स्वच्छ भारत मिशन के तहत भारत ने दुनिया का सबसे बड़ा अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता अभियान चलाया
० आशा पटेल ०
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता की हानि एवं प्रदूषण जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सर्कुलर इकॉनमी अत्यंत प्रभावी माध्यम है। इस व्यवस्था में अपशिष्ट को रिसाइकिल और रियूज किया जाता है जिससे ऊर्जा की खपत घटती है और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार भी इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाकर मिशन में अग्रणी भूमिका निभा रही है। शर्मा राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 12वें क्षेत्रीय थ्री आर और सर्कुलर इकॉनमी फोरम समारोह को संबोधित कर रहे थे।
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता की हानि एवं प्रदूषण जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सर्कुलर इकॉनमी अत्यंत प्रभावी माध्यम है। इस व्यवस्था में अपशिष्ट को रिसाइकिल और रियूज किया जाता है जिससे ऊर्जा की खपत घटती है और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार भी इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाकर मिशन में अग्रणी भूमिका निभा रही है। शर्मा राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 12वें क्षेत्रीय थ्री आर और सर्कुलर इकॉनमी फोरम समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि राज्य में पर्यावरण प्रबंधन केंद्र की स्थापना की गई है, ताकि कचरा प्रबंधन और रिसाइक्लिंग को ज्यादा प्रभावी तरीके से किया जा सके। साथ ही, ट्रीटेड वॉटर के उपयोग के लिए नई नीति तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री सद्भावना केंद्रों के जरिए नागरिकों को अनुपयोगी वस्तुओं के दान और पुनरुपयोग की सुविधा दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने राजस्थान में कचरा प्रसंस्करण की क्षमता को 21 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर इसके दोगुने से भी ज्यादा यानी करीब 45 लाख मीट्रिक टन करने का लक्ष्य रखा है। वेस्ट-टू-एनर्जी योजनाओं के तहत कंपोस्ट, आरडीएफ, और जैविक उर्वरक उत्पादन पर भी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में एमआरएफ प्लांट्स के जरिए प्लास्टिक और रिसाइकल योग्य सामग्री को अलग कर ई-वेस्ट, बैटरी वेस्ट और खतरनाक कचरे का निस्तारण किया जा रहा है।
शर्मा ने कहा कि पिछले 50 वर्षों में प्राकृतिक संसाधनों का दोहन लगभग 400 प्रतिशत बढ़कर 106 बिलियन टन के आंकड़े को भी पार कर चुका है। चिंता की बात यह है कि इनमें से 90 प्रतिशत से अधिक संसाधन बर्बाद हो जाते हैं और केवल 8.6 प्रतिशत ही वैश्विक अर्थव्यवस्था में वापस आ पाते हैं। यह स्थिति धरती को संकट में डाल रही है और जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता की हानि एवं प्रदूषण जैसी समस्याएं गहराती जा रही हैं। शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने इन समस्याओं के समाधान के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत भारत ने दुनिया का सबसे बड़ा अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता अभियान चलाया है। इसके साथ ही, नगरपालिका ठोस अपशिष्ट, इलेक्ट्रॉनिक कचरा, सौर पैनल और कृषि अपशिष्ट जैसे 11 प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित सर्कुलर इकॉनमी रोडमैप तैयार किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान ने ग्रीन टेक्नोलॉजी और सतत विकास में भी पहल की है। राजस्थान पहला राज्य है जिसने ग्रीन बजट पेश किया है और इसमें 27 हजार 854 करोड़ रुपये ग्रीन परियोजनाओं के लिए निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि 250 करोड़ रुपये के निवेश के साथ सर्कुलर इकॉनमी पार्क और स्वच्छ एवं हरित तकनीक विकास केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सर्कुलर इकॉनमी इंसेंटिव स्कीम लेकर आएगी, जो एमएसएमई और स्टार्टअप्स को 2 करोड़ रुपये तक की सहायता देगी। इसके साथ ही राजस्थान व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी के माध्यम से पुराने वाहनों के निष्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा।
शर्मा ने कहा कि हम शून्य अपशिष्ट समाज का सपना साकार करने के लिए सर्कुलर इकॉनमी एलायंस नेटवर्क की स्थापना के जरिए सरकार, निजी क्षेत्र और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देंगे। केन्द्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि भारत सर्कुलर इकॉनमी के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी भूमिका निभा रहा है। थ्री आर (रिड्यूस, रियूज एवं रिसाइकल) आज की अर्थव्यवस्था की जरूरत और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस फोरम में ‘जयपुर घोषणा पत्र‘ के तहत सी थ्री (सिटीज कोलिशन फॉर सर्कुलरिटीज) के मापदण्डों पर बल दिया जाएगा। इसमें संसाधन कुशल और कम कार्बन उत्सर्जन वाले समाज को बढ़ावा देने में अगले दशक की दिशा निर्धारित की जाएगी।
खट्टर ने कहा कि सिटीज 2.0 एक ऐसी अनूठी पहल है जो इन्टीग्रेटेड वेस्ट मैनेजमेन्ट और जलवायु परिवर्तन की दिशा में कार्यवाही को आगे बढ़ाती है। इसके तहत 14 प्रदेशों के 18 शहरों में समयबद्ध रूप से परियोजनाओं को लागू कर कचरा प्रबंधन संयत्र लगाने, कचरे से खाद, कचरे से ऊर्जा बनाने पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का मानना है कि सर्कुलर इकॉनमी को अपनाते हुए ही कोई भी देश आत्मनिर्भर बन सकता है। केन्द्र सरकार ने पंचामृत लक्ष्य, मिशन लाईफ जैसे अभियानों से जहां अपशिष्ट के रिसाइकिल एवं रिड्यूस को बढ़ावा दिया हैं वहीं इससे नवीकरणीय ऊर्जा को प्रोत्साहन मिल रहा है।
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