नीरू छाबड़ा ने 40 वर्ष पूर्व शुरु किया था चांवल पर सूक्ष्म लेखन

० आशा पटेल ० 
जयपुर । जयपुर निवासी नीरु छाबड़ा के चांवल पर सूक्ष्म लेखन की यात्रा के 40 वर्ष पूर्ण हो गए। दुनिया में एक से बढ़कर एक अजूबे हैं उनमें से एक है चांवल पर सूक्ष्म लेखन। आज से 40 साल पहले कलाकार नीरू छाबड़ा ने ऐसा ही कुछ अजूबा पेश किया था। 2 जुलाई 1984 को चावलों से कलात्मक रिश्ता जोड़ने वाली कलाकार नीरू प्रदेश की ही नहीं भारत की एकमात्र महिला कलाकार है जिन्होंने इस अनूठे माध्यम चांवल को अपनी कलात्मक अभिव्यक्ति का माध्यम बनाया । उल्लेखनीय है कि उन्होनें 1984 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को जयपुर यात्रा के समय 72 अक्षर लिखा चावल भेंट किया था।
2 जुलाई को उनकी यात्रा के 40 वर्ष संपन्न हो चले। इन 40 वर्षों में उन्होंने पर्यावरण व पानी के महत्व को दर्शाते हुए अनेक कलाकृतियां बनाई है । 700 चावलों पर लिख "पर्यावरण एक समग्र क्रांति "कृति भी बनाई है । उन्होंने भारत का झंडा, गणतंत्र दिवस पर बनाया। कलाकार नीरू छाबड़ा की मुख्य कलाकृतियां है भक्तामर स्तोत्र, अनेकता में एकता, लोकतंत्र के 50 वर्ष ,गीता सार ,गायत्री मंत्र, णमोकार मंत्र आदि।

नीरू को अबतक राज्य सरकार और केन्द्र सरकार से अनेकों बार पुरुस्कार से नवाजा जा चुका है।
इन पूरे 40 वर्षों में नीरू को अपनें परिवार जनों का पूरा सहयोग मिला। उनके श्वसुर वरिष्ट पत्रकार प्रवीण चंद छाबड़ा का भरपूर आशिर्वाद मिला है। उनके पति प्रदीप छाबड़ा भी उनके इस अभियान में सदैव साथ खड़े रहे।

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