कविता // बा के बिन गांधी नहीं गाँधी बिन न देश



सुषमा भंडारी


दोहे 
सत्य-स्वच्छता से हुआ
बापू तेरा नेह।
चली अहिंसा राह पर
तेरी हल्की देह ।।


बापू के व्यक्तित्व- सा
मिला न कोई और ।
तेरे कारण ही मिली 
स्वदेशी ये ठौर।।


हाथों से धोती बुनी
किया देश का मान ।
खादी के सम्मान से
विश्व हुआ हैरान ।।


पग- पग सिखलाया हमें
राघव राजा राम।
शतकों तक यूँ ही रहे
बापू तेरा नाम।।


राष्ट्रपिता बापू तेरा
जन्मोत्सव है आज।
स्वच्छता ही सेवा सही
किया सदा आगाज।।


जब तक जीवित तुम रहे
रहे सदा अनमोल।
भर स्वदेशी चेतना
दी आजादी घोल।।


सत्य अहिंसा का हमें
सिखलाया था पाठ।
वर्ष हुये हैं डेड़ सौ
स्वच्छ भारत के ठाठ। 


बा के बिन गांधी नहीं
गाँधी बिन न देश।
पाठ अहिंसा का पढा
दिला दिया स्वदेश।।


वर्ष डेढ सौ हो गये
जन्मे दो आदर्श।
आओ मनायें जयन्ती
मिला हमें उत्कर्ष।।


गाँधी और लाल ने 
किया देश का नाम ।
युग दृष्टा युग पुरुष
किये अनोखे काम। ।
सुषमा भंडारी


 


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

IFWJ के पत्रकारों का सिस्टम के विरुद्ध अनिश्चितकालीन धरना

ईद मिलन एवं सैफी सम्मान समारोह में दिखी एकता की मिसाल,संस्थाओं को किया गया सम्मानित

ईद मिलन एवं सैफी सम्मान समारोह 5 अप्रैल को दिल्ली में

स्वर्ण जयंती पर ‘उत्कर्ष’ अनुशासन, शिष्टाचार और उत्कृष्टता का संगम

फोर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट ने सशक्त नारियों में सिलाई मशीन वितरित की

उत्तराखंडी फिल्म “कंडाली” का पोस्टर विमोचन समारोह दिल्ली में होगा आयोजित

असंगठित श्रमिकों के अधिकारों पर राष्ट्रीय मंथन,सामाजिक सुरक्षा को लेकर उठी आवाज

जयपुर बाल महोत्सव में 15 अप्रैल तक कर सकते है फ्री रजिस्ट्रेशन

30+ स्टार्टअप्स,एक विज़न : हेल्थ एक्सचेंज 2026 से हेल्थ इनोवेशन को नई दिशा

आर्च कॉलेज ऑफ डिज़ाइन का 26वाँ स्थापना दिवस : वूमेन शिल्पियों को एक्सीलेंस अवार्ड