आयुर्वेदिक ज्ञान का लोहा मनवा रहे लक्ष्मण दास रतन भारद्वाज

० योगेश भट्ट ० 
पिछले कई दशकों से नाड़ी परीक्षण, आयुर्वेद, एक्यूप्रेशर एवं प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से अब तक अनेकों किडनी, लीवर, कैंसर, पैरालिसिस, मिर्गी, डायबिटिज़ और अनेक लाईलाज बिमारियों का ईलाज कर, मरीज़ों को नया जीवन दिया है। नाड़ी परीक्षण का नियम है कि मरीज़ को नाड़ी परीक्षण से पहले 12 घंटे तक ना ही खाना खाना है ना ही पानी की एक बूंद पीना है। चाय या दूध भी नहीं इन्हीं चिकित्सा पद्धतियों का लाभ जन-जन तक पहुंचाने के लिए आयोजन किया गया।

जहां गुरुजी ने आयुर्वेद का बहुमूल्य ज्ञान वहां साझा किया और दावा किया कि जिन रोगों का ईलाज कहीं नहीं है वह उनके पास मौजूद है वो भी बिना किसी साइड इफेक्ट के बिना किया ऑपरेशन के। साथ ही इस दौरान उन्होंने कुछ ऐसे आसान घरेलू नुस्खे भी बताएं जिनका लाभ लोगों को कई बिमारियों से छुटकारा पाने के लिए मिल सकता है  पूरे विश्वभर में अपने आयुर्वेदिक ज्ञान का लोहा मनवा रहे लक्ष्मण दास रतन भारद्वाज का जन्म हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में हुआ। आप पिछले सात दशकों से अपने अमूल्य ज्ञान जैसे नाड़ी परीक्षण, आयुर्वेद, एक्यूप्रेशर और प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से लाखों लोगों के असाध्य से असाध्य रोगों का निवारण करते आ रहे हैं।

 आज मशीनों के माध्यम से जिन रोगों का पता लगाने के लिए मेडिकल साईंस हमसे लाखों रुपये लेती है, उन्हीं रोगों का गुरुजी नाड़ी परीक्षण के द्वारा मात्र 4 से 5 सेकेंड में पता करके बता देते हैं। अपने जीवन के कई वर्ष जंगलों में बिताएं और यही वजह है कि आज उन्हें 10 हज़ार से भी ज्यादा औषधियों का बहुमूल्य ज्ञान प्राप्त है।  तैयार की जाने वाले सभी दवाएं पूर्ण रुप से आयुर्वेदिक होती है और ये दवाईयां सिर्फ और सिर्फ आप के "स्वस्थ-विचार आश्रम" में मरीज को नाड़ी परीक्षण के बाद ही दी जाती हैl यहाँ आए मरीज को पहले ही दिन से 10 से 15 प्रतिशत का आराम भी मिलने लगता है |

गुरुजी का कहना है आयुर्वेद ही एकमात्र ऐसी चिकित्सा पद्धति है जिसके माध्यम से हम जड़ से रोगों को ख़त्म कर सकते हैं। वो भी बिना किसी की ऑपरेशन के और बिना किसी साइड इफेक्ट के। पंडित लक्ष्मण दास रतन भारद्वाज की एक पुस्तक स्वस्थ- विचार "स्वस्थ- तन सुखी जीवन" भी प्रकाशित की जा चुकी है, जिसकी वर्तमान में 10 वॉल्यूम है। इन सभी पुस्तकों में घरेलू उपायों के माध्यम से इलाज के सरल उपाय सुझाए गए हैं। जिसके चलते आज बहुत से लोग घर बैठे अपना और अपनों का ईलाज बेहद ही आसान घरेलू उपायों के माध्यम से कर रहे हैं।

यहीं नहीं, जिस महामारी को लेकर पूरे विश्वभर में हाहाकार मचा हुआ है उस बीमारी पर गुरुजी ने साल 2020 में फरवरी के महीने में ही अपने दर्शकों के साथ ज्ञान साझा किया था जिसमें उन्होंने लहसुन, अदरक प्याज की त्रिवेणी, नींबू का सेवन जैसी कई स्वास्थ्यवर्धक चीजों की जानकारी दी थी जिसके माध्यम से वह अपना और अपने परिवार का बचाव कर सकें। साथ ही आपने इस बीमारी से लड़ने के लिए एक दवा भी तैयार की है जिसको लेकर गुरुजी का दावा है कि अगर उस दवा का सेवन, कोरोना पीड़ित व्यक्ति नियम परहेज के साथ करता है तो वह 24 घंटे में ही पॉजीटिव से नेगेटिव हो सकता है।

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