आज़मगढ़ :छात्रनेता पर जानलेवा हमले के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग

छात्रनेता ने प्रधान द्वारा पोखरे के पास सामुदायिक शौचालय बनाया जा रहा था तो पर्यवरण के दृष्टि से और जल दूषित होने के खतरे के तहत आवाज़ उठाई तो उनपर जानलेवा हमला किया गया  इतना ही नहीं दबंगों ने उनके घर आकर जानमाल की धमकी दी और थाने जब वे गए तो वहां भी धमकाया. 4 सितंबर की घटना के बाद आज तक मेडिकल नहीं हुआ.



आज़मगढ़ . रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव ने ग्राम प्रधान द्वारा छात्रनेता राजनरायन यादव पर जानलेवा हमले के बाद आज़मगढ़, मुस्तफाबाद स्थित उनके घर पर मुलकात की. मंच ने कहा कि वैज्ञानिक दृष्टि से सोचने और आगामी पंचायत चुनाव को लेकर यह हमला हुआ. मुलाकात में अवधेश यादव और विनोद यादव भी शामिल रहे.


रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव ने कहा कि छात्रनेता राजनरायन यादव गांव के विकास के लिए लगातार लगे हैं और उनपर हमले का यही कारण है. राजनरायन ने न सिर्फ गांव में विद्युतीकरण बल्कि जर्जर पड़े स्कूल को लेकर शासन तक आवाज उठाई जिसके नतीजे में स्कूल का सौंदर्यीकरण हुआ. छात्रनेता ने पिछले दिनों जब प्रधान द्वारा पोखरे के पास सामुदायिक शौचालय बनाया जा रहा था तो पर्यवरण के दृष्टि से और जल दूषित होने के खतरे के तहत आवाज़ उठाई तो उनपर जानलेवा हमला किया गया जिसकी एफआईआर आज तक दर्ज नहीं कि गई. इतना ही नहीं दबंगों ने उनके घर आकर जानमाल की धमकी दी और थाने जब वे गए तो वहां भी धमकाया. 4 सितंबर की घटना के बाद आज तक मेडिकल तक नहीं हुआ. जबकि इस हमले के पहले ही एसडीएम और हमले के बाद पुलिस कप्तान से राजनरायन गुहार लगा चुके थे. न तो एफआईआर दर्ज किया गया और न ही पर्यावरण की दृष्टि से खतरनाक उस काम को रोका गया या जांच की गई.


राजनरायन यादव ने आरोप लगाते हुए बताया कि गांव में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण उस स्थान पर हो रहा है, जहां ग्रामीण हर वर्ष होलिका दहन करते हैं व बगल में सार्वजनिक पोखरा भी है. इस संबंध में उनके द्वारा एसडीएम को ज्ञापन भी दिया गया था, जिसे संज्ञान में लेते हुए उन्होंने मुआयना करने के लिए लेखपाल को भेजा था. उस दौरान लेखपाल ने भी उन्हें मौके पर बुलाया. वे बताते हैं कि लेखपाल और मैं बातचीत कर ही रहे थे कि उसी दौरान प्रधान मुस्तफाबाद अंबिका यादव मेरे साथ गाली-गलौज करने लगे, इस पर मैंने एतराज जताया तो प्रधान ने बांस से मेरे ऊपर जानलेवा हमला कर दिया. प्रधान के हमले से मेरे बाएं और दाएं अंगूठा फैक्चर हो गया. साथ ही मुझे और मेरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी. इस संबंध में उनके द्वारा मेहनगर थाने में प्रार्थना-पत्र दिया गया लेकिन ना ही उनका मेडिकल हुआ न ही रिपोर्ट दर्ज की गई. उनका आरोप है कि एक वर्ष पूर्व भी ग्राम प्रधान द्वारा जान से मारने की धमकी दी गयी थी. पीड़ित ने एसपी से परिवार सहित स्वयं के जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है. साथ ही सार्वजनिक शौचालय निर्माण को तत्काल रोकने की मांग की है.


रिहाई मंच ने छात्रनेता राजनरायन यादव पर जानलेवा हमले के दोषियों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए जांच की मांग की कि किस आधार पर पोखरे के किनारे इस तरह का निर्माण कराया जा रहा और शिकायत के बाद भी उसे रोका नहीं जा रहा.


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