्यालय के उस उद्देश्य को मजबूत करती है, जिसमें युवा उद्यमियों को आगे बढ़ाने और नवाचार को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जाता है। वहीं प्रेम सिंह, प्रेसिडेंट (ग्रुप एचआर), जेके ऑर्गनाइजेशन ने कहा कि आरोहण 3.0 ने नए उद्यमियों को अनुभवी मेंटर्स से जोड़ने का सफल मंच प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को अपने विचारों को सफल स्टार्टअप में बदलने के लिए प्रेरित करते हैं।
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