डॉ अम्बेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसायटी चुनाव में राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा एडीजे.पुलिस रवि प्रकाश को पद दुरूपयोग को लेकर नोटिस

० आशा पटेल ० 
जयपुर। डॉ. अम्बेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसायटी जयपुर के गत 19 सितम्बर 2022 को कार्यकारणी चुनाव हेतु प्रकाशन किया गया था जिसको लेकर 13 नवम्बर 2022 को चुनाव अधिकारी बी.एल.आर्य के द्वारा असवैधानिक फर्जी मतदान एवं दादागिरी से ए.डी.जे. पुलिस रवि प्रकाश मेहरडा चुनाव जिताने के लिए चुनाव सम्पन्न कराये गये थे. जिसको लेकर ए.डी.जे. रविप्रकाश मेहरडा ने राजकीय सेवा में रहते हुए अपने पद का जमकर दुरूपयोग किया एवं अपने प्रभाव का चुनाव जितने के लिए सभी हथकण्डे अपनाये गये जो कि उनके पावर में आते थे. क्योकि 31 जुलाई तक सदस्यता अभियान की आखरी तिथी थी उससे पूर्व ही रविप्रकाश मेहरडा अपने प्रभाव को दर्शाते हुए

 अपने सभी चेहतो की एक मिटिंग 21जुलाई को बुलाकर अपने आप को निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित कर लिया गया उस बैठक में जिनके द्वारा चुनाव सम्पन्न कराये गये बी.एल.आर्य व अन्य सदस्य व स्वयं रविप्रकाश मेहरडा के ससुर नवीन डांगी उस बैठक में उपस्थित थे सभी लोगों ने अपनी हठधर्मिता से सदस्यता अभियान की तिथी से पूर्व ही अपने आप को निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिया और बाद में अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए रविप्रकाश महेरडा ने पुलिस अधिकारीयों एवं अधिनस्थ कर्मचारियों को मोबाईल करके निर्देषित किया कि आप लोग अपने क्षेत्र में लोगों को अपने प्रभाव का रोब दिखाकर सदस्य बनवाने के लिए कहा एवं सदस्य तय राषि 410/- रूपये भी उन्ही को जमा कराने के लिए कहा गया और साथ में सरकारी वाहनों का भी जमकर दुरूपयोग किया गया.

 ए.डी.जे पुलिस रविप्रकाश मेहरडा द्वारा बाडमेर पदस्थापित नितेष आर्य एडी. एसपी को भी निर्देषित कराकर सदस्य बनवाये गये. साथ ही दौसा में अति. पुलिस अधिक्षक द्वारा पुलिस लाईन में एस.सी. के कर्मचारीयों को इक्ट्ठा करके सदस्य बनने के लिए कहा गया एवं उनको ट्रांसफर करने की धमकी दी गई और एक ही दिन में 102 पुलिस कर्मचारी को सदस्य बनाया गया। जालौर जिले में एडी. एस. पी. श्रीमती अनुकृति उज्जेनिया ने भी रविप्रकाष मेहरडा के कहने से अपने पद का एवं सरकारी वाहनों का जमकर दुरूपोग किया गया एवं डूगंरपुर जिले में डिप्टी रामेष्वर लाल ने भी प्रभावित होकर 40 सदस्य फार्म भरे गये एवं डुगरपुर जिले के कोशाध्यक्ष को इनके द्वारा धमकाया गया

 जोधपुर जिले के एएसआई अमाना राम स्वयं झालाना डूगरी ऑफिस में उपस्थित होकर 651 सदस्यों के सदस्यता षुल्क के रूप में 266910/- रूपये एडीपी पुलिस के प्रभाव के कारण ही अपनी जेब से जमा कराकर गये जोकि सोसायटी के रिकोर्ड में है अषोक रॉयल अपने आप को सीआईडी का अधिकारी बताता है उसने भी 22 जुलाई से 31 जुलाई 2022 के बिच रविप्रकाष मेहरडा के ससुर नवीन डांगी के कहने से 300 से अधिक सदस्यता षुल्क रसीद लेकर गये जिससे साफ जाहिर होता है कि उन्होने अपने पद के प्रभाव का दुरूपयोग किया अषोक राय के द्वारा 30 जुलाई 2022 को 300 रसीदे मय राषि के जमा करवायी गयी मालाखेडा अलवर के एएसआई राकेष मीणा सोसायटी में आकर 41000/- रूपये सदस्यता षुल्क जमा कराया गया

