यूपीएससी में सफलता के लिये परिवेश व भाषा बाधक नहीं : प्रो. डीपी अग्रवाल

० आशा पटेल ० 
जयपुर । सिविल सर्विसेज की तैयारी को लेकर प्रतिभागियों में वर्षों से यह भ्रम की स्थिति रही है कि सफलता के लिए अंग्रेजी माध्यम व बेहतर परिवेश का होना जरूरी है, जबकि ऐसा नहीं है। सच्चाई यह है कि यूपीएससी में सफलता के लिए भाषा एवं परिवेश कभी बाधक नहीं बनती। आज भी यूपीएससी में सफल होने वाले ज्यादातर प्रतिभागी ग्रामीण परिवेश के होते हैं। इसी प्रकार, भाषा ज्ञान प्रकट करने का सिर्फ माध्यम है न कि उसका मापन।
ये बातें यूपीएससी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. डीपी अग्रवाल ने 'सिविल सेवाओं का वर्तमान परिदृश्य : चुनौतियां एवं संभावनाएं' विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में कही। यह सेमिनार जयपुर के मानसरोवर मोहल्ले में स्थित अभियान - 40 (आईएएस) परिसर में आयोजित किया गया। सेमिनार में , बिहार कैडर के आईएएस गिरिवर दयाल सिंह, फाउंडेशन के संस्थापक सह राष्ट्रीय अध्यक्ष बिलास कुमार, जीएसटी के अपर आयुक्त मोना शर्मा, डॉ. निशा शर्मा, पटना विश्वविद्यालय के अतिथि शिक्षक व भूगोल विषय के विशेषज्ञ प्रमोद कुमार, आवड़दान, दीपक कुमार, सेवा निवृत्त आरएएस पदाधिकारी उमेश सिंह तोमर, अभिषेक वर्मा समेत कई गणमान्य लोग शामिल हुए।
 सेमिनार में, यूपीएससी के पूर्व अध्यक्ष ने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं अभिभावकों को प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी। सेमिनार में, ओपेन सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागी चयन प्रक्रिया को लेकर यूपीएससी के पूर्व अध्यक्ष से कई सवाल पूछे। इस मौके पर, बिहार कैडर के 2008 बैच के वरिष्ठ आईएएस पदाधिकारी गिरिवर दयाल सिंह ने कहा कि इस दुनिया मे सिर्फ मुर्दे को जिन्दा नहीं किया जा सकता है, बाकि कुछ भी असम्भव नहीं है।यदि पूरी मेहनत और लगन से की जाए तो सफलता निश्चित रूप से आपकी कदम चूमेगी। 

उन्होंने कहा कि सभी के मस्तिष्क एक ही जैसे ही होते हैं, आपकी सफलता बस इस बात पर निर्भर करती है कि आप अपने समय का उपयोग किस तरह करते हैं। श्री सिंह ने कहा कि बैड लक कुछ नहीं होता। माता पिता अगर साथ हैं तो सब गुड लक है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य को पूरी शिद्दत से पाने के लिए जुट जाइए आप जरूर सफल होंगे। यदि सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो ईमानदारी पूर्वक प्रयास करें।

गौतम बुद्धा ग्रामीण विकास फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह संस्थापक बिलास कुमार ने संस्था के विभिन्न क्षेत्र में किये जा रहे कार्यो का विस्तारपूर्वक उल्लेख किया। उन्होंने घोषणा की कि जयपुर में बहुत जल्दी ही सिविल सर्विसेज की तैयारी करवाने वाले ख्याति प्राप्त कोचिंग के शिक्षकों, विशेषज्ञों, यूपीएससी के टॉपर रहे आईएएस पदाधिकारियों का महासमगम किया जाएगा, जो प्रतिभागियों के लिए एक विशेष अवसर होगा।

 जीबीआरडीएफ द्धारा पिछले 10 वर्षों से शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, मानवाधिकार आदि क्षेत्रों में कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में सिविल सर्विसेज की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं को समुचित तैयारी करवाने एवं मार्गदर्शन के लिए अभियान-40 आईएएस की स्थापना की गई है, जहां ख्याति प्राप्त शिक्षकों द्वारा पढ़ाई करायी जाती है। उसमें भी सबसे अच्छी बात यह है कि विद्यार्थियों पर आने वाले कुल खर्च का 70 प्रतिशत भाग फाउंडेशन की ओर से दिया जाएगा।

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