आईआईएम रायपुर ने प्रबंधन विकास कार्यक्रम (MDPs) लॉन्च किए

० संवाददाता द्वारा ० 
रायपुर : भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रायपुर, जो #BuildingBusinessOwners के रूप में अपने दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है, जुलाई और अगस्त 2025 के लिए अपने आगामी प्रबंधन विकास कार्यक्रमों (MDPs) की घोषणा के साथ नेतृत्व विकास की अपनी परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। वास्तविक व्यावसायिक प्रासंगिकता, डिजिटल परिवर्तन और नेतृत्व कुशलता पर केंद्रित ये कार्यक्रम ऐसे पेशेवरों के लिए बनाए गए हैं जो आज के बदलते कारोबारी परिदृश्य में रणनीतिक समझ और व्यावहारिक उपकरण प्राप्त करना चाहते हैं।

कार्यक्रम का पाठ्यक्रम मानव संसाधन प्रबंधन, संगठनात्मक व्यवहार और सूचना प्रणालियों जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित होगा, जिसमें व्यापार निर्णयों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नेतृत्व कौशल जैसे उभरते विषय शामिल होंगे। ये दोनों प्रबंधन विकास कार्यक्रम, आईआईएम रायपुर के प्रतिष्ठित संकाय सदस्यों द्वारा संचालित किए जाएंगे, जो अकादमिक गंभीरता और उद्योग की प्रासंगिकता का उत्कृष्ट समन्वय प्रस्तुत करेंगे। हर कार्यक्रम को इस प्रकार डिज़ाइन किया गया है कि वह पेशेवरों और संगठनों की विकसित होती ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक दृष्टिकोण और भविष्य-उन्मुख कौशल प्रदान करे।

आईआईएम रायपुर के निदेशक प्रो. राम कुमार काकानी ने कहा "आज नेतृत्व का अर्थ सभी उत्तर जानना नहीं है, बल्कि वे प्रश्न पूछना है जिनका जवाब कोई एल्गोरिद्म नहीं दे सकता। आईआईएम रायपुर में हमारे प्रबंधन विकास कार्यक्रम उन पेशेवरों के लिए हैं जो केवल अपने कौशल को नहीं, बल्कि अपनी सोच को नया रूप दे रहे हैं। हम केवल व्याख्यान नहीं देते; हम सोच की प्रयोगशालाएं बनाते हैं, जहाँ डेटा, अंतर्दृष्टि और निर्णय एक साथ टकराते हैं। चाहे बात AI को समझने की हो या प्रबंधन की प्रभावशीलता को नए सिरे से परिभाषित करने की हमारा उद्देश्य स्पष्ट है:ऐसे नेताओं को तैयार करना जो बदलाव की प्रतीक्षा नहीं करते, बल्कि उसे दिशा देते हैं।"

ये कार्यक्रम पेशेवरों के लिए एक मूल्यवान मंच प्रदान करते हैं, जहाँ वे अग्रणी शिक्षाविदों के साथ संवाद कर सकते हैं, उद्योग से जुड़ा प्रासंगिक ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं और रणनीतिक सोच विकसित कर सकते हैं।
वास्तविक जीवन की उपयोगिता पर विशेष ज़ोर देते हुए, इन कार्यक्रमों में प्रतिभागियों को व्यावहारिक अनुभव, लाइव केस स्टडी चर्चा और इंटरऐक्टिव सत्रों के माध्यम से सीखने का अवसर मिलेगा जिससे उन्हें ऐसे ठोस निष्कर्ष मिलेंगे जिन्हें वे अपने कार्यस्थल पर तुरंत लागू कर सकें।

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