 जबकि इस संस्था में अनुसूचित जाति के अलावा कोई सदस्य बन ही नही सकता है तो किस प्रकार अनुसूचित जन जाति के द्वारा सदस्यता राषि जमा करवायी गयी। मालपुरा एडी.एस.पी. राकेष बैरवा और डिप्टी एस.पी. निवाई ने भी लोगों को डरा-धमकाकर सदस्य बनाये गये इसप्रकार से साफ जाहिर होता है कि एडीपी के द्वारा पद का दुरूपयोग किया गया। बी.एल.आर्य चुनाव अधिकारी द्वारा बिना किसी अधिकृत मतदाता सुची के चुनाव सम्पन्न करा दिये गये जबकि महासचिव, कोशाध्यक्ष द्वारा चुनाव के अन्तिम समय तक यह कहा गया कि हमारे द्वारा किसी प्रकार से कोई मतदाता सूचि नही जारी की गई है और नाही रसीदों को मिलान किया गया है क्योकि सदस्यता में अनुसूचित जन जाति व अन्य वर्ग के सदस्य बन गये है इस कारण से फार्मो की जॉंच की जा रही है

 जिस कारण से मतदाता सूची का अन्तिम प्रकाषन किया गया है एवं चुनाव प्रक्रिया से पूर्व ही भजन लाल रोलन द्वारा संस्था के बैंक खाते में 22.09.2022 को एक पत्र देकर बैंक खाते को बन्द करा दिया गया है तो फिर चुनाव अधिकारी द्वारा किस प्रकार से चुनाव सम्पन्न कराये गये अर्थात चुनावी प्रक्रिया में जो राषि किसके द्वारा दी गई साथ ही चुनाव आवेदन फार्मो के लिए आवेदन रसीद भीफर्जी एवं असवैधानिक रूप से राषि उम्मीद्वारों से लेकर उनका आवेदन लिया गया एवं एक ही दिन दो अलग अलग रसीदे काटी गई साथ ही संस्था की अधिकृत वेवसाईट पर किसी प्रकार से मतदाता सूचि का प्रकाषन नही किया गया जबकि चुनाव अधिकारी ने लिखित में यह दिया कि मतदाता चुनाव सूची को सार्वजनिक वेवसाईट पर अपलोड कर दिया गया है एवं फर्जी तरीके से बेलेट पेपर छपवाये गये एवं चुनाव पोलिंग पार्टी भी फर्जी तरीके से बनाई गई 

क्योकि चुनाव अधिकारीयों को यह पता नही था कि उनके द्वारा चुनाव सम्पन्न करवाये जाने है एवं मतपेटियों को अपने घर ले जाया गया उनकी किसी प्रकार से सुरक्षा के प्रबन्ध नही किये गये। उपरोक्त सभी बिन्दुओं को लेकर एडवोकेट देषराज मेहरा वरिश्ठ उपाध्यक्ष जीवनराम मेघवंषी द्वारा चुनाव पूर्व में राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर में एक जनहित याचिका लगाकर कोर्ट के संज्ञान में चुनाव प्रक्रिया को लाया गया था परन्तु हाईकोर्ट जयपुर की व्यस्तता के कारण चुनाव पूर्व इस रिट पर सुनवाई नही हो पाई थी 

जिसमें कोर्ट से सोसायटी के संविधान के अनुरूप चुनाव कराये जाने की मांग की गयी थी। चुनाव अधिकारी के द्वारा अपनी हठकर्मिता एवं मनमर्जी से दादागिरी से चुनाव सम्पन्न करा दिये गये और चुनाव प्रत्याक्षी अपने पदों को दुरूपयोग करके पदाधिकारी बन गये उसी को लेकर 24.01.2023 को राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधिष इन्द्रजीत सिंह के समक्ष इस याचिका की सुनवाई हुए जिसपर याचिका कर्ता की और से एडवोकेट सुनिल कुमार एवं सोरभ चटर्जी द्वारा पैरवी करते हुए कोर्ट से न्याय मॉंगा गया एवं नवनियुक्ति अध्यक्ष रविप्रकाष मेहरडा व चुनाव अधिकारी बी.एल.आर्य की मनफर्जी को कोर्ट के समक्ष बिन्दुवार रखा गया जिसपर न्यायालय ने संज्ञान लेते हुए रजिस्ट्रार कॉ-आपरेटिव सोसायटी जयपुर एवं पदाधिकारीयों को नोटिस जारी कर 04 सप्ताह में जवाब देने को कहा गया।

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